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मामा के घर आए तीन साल के मासूम से खेल खेल में चली गोली, छाती में लगने से मौत
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यमुनानगर। छप्पर थाना क्षेत्र के गांव गंदापुरा स्थित संतोष सिंह के डेरे पर खेल खेल में अवैध पिस्टल से तीन साल के मासूम से गोली चल गई। छाती में गोली लगने से मासूम मनराज की मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर घर की महिलाएं जब कमरे में गई तो बच्चा खून से लथपथ पड़ा हुआ था। बच्चे को पहले सरस्वती नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया, इसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में मृतक बच्चे के मामा बादल के खिलाफ आर्म्स एक्ट व गैर इरादतन हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी अनुसार शहर की जम्मू कॉलोनी निवासी अंकुर की शादी गंदापुरा निवासी शीतल के साथ हुई थी। दोनों के पास इकलौता बेटा तीन वर्षीय मनराज था। 24 मई को शीतल अपने बेटे मनराज के साथ मायके में गई थी। तब से वह वहीं अपने मायके में रह रही थी। घर में मनराज के मामा बादल ने देसी पिस्टल रखी हुई थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे मनराज घर के अंदर खेल रहा था, जबकि महिला घर के बाहर आगन में बैठी हुई थी। बताया जा रहा है कि खेलते खेलते मनराज को कमरे में रखी अवैध पिस्टल उठा ली। इसके बाद उससे गोली चल गई। पिस्टल से निकली गोली मासूम की छाती में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर कमरे में गिर गया। गोली की आवाज सुनकर आगन में बैठी महिलाएं तुरंत घर के भीतर गई। जहां उन्हें मनराज को खून से लथपथ पाया। परिजन तुरंत उसे सरस्वतीनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले गए। यहां हुए मेडिकल के मुताबिक गोली बच्चे की छाती में लगी। परिजन उसे लेकर कई निजी अस्पतालों में गए, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। पुष्टि के लिए परिजन अंतिम बार मॉडल टाउन के निजी अस्पताल में पहुंचे। यहां पर ईसीजी के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने मामले में मृतक बच्चे के मामा बादल पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंतिम सांस तक बच्चे को लेकर अस्पतालों में घूमते रहे परिजन, नहीं बचा पाए जान
सरस्वतीनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर करने के बाद परिजन खून से लथपथ बच्चे को लेकर शहर के कई निजी अस्पतालों में पहुंचे। अंतिम सास तक परिजन उसे बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन फिर भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका। वहीं, बच्चे को गोली लगने की सूचना पर छप्पर पुलिस पहले सामुदायिक केंद्र पहुंची। स्वास्थ्य केंद्र से पता चला परिजन बच्चे को गाबा अस्पताल ले गए। इसके बाद पुलिस गाबा अस्पताल गई। गाबा अस्पताल में पुलिस को बच्चे को चड्ढा अस्पताल में जाने का पता लगा। यहां पर पुलिस ने डॉक्टर व स्टाफ से बात की। स्टाफ ने बच्चे के मृत होने की सूचना पुलिस को दी।
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बच्चे को गोली लगने की बात दबाते रहे परिजन, अस्पताल में छत से गिरने की कही बात
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुए मेडिकल के मुताबिक गोली बच्चे की छाती में लगी। परिजन उसे लेकर कई निजी अस्पतालों में गए, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। कुछ समय परिवार गोली लगने की बात को दबाता रहा। इलाज के लिए जिस अस्पताल परिवार गया वहां छत से गिरने के बारे में बताया। उधर स्वास्थ्य केंद्र से छप्पर पुलिस को इस बारे सूचना मिल गई थी, इसके बाद पुलिस अलग-अलग निजी अस्पतालों में चक्कर काटती रही। जहां भी पुलिस गई। उस से पहले परिजन निकल जाते।
इकलौते बेटे की मौत के बाद दंपती का हुआ रोकर बुरा हाल:
तीन साल का मासूम मनराज जम्मू कॉलोनी निवासी अंकुर व उसकी पत्नी शीतल का इकलौता बेटा था। घर के इकलौते चिराग को गोली लगने की खबर जैसे ही उसके पिता अंकुर को लगी तो वह तुरंत अस्पताल पहुंच गया। जब उन्हें बच्चे की मौत होने का पता चला कि उनका रोकर बुरा हाल था। बच्चे की मां शीतल कई बार बेहोश हो चुकी थी। अन्य परिजन उन्हें संभालने में लगे थे। अंकुर का यही कहना था कि यदि उसे पता होता कि उसके इकलौते बेटे की मौत इस तरह हो जाएगी तो वह उसे कभी अपने साले के घर नहीं भेजता।
कहां से आई देसी पिस्टल, जांच में जुटी सीआईए पुलिस:
पुलिस जांच के दौरान मनराज की मौत जिस पिस्टल से चली गोली के लगने से हुई है। वह देसी पिस्टल है। यह पिस्टल अवैध रूप से घर के अंदर रखी हुई थी, लेकिन यह पिस्टल घर में कैसे आई। इसकी जांच सीआईए पुलिस द्वारा की जा रही है। माना जा रहा है कि पुलिस अभी इस पूरे मामले में संदेह भी जता रही है। गोली बच्चे से चली या किसी अन्य ने चलाई। मामले को संदिग्ध देख सीन आफ क्राइम की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर फिंगर प्रिंट व अन्य साक्ष्य जुटाए। वहीं, मृतक बच्चे का पोस्टमार्टम पैनल से करवाया गया। पुलिस प्राथमिक जांच में खेल-खेल में बच्चे से गोली चलने की बात कह रही है।
