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जिन ट्रांसपोर्टरों से आती थी मंथली, उनके ट्रकों पर स्टाफ लगाता था मोर का स्टीकर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2022 01:57 AM IST
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The transporters from whom they used to come monthly, the staff used to put peacock stickers on their trucks
यमुनानगर। ट्रांसपोर्टरों से मंथली वसूलने के आरोप में धरे गए आरटीए से रिमांड के दौरान पूछताछ में नित नए खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्टरों से आ रही मंथली लेने के लिए आरटीए कार्यालय के कर्मचारियों के अलग-अलग कोड वर्ड थे। यमुनानगर के खनन जोन से जिस ट्रक या डंपर में खनन सामग्री जाती थी, उस पर मोर का स्टीकर लगाया जाता था। मोर का स्टीकर ड्राइवर सीट की तरफ सामने शीशे पर लगता था। इसे देखकर आरटीए स्टाफ समझ जाता था कि वाहन से मंथली आ रही है, इसलिए इन्हें रोका नहीं जाता था। यदि आरटीए का स्टाफ उसे रोक भी लेता था तो वह ड्राइवर स्टीकर की तरफ इशारा करके आगे बढ़ जाता था। मोर का यह स्टीकर करनाल आरटीए कार्यालय के दलालों की तरफ से ट्रांसपोर्टरों को दिया जाता था। इसका खुलासा आरटीए कार्यालय में आए एक ट्रक ड्राइवर ने किया, जो खुद भी जबरन उगाही का शिकार हो चुका है। इस तरह काली कमाई का मोर यमुनानगर के खनन जोन से करनाल तक उड़ता रहा।
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यमुनानगर आरटीए और करनाल का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे डॉ. सुभाष चंद्र पर विजिलेंस ने ट्रांसपोर्टरों से उगाही करने के आरोप में केस दर्ज किया है। तीन दिन पहले गिरफ्तारी के बाद उनके सरकारी आवास से 30 लाख रुपये बरामद किए गए थे। कोर्ट में पेशी के बाद आरटीएम को चार दिन के रिमांड पर लेकर विजिलेंस की टीम मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में वसूली वाले वाहनों पर मोर पंख का स्टीकर लगाने की बात सामने आई है, हालांकि अभी यह जानकारी नहीं हो पाई है कि कितने वाहनों पर मोर पंख के स्टीकर लगे हैं और कितने रुपये की मंथली वसूली की जा रही थी। अब बुधवार को आरोपी आरटीए का रिमांड खत्म हो रहा है। ऐसे में विजिलेंस की ओर से उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर रिमांड अवधि बढ़ाने की गुजारिश की जाएगी। कारण कि आरोपी आरटीए सुभाष चंद्र से अभी तक वह लिस्ट नहीं मिली है जिसमें ट्रांसपोर्टरों और ट्रकों के नंबर लिखे हुए थे। बताया जा रहा है कि आरोपी ने ट्रकों के नंबर वाली यह लंबी चौड़ी लिस्ट चंडीगढ़ में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपाई हुई है। विजिलेंस करनाल मंडल के इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि आरोपी आरटीए सुभाष चंद्र का रिमांड बुधवार को खत्म होगा। दोपहर को उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड अवधि बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्रित किए जा सकें।
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अंबाला के आरटीए ने संभाला यमुनानगर का अतिरिक्त कार्यभार
आरटीए डॉ. सुभाष चंद्र पर केस दर्ज होने और उनकी गिरफ्तारी के बाद कार्यालय का कार्य प्रभावित हो रहा था। ऐसे में परिवहन विभाग ने यमुनानगर के आरटीए का अतिरिक्त कार्यभार अंबाला आरटीए रमित यादव को सौंपा है। मंगलवार दोपहर उन्होंने यमुनानगर का कार्यभार संभाल लिया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। कार्यालय में पहुंचे प्रतानगर के जाकिर, बिलाल, बैंडी के प्रदीप, रसूलपुर के सुखबीर, रोहित ने बताया कि वह कई दिनों से आरटीए कार्यालय में हैवी लाइसेंस के लिए चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने सारी फीस जमा करवा रखी है। आज आखिरी तारीख थी लेकिन कार्यालय के स्टाफ ने बताया कि अंबाला के आरटीए ज्वाइन करेंगे, इसके बाद ही उनका काम होगा। आरटीए कार्यालय के सहायक सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अंबाला आरटीए रमित यादव ने कार्यभार संभाल लिया है। ऐसे में बुधवार से वाहनों की पासिंग भी होगी।
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विजिलेंस ने स्टाफ को किया था तलब, कार्यालय में लटका था ताला
सोमवार को कार्यालय के सारे स्टाफ को विजिलेंस ने तलब किया था। करीब 25 लोगों के स्टाफ से विजिलेंस ने दिनभर पूछताछ की थी। इस दौरान यमुनानगर कार्यालय में ताला लटका रहा, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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