{"_id":"6910e5e5f9cf1eebc6068456","slug":"they-spend-their-own-money-on-water-conservation-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-146561-2025-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: जल संरक्षण पर खुद कर देते हैं खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: जल संरक्षण पर खुद कर देते हैं खर्च
विज्ञापन
सबमर्सिबल की लीकेज ठीक करते गोविंद सिंह भाटिया। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के रहने वाले शिक्षाविद् एवं साहित्यकार गोबिंद सिंह भाटिया को जल संरक्षण का जुनून है। यही कारण है कि वे अपने खाली समय में गलियों व मोहल्लों का भ्रमण करते हैं और पानी व्यर्थ बहने से रोकते हैं। इसके चलते लोग उन्हें पर्यावरण मित्र के नाम से जानते हैं।
पेशे से गोबिंद सिंह भाटिया शिक्षक हैं, लेकिन विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उन्हें उनकी नैतिक जिम्मेदारियों के बारे भी जागरूक कर रहे हैं। वे विद्यार्थियों को बता रहे हैं कि पानी बचाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता है। उनकी कक्षा सहित अन्य कार्यक्रमों के मंच, सभा, अवसर पर एक-एक बूंद की कीमत समझो, यही बूंद बचाएगी कल यह आवाज सुनाई देती है।
यही नहीं उन्होंने अपनी टी-शर्ट पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश छपवा रखा है। वे शादी, जन्मदिन, वर्षगांठ व अन्य समारोह के साथ शोक सभा में भी संदेश छपी टी-शर्ट व कपड़े पहनकर जाते हैं। गोबिंद अपने साथ एक बैग हमेशा रखते हैं। उस बैग में प्लंबर के औजार होते हैं। बैग में पाइप रेंच, टोंटियां, धागा, सफेदा, निप्पल, रबर सील और छोटे-मोटे उपकरण रखते हैं।
विज्ञापन
कहीं पर पानी व्यर्थ बहता देखते हैं तो वे इसे ठीक करने लगते हैं। यही नहीं वे सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक कार्यक्रम, मेला व अन्य स्थानों पर जल संरक्षण के बैनर पकड़कर घंटों खड़े रहते हैं। इससे लोग उनकी ओर आकर्षित होते हैं और अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रण लेते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को समझाने से पहले स्वयं जिम्मेदारी निभानी होगी।
विज्ञापन
जगाधरी। शहर के रहने वाले शिक्षाविद् एवं साहित्यकार गोबिंद सिंह भाटिया को जल संरक्षण का जुनून है। यही कारण है कि वे अपने खाली समय में गलियों व मोहल्लों का भ्रमण करते हैं और पानी व्यर्थ बहने से रोकते हैं। इसके चलते लोग उन्हें पर्यावरण मित्र के नाम से जानते हैं।
पेशे से गोबिंद सिंह भाटिया शिक्षक हैं, लेकिन विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उन्हें उनकी नैतिक जिम्मेदारियों के बारे भी जागरूक कर रहे हैं। वे विद्यार्थियों को बता रहे हैं कि पानी बचाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता है। उनकी कक्षा सहित अन्य कार्यक्रमों के मंच, सभा, अवसर पर एक-एक बूंद की कीमत समझो, यही बूंद बचाएगी कल यह आवाज सुनाई देती है।
विज्ञापन
यही नहीं उन्होंने अपनी टी-शर्ट पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश छपवा रखा है। वे शादी, जन्मदिन, वर्षगांठ व अन्य समारोह के साथ शोक सभा में भी संदेश छपी टी-शर्ट व कपड़े पहनकर जाते हैं। गोबिंद अपने साथ एक बैग हमेशा रखते हैं। उस बैग में प्लंबर के औजार होते हैं। बैग में पाइप रेंच, टोंटियां, धागा, सफेदा, निप्पल, रबर सील और छोटे-मोटे उपकरण रखते हैं।
विज्ञापन
कहीं पर पानी व्यर्थ बहता देखते हैं तो वे इसे ठीक करने लगते हैं। यही नहीं वे सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक कार्यक्रम, मेला व अन्य स्थानों पर जल संरक्षण के बैनर पकड़कर घंटों खड़े रहते हैं। इससे लोग उनकी ओर आकर्षित होते हैं और अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रण लेते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को समझाने से पहले स्वयं जिम्मेदारी निभानी होगी।

सबमर्सिबल की लीकेज ठीक करते गोविंद सिंह भाटिया। स्वयं