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Yamuna Nagar News: पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट से रखी जा रही नजर
Thu, 02 Oct 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 02 Oct 2025 12:41 AM IST
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अधिकारियों के साथ बैठक करते एसडीएम जसपाल सिंह गिल। डीआईपीआरओ
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। फसल अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं की रोकथाम को लेकर एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने बुधवार को अपने कार्यालय में राजस्व, पंचायत, कृषि, बागवानी व पुलिस विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है।
एसडीएम गिल ने कहा कि फसलों के अवशेषों को जलने से रोकने के लिए गांवों में किसानों को जागरूक करें। गांव स्तर पर बनाई गई कमेटी द्वारा मुनादी करवाएं। गुरुद्वारा, मंदिरों, मस्जिदों में अनाउंसमेंट करवाई जाए। गांव में चौपाल व अन्य सामूहिक स्थान पर किसानों को सामूहिक रूप से इकट्ठा करके फसल अवशेषों के जलने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करें। किसानों को सीआरएम से संबंधित स्कीम के बारे में बताएं।
फसल अवशेष प्रबंधन करने पर 1200 रुपये की धनराशि प्रति एकड़ प्राप्त कर लाभ उठाया जा सकता है। इसके साथ ही गांव के सरपंच नंबरदारों को भी सूचित करें ताकि वह भी फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अधिक से अधिक किसानों को जागरूक करते रहे। फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर बनाई गई कमेटियां गांवों में निरंतर निरीक्षण कर रिकॉर्ड रखें। आगजनी की घटनाओं की निगरानी के लिए सेटेलाइट 24 घंटे निरंतर कार्य कर रहा है।
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व्यासपुर। फसल अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं की रोकथाम को लेकर एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने बुधवार को अपने कार्यालय में राजस्व, पंचायत, कृषि, बागवानी व पुलिस विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है।
एसडीएम गिल ने कहा कि फसलों के अवशेषों को जलने से रोकने के लिए गांवों में किसानों को जागरूक करें। गांव स्तर पर बनाई गई कमेटी द्वारा मुनादी करवाएं। गुरुद्वारा, मंदिरों, मस्जिदों में अनाउंसमेंट करवाई जाए। गांव में चौपाल व अन्य सामूहिक स्थान पर किसानों को सामूहिक रूप से इकट्ठा करके फसल अवशेषों के जलने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करें। किसानों को सीआरएम से संबंधित स्कीम के बारे में बताएं।
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फसल अवशेष प्रबंधन करने पर 1200 रुपये की धनराशि प्रति एकड़ प्राप्त कर लाभ उठाया जा सकता है। इसके साथ ही गांव के सरपंच नंबरदारों को भी सूचित करें ताकि वह भी फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अधिक से अधिक किसानों को जागरूक करते रहे। फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर बनाई गई कमेटियां गांवों में निरंतर निरीक्षण कर रिकॉर्ड रखें। आगजनी की घटनाओं की निगरानी के लिए सेटेलाइट 24 घंटे निरंतर कार्य कर रहा है।
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