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Yamuna Nagar News: मंडियों में बढ़ी आवक, गेटपास कटे, सड़कों पर लगे धान के ढेर
Mon, 28 Sep 2026 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:49 AM IST
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जगाधरी अनाजमंडी में सड़क पर लगी धान की ढेरियां। संवाद
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में रविवार को भी धान की तौलाई और खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही। दिनभर धान की तौलाई नहीं हुई। वहीं, रविवार को भी किसानों को आधिकारिक रूप से मंडियों में प्रवेश के लिए गेट पास काटे गए। परंतु इस दौरान पोर्टल की रफ्तार काम में आड़े आई।
पोर्टल धीमा होने के कारण किसानों को गेट पर ही काफी देर इंतजार करना पड़ा। पोर्टल की हालात ऐसी रही कि एक ट्रॉली की एंट्री व फोटो अपलोड में ही सात से आठ मिनट का समय लगा। इससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, जिले की 13 मंडियों में करीब 72,000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है और यह हर दिन बढ़ रही है। परंतु खरीद शुरू नहीं हुई है। धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसान अपनी फसल को तौलने के बाद मंडियों में ही अपने स्तर पर स्टॉक करने को मजबूर हैं। रविवार को खराब मौसम ने मंडियों में धान लेकर आए किसानों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि ज्यादा बारिश नहीं हुई और आढ़तियों व किसानों ने बारिश से धान बचाव का बंदोबस्त पहले से ही कर रखा था। बारिश की संभावना से किसानों व आढ़तियों की चिंता बढ़ी रही।
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वहीं दूसरी तरफ खरीद शुरू न होने के कारण आढ़तियों के लिए भारी समस्या शुरू हो गई है। किसान धान लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। किसानों ने आढ़तियों के कार्यालयों के बाहर व फड़ पर धान की ढेरियां लगा दी हैं। अब मंडी की फड़ पर जगह नहीं बची है।
ऐसे में किसान मंडी की सड़कों पर धान की ढेरियां लगाने को मजबूर हैं। आढ़तियों के सामने भी धान को अलग-अलग रखने और फड़ पर जगह उपलब्ध कराने की समस्या बनी हुई है। मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है, जबकि खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
खराब मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता
जिले में मौसम खराब होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार रात को जिले में बारिश हुई। बारिश से धान की कटाई में लगे किसानों का काम रुक गया। वहीं, खेतों में कटने के तैयार खड़ी फसल को भी नुकसान होने का डर है। रविवार को शाम को भी बारिश से किसान चिंतित हो गए। ऐसे में मंडियों में लगी धान सुरक्षित रखने के लिए किसानों और आढ़तियों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। मंडियों में सड़कों और खुले स्थानों पर रखी धान की ढेरियों को बारिश से बचाने के लिए आनन-फानन में ढका गया। किसानों का कहना है कि पहले ही धान की खरीद में देरी और नमी की समस्या बनी हुई है, ऐसे में बारिश तेज होती है तो फसल को नुकसान का खतरा बढ़ जाएगा। धान में नमी बढ़ने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ खरीद प्रक्रिया में भी दिक्कत आ सकती है।
मंडियों में गेट पास कटने शुरू हो गए हैं। जल्द ही धान की खरीद भी शुरू हो जाएगी। उन्होंने किसानों से मौसम को देखते हुए ही धान की कटाई करने की अपील की है। - मोहित, सचिव मार्केट कमेटी।
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यमुनानगर। अनाज मंडियों में रविवार को भी धान की तौलाई और खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही। दिनभर धान की तौलाई नहीं हुई। वहीं, रविवार को भी किसानों को आधिकारिक रूप से मंडियों में प्रवेश के लिए गेट पास काटे गए। परंतु इस दौरान पोर्टल की रफ्तार काम में आड़े आई।
पोर्टल धीमा होने के कारण किसानों को गेट पर ही काफी देर इंतजार करना पड़ा। पोर्टल की हालात ऐसी रही कि एक ट्रॉली की एंट्री व फोटो अपलोड में ही सात से आठ मिनट का समय लगा। इससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वहीं, जिले की 13 मंडियों में करीब 72,000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है और यह हर दिन बढ़ रही है। परंतु खरीद शुरू नहीं हुई है। धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसान अपनी फसल को तौलने के बाद मंडियों में ही अपने स्तर पर स्टॉक करने को मजबूर हैं। रविवार को खराब मौसम ने मंडियों में धान लेकर आए किसानों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि ज्यादा बारिश नहीं हुई और आढ़तियों व किसानों ने बारिश से धान बचाव का बंदोबस्त पहले से ही कर रखा था। बारिश की संभावना से किसानों व आढ़तियों की चिंता बढ़ी रही।
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वहीं दूसरी तरफ खरीद शुरू न होने के कारण आढ़तियों के लिए भारी समस्या शुरू हो गई है। किसान धान लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। किसानों ने आढ़तियों के कार्यालयों के बाहर व फड़ पर धान की ढेरियां लगा दी हैं। अब मंडी की फड़ पर जगह नहीं बची है।
ऐसे में किसान मंडी की सड़कों पर धान की ढेरियां लगाने को मजबूर हैं। आढ़तियों के सामने भी धान को अलग-अलग रखने और फड़ पर जगह उपलब्ध कराने की समस्या बनी हुई है। मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है, जबकि खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
खराब मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता
जिले में मौसम खराब होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार रात को जिले में बारिश हुई। बारिश से धान की कटाई में लगे किसानों का काम रुक गया। वहीं, खेतों में कटने के तैयार खड़ी फसल को भी नुकसान होने का डर है। रविवार को शाम को भी बारिश से किसान चिंतित हो गए। ऐसे में मंडियों में लगी धान सुरक्षित रखने के लिए किसानों और आढ़तियों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। मंडियों में सड़कों और खुले स्थानों पर रखी धान की ढेरियों को बारिश से बचाने के लिए आनन-फानन में ढका गया। किसानों का कहना है कि पहले ही धान की खरीद में देरी और नमी की समस्या बनी हुई है, ऐसे में बारिश तेज होती है तो फसल को नुकसान का खतरा बढ़ जाएगा। धान में नमी बढ़ने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ खरीद प्रक्रिया में भी दिक्कत आ सकती है।
मंडियों में गेट पास कटने शुरू हो गए हैं। जल्द ही धान की खरीद भी शुरू हो जाएगी। उन्होंने किसानों से मौसम को देखते हुए ही धान की कटाई करने की अपील की है। - मोहित, सचिव मार्केट कमेटी।

जगाधरी अनाजमंडी में सड़क पर लगी धान की ढेरियां। संवाद- फोटो : Archive

जगाधरी अनाजमंडी में सड़क पर लगी धान की ढेरियां। संवाद- फोटो : Archive