गंदापुरा में बच्चे की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने मृतक बच्चे के मामा बादल पर गैर इरादतन हत्या, लापरवाही व आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। घर में पिस्टल कहां से आई इसकी गहनता से जांच की जा रही है।
- रायसिंह, एसएचओ, थाना छप्पर।
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जानकारी अनुसार शहर की जम्मू कॉलोनी निवासी अंकुर की शादी गंदापुरा निवासी शीतल के साथ हुई थी। दोनों के पास इकलौता बेटा तीन वर्षीय मनराज था। 24 मई को शीतल अपने बेटे मनराज के साथ मायके में गई थी। तब से वह वहीं अपने मायके में रह रही थी। घर में मनराज के मामा बादल ने देसी पिस्टल रखी हुई थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे मनराज घर के अंदर खेल रहा था, जबकि महिला घर के बाहर आगन में बैठी हुई थी। बताया जा रहा है कि खेलते खेलते मनराज को कमरे में रखी अवैध पिस्टल उठा ली। इसके बाद उससे गोली चल गई। पिस्टल से निकली गोली मासूम की छाती में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर कमरे में गिर गया। गोली की आवाज सुनकर आगन में बैठी महिलाएं तुरंत घर के भीतर गई। जहां उन्हें मनराज को खून से लथपथ पाया। परिजन तुरंत उसे सरस्वतीनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले गए। यहां हुए मेडिकल के मुताबिक गोली बच्चे की छाती में लगी। परिजन उसे लेकर कई निजी अस्पतालों में गए, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। पुष्टि के लिए परिजन अंतिम बार मॉडल टाउन के निजी अस्पताल में पहुंचे। यहां पर ईसीजी के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने मामले में मृतक बच्चे के मामा बादल पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अंतिम सांस तक बच्चे को लेकर अस्पतालों में घूमते रहे परिजन, नहीं बचा पाए जान
सरस्वतीनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर करने के बाद परिजन खून से लथपथ बच्चे को लेकर शहर के कई निजी अस्पतालों में पहुंचे। अंतिम सास तक परिजन उसे बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन फिर भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका। वहीं, बच्चे को गोली लगने की सूचना पर छप्पर पुलिस पहले सामुदायिक केंद्र पहुंची। स्वास्थ्य केंद्र से पता चला परिजन बच्चे को गाबा अस्पताल ले गए। इसके बाद पुलिस गाबा अस्पताल गई। गाबा अस्पताल में पुलिस को बच्चे को चड्ढा अस्पताल में जाने का पता लगा। यहां पर पुलिस ने डॉक्टर व स्टाफ से बात की। स्टाफ ने बच्चे के मृत होने की सूचना पुलिस को दी।
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बच्चे को गोली लगने की बात दबाते रहे परिजन, अस्पताल में छत से गिरने की कही बात
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुए मेडिकल के मुताबिक गोली बच्चे की छाती में लगी। परिजन उसे लेकर कई निजी अस्पतालों में गए, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। कुछ समय परिवार गोली लगने की बात को दबाता रहा। इलाज के लिए जिस अस्पताल परिवार गया वहां छत से गिरने के बारे में बताया। उधर स्वास्थ्य केंद्र से छप्पर पुलिस को इस बारे सूचना मिल गई थी, इसके बाद पुलिस अलग-अलग निजी अस्पतालों में चक्कर काटती रही। जहां भी पुलिस गई। उस से पहले परिजन निकल जाते।
इकलौते बेटे की मौत के बाद दंपती का हुआ रोकर बुरा हाल:
तीन साल का मासूम मनराज जम्मू कॉलोनी निवासी अंकुर व उसकी पत्नी शीतल का इकलौता बेटा था। घर के इकलौते चिराग को गोली लगने की खबर जैसे ही उसके पिता अंकुर को लगी तो वह तुरंत अस्पताल पहुंच गया। जब उन्हें बच्चे की मौत होने का पता चला कि उनका रोकर बुरा हाल था। बच्चे की मां शीतल कई बार बेहोश हो चुकी थी। अन्य परिजन उन्हें संभालने में लगे थे। अंकुर का यही कहना था कि यदि उसे पता होता कि उसके इकलौते बेटे की मौत इस तरह हो जाएगी तो वह उसे कभी अपने साले के घर नहीं भेजता।
कहां से आई देसी पिस्टल, जांच में जुटी सीआईए पुलिस:
पुलिस जांच के दौरान मनराज की मौत जिस पिस्टल से चली गोली के लगने से हुई है। वह देसी पिस्टल है। यह पिस्टल अवैध रूप से घर के अंदर रखी हुई थी, लेकिन यह पिस्टल घर में कैसे आई। इसकी जांच सीआईए पुलिस द्वारा की जा रही है। माना जा रहा है कि पुलिस अभी इस पूरे मामले में संदेह भी जता रही है। गोली बच्चे से चली या किसी अन्य ने चलाई। मामले को संदिग्ध देख सीन आफ क्राइम की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर फिंगर प्रिंट व अन्य साक्ष्य जुटाए। वहीं, मृतक बच्चे का पोस्टमार्टम पैनल से करवाया गया। पुलिस प्राथमिक जांच में खेल-खेल में बच्चे से गोली चलने की बात कह रही है।
गंदापुरा में बच्चे की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने मृतक बच्चे के मामा बादल पर गैर इरादतन हत्या, लापरवाही व आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। घर में पिस्टल कहां से आई इसकी गहनता से जांच की जा रही है।
- रायसिंह, एसएचओ, थाना छप्पर।