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मौसम ने ली करवट, आफत बनकर बरसी बारिश व ओलावृष्टि
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प्रतापनगर में हुई ओलावृष्टि।
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। कई दिन की धूप से जहां हर दिन पारा बढ़ रहा था। वहीं शनिवार को मौसम ने करवट ली और अलसुबह से सुबह 10 बजे तक बारिश हुई। बेमौसम बारिश से चढ़ता पारा लुढ़क गया। बारिश के कारण पारा पांच डिग्री तक गिर गया। जबकि रात को मौसम में नमी के कारण ठिठुरन रही। वहीं छछरौली और प्रतापनगर में ओलावृष्टि हुई।
बारिश के कारण सर्दी बढ़ गई। सुबह हुई बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी सुबह काम पर जाने वाले लोगों को हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान 17 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जिले में औसतन करीब 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार शाम को प्रतापनगर में 23 एमएम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश प्रतापनगर में दर्ज की गई। जबकि शहर में 15 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा रादौर में 12 एमएम, छछरौली में पांच, सरस्वतीनगर में आठ, साढौरा पांच, बिलासपुर में सात एमएम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन बारिश के आसार हैं। विभाग ने रविवार और सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई है। बारिश के अलर्ट के बाद किसानों की चिंता और बढ़ गई है। जनवरी और फरवरी के प्रथम सप्ताह में हुई भारी बारिश के कारण अधिकांश खेती तबाह हो गई है। जिले में करीब चार हजार हेक्टेयर में आलू की पकी फसल नष्ट हो गई है। इसके अलावा दलहन की 90 प्रतिशत बर्बाद हो चुकी है। वहीं गेहूं व सरसों पर भी करीब 75 प्रतिशत असर पड़ है।
सरसों की कटाई और मक्का की बिजाई में होगी देरी
जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान होगा। प्रतापनगर में हुई ओलावृष्टि से फसलों पर बुरा असर पड़ेगा। गेहूं लगभग पक चुकी है, ऐसे में बारिश से इसका दाना प्रभावित होगा। वहीं बारिश के कारण सरसों की कटाई में देरी होगी। इन दिनों कटाई शुरू हो जाती है लेकिन अब बारिश के कारण सरसों व गन्ना की कटाई के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा। दूसरी तरफ इससे मक्का, मूंग और सूरजमुखी की बिजाई में भी देरी होगी।
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प्रतापनगर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
प्रतापनगर। क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार शाम को प्रतापनगर में 23 एमएम बारिश हुई। वहीं बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। जिसका फसलों पर बुरा असर पड़ा है। भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया।
इतना ही नहीं भारी ओलावृष्टि ने खेतों में जमकर तबाही मचाई। करीब दो सप्ताह पहले हुई बारिश का पानी ही खेतों में जमा है और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। उसके बाद दोबारा बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र के किसान बलकार सिंह, हरविंद्र सिंह, मनमोहन सिंह, ललित कुमार व सुखविंद्र सिंह ने बताया कि बीती रात बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि एक तरफ जहां पहले से ही फसलों में बारिश का पानी जमा फसलों को बर्बाद कर रहा है वहीं दोबारा बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की रही सही उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। बारिश से गेहूं की फसल, पशुओं का चारा, गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। इतना ही नहीं खेतों में लगाए गए पॉपुलर के पेड़ भी गिर रहे हैं। जिससे किसानों को फसल के साथ लकड़ी का भी नुकसान हो रहा है।
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बारिश के कारण सर्दी बढ़ गई। सुबह हुई बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी सुबह काम पर जाने वाले लोगों को हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान 17 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जिले में औसतन करीब 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार शाम को प्रतापनगर में 23 एमएम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश प्रतापनगर में दर्ज की गई। जबकि शहर में 15 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा रादौर में 12 एमएम, छछरौली में पांच, सरस्वतीनगर में आठ, साढौरा पांच, बिलासपुर में सात एमएम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन बारिश के आसार हैं। विभाग ने रविवार और सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई है। बारिश के अलर्ट के बाद किसानों की चिंता और बढ़ गई है। जनवरी और फरवरी के प्रथम सप्ताह में हुई भारी बारिश के कारण अधिकांश खेती तबाह हो गई है। जिले में करीब चार हजार हेक्टेयर में आलू की पकी फसल नष्ट हो गई है। इसके अलावा दलहन की 90 प्रतिशत बर्बाद हो चुकी है। वहीं गेहूं व सरसों पर भी करीब 75 प्रतिशत असर पड़ है।
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सरसों की कटाई और मक्का की बिजाई में होगी देरी
जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान होगा। प्रतापनगर में हुई ओलावृष्टि से फसलों पर बुरा असर पड़ेगा। गेहूं लगभग पक चुकी है, ऐसे में बारिश से इसका दाना प्रभावित होगा। वहीं बारिश के कारण सरसों की कटाई में देरी होगी। इन दिनों कटाई शुरू हो जाती है लेकिन अब बारिश के कारण सरसों व गन्ना की कटाई के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा। दूसरी तरफ इससे मक्का, मूंग और सूरजमुखी की बिजाई में भी देरी होगी।
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प्रतापनगर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
प्रतापनगर। क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार शाम को प्रतापनगर में 23 एमएम बारिश हुई। वहीं बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। जिसका फसलों पर बुरा असर पड़ा है। भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया।
इतना ही नहीं भारी ओलावृष्टि ने खेतों में जमकर तबाही मचाई। करीब दो सप्ताह पहले हुई बारिश का पानी ही खेतों में जमा है और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। उसके बाद दोबारा बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र के किसान बलकार सिंह, हरविंद्र सिंह, मनमोहन सिंह, ललित कुमार व सुखविंद्र सिंह ने बताया कि बीती रात बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि एक तरफ जहां पहले से ही फसलों में बारिश का पानी जमा फसलों को बर्बाद कर रहा है वहीं दोबारा बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की रही सही उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। बारिश से गेहूं की फसल, पशुओं का चारा, गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। इतना ही नहीं खेतों में लगाए गए पॉपुलर के पेड़ भी गिर रहे हैं। जिससे किसानों को फसल के साथ लकड़ी का भी नुकसान हो रहा है।