फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   There will be a flood of devotion in Kapal Mochan from today

Yamuna Nagar News: कपाल मोचन में आज से उमेड़गा श्रद्धा का सैलाब

Thu, 23 Nov 2023 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 23 Nov 2023 02:12 AM IST
विज्ञापन
There will be a flood of devotion in Kapal Mochan from today
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बिलासपुर। राज्य स्तरीय श्री कपाल मोचन मेले में 23 नवंबर आज से 27 नवंबर तक श्रद्धा का सैलाब उमड़ेगा। इन पांच दिनों में लाखाें श्रद्धालु श्री कपाल मोचन, ऋण मोचन व सूरजकुंड सरोवरों में स्नान करेंगे। मेले का शुभारंभ आयुक्त रेनू फुलिया करेंगी। बाद में प्रशासन की तरफ से विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगी।
पांच दिन तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। इस बार मेले में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। मेले में पंजाब से लाखों की संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
विज्ञापन

वहीं परंपरा के अनुसार कपाल मोचन सरोवर से स्नान शुरू कर श्रद्धालु ऋण मोचन सरोवर और सूरज कुंड सरोवर में स्नान करते हैं। क्योंकि पुराणों तथा अन्य धार्मिक ग्रंथों में लिखा गया है कि इन पवित्र सरोवरों में स्नान करने से तीनों लोकों के पापों से मुक्ति मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये है मान्यता
पहले कपाल मोचन तीर्थ का नाम औशनस तीर्थ था, जिसका वर्णन महाभारत और वामन महापुराण में मौजूद है। इन महापुराणों के अनुसार भगवान श्रीराम जिस समय दंडकारण्य में गए तो उन्होंने वहां के एक दुरात्मा राक्षस का सिर अपने तीव्र धार वाले बाण से काट दिया। वह राक्षस तो मर गया, किंतु उसका कटा हुआ सिर दूर जाकर महोदर नाम के एक तपस्वी मुनि की जंघा से चिपक गया। इस कौतुक को देखकर मुनि बहुत हैरान हुए।
कुछ दिनों बाद उनकी जंघा में गंधपूर्ण स्त्राव होने लगा, जिससे वे बहुत दुखी हुए। उनके इस प्रकार संकट-ग्रस्त होने की सूचना जब अन्य ऋषियों-मुनियों को मिली तो वे एकत्रित होकर उनके पास गए। महोदर मुनि की दशा को देखकर वे भी बहुत चिंता करने लगे। उसी समय किसी ऋषि ने महोदर मुनि को औशनस तीर्थ की यात्रा करने को कहा। उस समय समस्त भारत में औशनस ही एक ऐसा तीर्थ था, जहां स्नान करने से इस संकट से छुटकारा मिल सकता था।
ऋषियों के कहने के अनुसार महोदर मुनि जैसे-तैसे दंडकारण्य से चलकर सरस्वती के तट पर द्वैतवन में पहुंचे, वहां जाकर उन्होंने ज्यो ही सरोवर में स्नान किया, त्यों ही राक्षस का कटा हुआ सिर उनकी जांघ से छूटकर जल में गिरकर गायब हो गया। इस घटना की सूचना उन ऋषियों को मिली, जिन्होंने उन्हें औशनस तीर्थ की यात्रा करने की सलाह दी थी तो वे भी बहुत प्रसन्न हुए।
उन्होंने ही औशनस तीर्थ को कपाल मोचन नाम दिया और तब से यह तीर्थ कपाल मोचन के नाम से सर्वलोक में प्रसिद्ध हो गया। जिस प्रकार कांशी को वाराणसी भी कहते है, उसी प्रकार औशनस को कपाल मोचन भी कहा जाने लगा। धीरे-धीरे औशनस नाम तो लुप्त होता चला गया और इसे अब कपाल मोचन के नाम से ही जाना जाने लगा है।


यहां मुक्त हो जाते सभी ऋण
कपाल मोचन सरोवर के नजदीक ही ऋण मोचन सरोवर है। जनश्रुति के अनुसार इसमें स्नान करने से मनुष्य सभी प्रकार के ऋणों से मुक्त हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के पश्चात धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से कहा कि महाभारत युद्ध में मारे गए गुरुजनों एवं प्रियजनों की आत्मा की शांति के लिए कोई स्थान बताएं। भगवान श्रीकृष्ण ने यहां पांडवों के पूर्वजों का पिंड दान कराया तथा पांडव पितृ ऋण से मुक्त हुए। पितृ ऋण से मुक्त होने के कारण यह सरोवर ऋण मोचन के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

राज्य स्तरीय कपालमोचन मेले के लिए सभी व्यवस्था हो चुकी हैं। मेले में श्रद्धालुओं का आना भी शुरू हो चुका है। यह मेला 23 से 27 नवंबर तक चलेगा। श्रद्धालुओं यहां बने तीन पवित्र सरोवरों में स्नान करते हैं। - कैप्टन मनोज कुमार, डीसी यमुनानगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed