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Yamuna Nagar News: नहीं है शहर की सरकार, कैसे होंगे विकास कार्य
Mon, 12 Feb 2024 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 12 Feb 2024 03:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी सदन (शहर की सरकार) का कार्यकाल एक माह पहले सात जनवरी को खत्म हो चुका है। निवर्तमान विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद से न सदन में मंजूर कराए पुराने कामों की प्रगति रिपोर्ट पता लग रही है और न नए काम मंजूर करवा पा रहे हैं। इसलिए मांग है कि निगम आयुक्त पुराने कामों की समीक्षा व नए कामों की मंजूरी के लिए बैठक बुलाएं।
विपक्ष के निवर्तमान पार्षदों में वार्ड सात से रामआसरा भारद्वाज, आठ से विनोद मरवाह, 13 से निर्मल चौहान ने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में सदन की जितनी भी बैठकें हुईं, उनमें पास कराए अधिकांश प्रस्तावों पर काम अधूरे हैं या शुरू भी नहीं हुए। पहली बैठक में हर वार्ड के विकास कार्यों के लिए 50 लाख रुपये का प्रस्ताव पास हुआ, पर इस राशि को खर्च करने में तीन-चार वर्ष लगा दिए गए, वहीं कार्यकाल के अंतिम साल में हर वार्ड के विकास कार्यों के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास हुआ।
इसमें 50 लाख पार्षद, 50 लाख मेयर व 50 लाख एमएलए की ओर से दिए कामों किए जाने थे, पर अब तक इन डेढ़ करोड़ के काम वार्डों में नहीं हो पाए हैं। इसके लिए सीधे तौर पर निगम अफसर जिम्मेदार हैं। गत सात जनवरी को कार्यकाल खत्म होने के बाद से न सदन में मंजूर कराए पुराने कामों की प्रगति रिपोर्ट पता लग रही है और न नए काम मंजूर करवा पा रहे हैं।
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नगर निगम आयुक्त से मांग है कि जल्द पुराने कामों की समीक्षा व नए कामों की मंजूरी के लिए बैठक बुलाएं, जिसमें निवर्तमान मेयर, सीनियर व डिप्टी मेयर सहित सभी पार्षदों को शामिल किया जाए। ताकि सदन में पास होने के बावजूद अधूरे पड़े कामों पर अफसरों के जवाब लिए जा सकें और साथ ही सभी अपने-अपने वार्ड व शहर संबंधित नए काम बता सकें। साथ ही आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर समय रहते अधूरी पड़ी शहर की सबसे बड़ी स्टॉर्म ड्रेन व अन्य निकासी कार्यों की समीक्षा हो पाए।
सदन की मंजूरी के बाद भी नहीं नहीं शुरू हुए काम
-20 जून 2019 को पास किए प्रस्ताव मुताबिक अब तक निगम की जमीनों की न निशानदेही न तारबंदी हुई।
-10 सितंबर 2019 को पास किए प्रस्ताव के अनुसार निगम की जमीन पर स्लॉटर हाउस नहीं बन पाया।
-30 जून 2021 को दड़वा में गोशाला बनाने का प्रस्ताव पास हुआ, पर काम अब तक कागजों में है।
-20 जून 2020 को पास किए सभी वार्डों में सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव पर अब तक काम नहीं लगा।
-सात जनवरी 2020 को पास किए कॉलोनियों के नाम बोर्ड लगने के प्रस्ताव पर कुछ जगह छोड़ काम नहीं हुआ।
-तीन नवंबर 2020 को पास किए प्रस्ताव पर स्ट्रे डॉग्स की नसबंदी अब तक नहीं हो पाई।
निवर्तमान पार्षदों की कोई मांग है तो इस बारे में विचार किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी सदन (शहर की सरकार) का कार्यकाल एक माह पहले सात जनवरी को खत्म हो चुका है। निवर्तमान विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद से न सदन में मंजूर कराए पुराने कामों की प्रगति रिपोर्ट पता लग रही है और न नए काम मंजूर करवा पा रहे हैं। इसलिए मांग है कि निगम आयुक्त पुराने कामों की समीक्षा व नए कामों की मंजूरी के लिए बैठक बुलाएं।
विपक्ष के निवर्तमान पार्षदों में वार्ड सात से रामआसरा भारद्वाज, आठ से विनोद मरवाह, 13 से निर्मल चौहान ने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में सदन की जितनी भी बैठकें हुईं, उनमें पास कराए अधिकांश प्रस्तावों पर काम अधूरे हैं या शुरू भी नहीं हुए। पहली बैठक में हर वार्ड के विकास कार्यों के लिए 50 लाख रुपये का प्रस्ताव पास हुआ, पर इस राशि को खर्च करने में तीन-चार वर्ष लगा दिए गए, वहीं कार्यकाल के अंतिम साल में हर वार्ड के विकास कार्यों के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास हुआ।
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इसमें 50 लाख पार्षद, 50 लाख मेयर व 50 लाख एमएलए की ओर से दिए कामों किए जाने थे, पर अब तक इन डेढ़ करोड़ के काम वार्डों में नहीं हो पाए हैं। इसके लिए सीधे तौर पर निगम अफसर जिम्मेदार हैं। गत सात जनवरी को कार्यकाल खत्म होने के बाद से न सदन में मंजूर कराए पुराने कामों की प्रगति रिपोर्ट पता लग रही है और न नए काम मंजूर करवा पा रहे हैं।
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नगर निगम आयुक्त से मांग है कि जल्द पुराने कामों की समीक्षा व नए कामों की मंजूरी के लिए बैठक बुलाएं, जिसमें निवर्तमान मेयर, सीनियर व डिप्टी मेयर सहित सभी पार्षदों को शामिल किया जाए। ताकि सदन में पास होने के बावजूद अधूरे पड़े कामों पर अफसरों के जवाब लिए जा सकें और साथ ही सभी अपने-अपने वार्ड व शहर संबंधित नए काम बता सकें। साथ ही आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर समय रहते अधूरी पड़ी शहर की सबसे बड़ी स्टॉर्म ड्रेन व अन्य निकासी कार्यों की समीक्षा हो पाए।
सदन की मंजूरी के बाद भी नहीं नहीं शुरू हुए काम
-20 जून 2019 को पास किए प्रस्ताव मुताबिक अब तक निगम की जमीनों की न निशानदेही न तारबंदी हुई।
-10 सितंबर 2019 को पास किए प्रस्ताव के अनुसार निगम की जमीन पर स्लॉटर हाउस नहीं बन पाया।
-30 जून 2021 को दड़वा में गोशाला बनाने का प्रस्ताव पास हुआ, पर काम अब तक कागजों में है।
-20 जून 2020 को पास किए सभी वार्डों में सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव पर अब तक काम नहीं लगा।
-सात जनवरी 2020 को पास किए कॉलोनियों के नाम बोर्ड लगने के प्रस्ताव पर कुछ जगह छोड़ काम नहीं हुआ।
-तीन नवंबर 2020 को पास किए प्रस्ताव पर स्ट्रे डॉग्स की नसबंदी अब तक नहीं हो पाई।
निवर्तमान पार्षदों की कोई मांग है तो इस बारे में विचार किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।