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Yamuna Nagar News: शव लेने से इन्कार कर किया हंगामा
Wed, 30 Jul 2025 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 30 Jul 2025 12:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अंबाला के मुलाना में जहरीला पदार्थ निगलने आत्महत्या करने वाले दीनानाथ (40) के शव का यमुनानगर के जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे डीएसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया, तब वह शव लेकर गए।
सोमवार को सीआईए-2 टीम 24 जुलाई को जगाधरी के खेड़ा बाजार समीप लठमारन मोहल्ला में हुए गोलीकांड के आरोपी अरुण को पकड़ने मुलाना पहुंची थी। सूचना थी कि यहां एक पीजी में अरुण छिपा है। इसी दौरान पीजी के एक कमरे में सीआईए-2 को दीनानाथ मिला। दीनानाथ ने बताया कि वह हत्या मामले में जमानत पर आने के बाद फरार चल रहा है।
सीआईए टीम दीनानाथ को अपने साथ ले आई। रास्ते में आते समय जगाधरी के समीप उसकी तबीयत बिगड़ गई। तब उसने पुलिस को बताया कि उसने जहर निगल लिया है। यह सुनकर सीआईए-2 टीम उसे शहर के निजी अस्पताल ले आई। यहां इलाज के दौरान दीनानाथ की मौत हो गई। दीनानाथ ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट लिखा व वीडियो बनाया था।
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इसमें उस पर दर्ज कराए गए केस झूठे बताते हुए कई लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया। मंगलवार को शव का जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ, इसी दौरान दीनानाथ के परिजनों में दीनानाथ की पत्नी, भाई टीकाराम व अन्य लोगों ने हंगामा कर दिया। शव लेने से इन्कार करते हुए परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
दीनानाथ ने आत्महत्या के लिए कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया, पर पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। मौत के जिम्मेदारों में पुलिस अधिकारी भी है, इसलिए पुलिस उसे बचाने के प्रयास कर रही है। साथ ही परिजन इस बात पर अड़ गए कि सीआईए-2 के उन पुलिसकर्मियों को बुलाया जाए, जो दीनानाथ को मुलाना से यमुनानगर लाए। वह जानना चाहते हैं कि मुलाना से यमुनानगर लाते समय क्या हुआ था।
सवाल किया कि दीनानाथ को पुलिस सरकारी के बजाय निजी अस्पताल क्यों ले गई। उन्हें पूरे मामले में झोल नजर आ रहा है। इसलिए वह शव यमुनानगर के शवगृह से नहीं ले जाएंगे। कार्रवाई नहीं हुई तो चंडीगढ़ में सीएम आवास पर शव रख प्रदर्शन करेंगे। बाद में डीएसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया, तब वह शव लेकर लौट गए।
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यमुनानगर। अंबाला के मुलाना में जहरीला पदार्थ निगलने आत्महत्या करने वाले दीनानाथ (40) के शव का यमुनानगर के जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे डीएसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया, तब वह शव लेकर गए।
सोमवार को सीआईए-2 टीम 24 जुलाई को जगाधरी के खेड़ा बाजार समीप लठमारन मोहल्ला में हुए गोलीकांड के आरोपी अरुण को पकड़ने मुलाना पहुंची थी। सूचना थी कि यहां एक पीजी में अरुण छिपा है। इसी दौरान पीजी के एक कमरे में सीआईए-2 को दीनानाथ मिला। दीनानाथ ने बताया कि वह हत्या मामले में जमानत पर आने के बाद फरार चल रहा है।
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सीआईए टीम दीनानाथ को अपने साथ ले आई। रास्ते में आते समय जगाधरी के समीप उसकी तबीयत बिगड़ गई। तब उसने पुलिस को बताया कि उसने जहर निगल लिया है। यह सुनकर सीआईए-2 टीम उसे शहर के निजी अस्पताल ले आई। यहां इलाज के दौरान दीनानाथ की मौत हो गई। दीनानाथ ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट लिखा व वीडियो बनाया था।
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इसमें उस पर दर्ज कराए गए केस झूठे बताते हुए कई लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया। मंगलवार को शव का जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ, इसी दौरान दीनानाथ के परिजनों में दीनानाथ की पत्नी, भाई टीकाराम व अन्य लोगों ने हंगामा कर दिया। शव लेने से इन्कार करते हुए परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
दीनानाथ ने आत्महत्या के लिए कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया, पर पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। मौत के जिम्मेदारों में पुलिस अधिकारी भी है, इसलिए पुलिस उसे बचाने के प्रयास कर रही है। साथ ही परिजन इस बात पर अड़ गए कि सीआईए-2 के उन पुलिसकर्मियों को बुलाया जाए, जो दीनानाथ को मुलाना से यमुनानगर लाए। वह जानना चाहते हैं कि मुलाना से यमुनानगर लाते समय क्या हुआ था।
सवाल किया कि दीनानाथ को पुलिस सरकारी के बजाय निजी अस्पताल क्यों ले गई। उन्हें पूरे मामले में झोल नजर आ रहा है। इसलिए वह शव यमुनानगर के शवगृह से नहीं ले जाएंगे। कार्रवाई नहीं हुई तो चंडीगढ़ में सीएम आवास पर शव रख प्रदर्शन करेंगे। बाद में डीएसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया, तब वह शव लेकर लौट गए।