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Yamuna Nagar News: टोकन मशीनें बंद, मरीज परेशान

Tue, 22 Apr 2025 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 22 Apr 2025 03:08 AM IST
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Token machines are closed, patients are upset
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में होने वाली ओपीडी को पारदर्शी बनाने के लिए सभी डॉक्टरों के केबिन के बाहर पिछले साल टोकन मशीनें लगवाई गई थी। अब दो मशीनों को छोड़ कर सारी बंद पड़ी हैं। इससे अस्पताल में ओपीडी की सारी व्यवस्था बिगड़ गई है।
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मरीजों को पता ही नहीं चलता कि चेकअप के लिए उनका नंबर कब आएगा। ऐसा भी नहीं है कि मशीनें खराब हैं। सारी मशीनें ठीक हैं, लेकिन डॉक्टर इन्हें चलाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे। इन्हें चलाने का काम ज्यादा पेचीदा भी नहीं है। स्विच ऑन करने के बाद अंगुली से केवल एक बटन दबाना होता है ताकि अगला टोकन नंबर बाहर लगी स्क्रीन पर दिख जाए।
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जानकारी के अनुसार जब से 105 करोड़ रुपये से जिला नागरिक अस्पताल का 200 बेड का नया भवन बना है तब से इसमें ओपीडी लगभग दोगुनी हो गई है। अस्पताल में रोजाना औसतन 1500 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। ओपीडी बढ़ने से चेकअप के लिए मरीजों में अक्सर धक्का-मुक्की होती थी। मरीज अक्सर यह आरोप लगाते थे कि वह सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन बाद में आने वालों का चेकअप डॉक्टर ने पहले कर दिया। इसी बात को लेकर ओपीडी के बाहर झगड़े देखने को मिलते थे।
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इसी झंझट को रोकने के लिए गत वर्ष अस्पताल के सभी डॉक्टरों के केबिन में टोकन मशीनें लगाई गई थी। केबिन के बाहर बैठा कर्मचारी सभी पर्चियों पर नंबर लिख देता था। ओपीडी में बैठा डॉक्टर चेकअप के बाद मशीन पर अगला टोकन नंबर डाल देता था जो बाहर लगी डिस्प्ले पर दिखता है।
इससे मरीज को पता चल जाता है कि चेकअप के लिए उसका नंबर कितनी देर बाद आएगा। यह व्यवस्था शुरूआत में तो ठीक रही, लेकिन अब डॉक्टरों ने टोकन मशीनों को उठाकर एक तरफ रख दिया है। अस्पताल में 18 टोकन मशीनें लगी हैं, जिनमें से सोमवार को प्रथम तल पर केवल दो मशीनें ही चलती मिलीं। इनमें भी सुबह सवा 11 बजे एक मशीन में 77 नंबर व दूसरी में केवल एक नंबर टोकन ही दिख रहा था। संवाद
बाकी की मशीनें ऐसी हैं जिन्हें महीनों से ऑन ही नहीं किया जाता। कुछ डॉक्टर ऐसे हैं जो ओपीडी में कम और यहां-वहां ज्यादा रहते हैं। वह सीट पर कब आएंगे इसकी जानकारी किसी को नहीं होती। तब तक उनके केबिन के बाहर चेकअप के लिए मरीजों का धक्का लगा रहता है। मरीज इंतजार करते रहते हैं कि कब डॉक्टर आएंगे और चेकअप के बाद दवाई लिखेंगे।

अस्पताल में दवा लेने आए रामकुमार, सुशील कुमार, कुलविंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में बहुत ज्यादा भीड़ रहती हैं। कई बार तो बाद में मरीज आते हैं और अपना चेकअप पहले करवा कर चले जाते हैं। इससे काफी परेशानी होती है।
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