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Yamuna Nagar News: एनएचएम की हड़ताल से टूट रहा टीबी का सुरक्षा चक्र

Wed, 07 Aug 2024 04:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 07 Aug 2024 04:10 AM IST
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The security circle of TB is breaking due to NHM's strike
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से टीबी रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। टीबी रोगियों को हड़ताल से पहले जो दवा मिली थीं, वह खत्म होने लगी है और उन्हें सरकारी अस्पतालों से अब दवा नहीं मिल रही। ऐसे में टीबी का सुरक्षा चक्र टूटने का खतरा पैदा हो गया है। हड़ताल पर गए कर्मचारी भी मरीजों को दवा देने से साफ इंकार कर रहे हैं। ऐसे में दवा के लिए लोग कभी किसी अधिकारी तो कभी किसी के पास जा रहे हैं।
जिले में इस साल में अभी तक करीब 1500 मरीज टीबी के मिल चुके हैं। विभाग इन मरीजों का निशुल्क उपचार करता है। उपचार के दौरान मरीजों को 500 रुपये प्रतिमाह पोषण के लिए सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। टीबी के मरीज को अस्पताल से एक साथ 15 से 20 दिनों की दवा दी जाती है ताकि उसे बार-बार दवा के लिए अस्पताल में चक्कर न काटने पड़े। टीबी की दवई नियमित खानी पड़ती है।
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यदि एक समय या दिन भी दवा छूट जाए तो टीबी का संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। परंतु 12 दिन से एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यही कर्मचारी मरीजों को दवा देते हैं। दवा खत्म होने पर मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं, लेकिन हड़ताली कर्मचारी उन्हें दवा देने से मना कर रहे हैं। यमुनानगर में वर्ष 2017 में 1568 मरीज, वर्ष 2018 में 2299 मरीज, वर्ष 2019 में 2923 मरीज, वर्ष 2020 में 2615 मरीज व वर्ष 2021 में 2918 व वर्षं 2022 में 3075 व वर्ष 2023 में 2350 मरीजों की पहचान की गई थी।
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एक तो टीबी मर्ज ही ऐसा है कि एक समय भी दवा छूट जाए तो बीमारी बढ़ जाती है। ऊपर से जिले में टीबी रोगियों के लिए दवाई भी खत्म हो गई है। जिला मुख्यालय से सभी सीएचसी, पीएचसी व अन्य हेल्थ सेंटरों पर टीबी की दवा भेजी जाती है, लेकिन स्टॉक में दवा न होने के कारण वहां दवाई नहीं भेजी जा सकी। इसलिए स्टाफ में एलटी, टीबीएचवी, एसटीएस, एसटीएलएस व डीपीसी की हड़ताल व सिस्टम मरीजों की परेशानी को बढ़ा रहे हैं।
किसी की दवाई छूटने नहीं देंगे : नोडल ऑफिस
टीबी मुक्त अभियान के नोडल ऑफिसर डॉक्टर अनूप गोयल का कहना है कि एनएचएम के जो कर्मचारी हड़ताल पर हैं उनकी जगह किसी और की ड्यूटी दवई देने के लिए लगा दी गई है। टीबी की दवा खत्म हो गई थी। नारायणगढ़ से दवा मंगवाई गई है। सभी डॉक्टरों व फार्मासिस्ट से कह दिया गया है कि वह टीबी के मरीजों को दवा उपलब्ध कराएं। किसी की भी दवा बीच में नहीं छूटनी चाहिए।

कर्मचारियों की हड़ताल जारी
वहीं एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को 12वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना देते हुए नारेबाजी की। एसोसिएशन के प्रधान अमित गुर्जर ने बताया कि उनकी मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इसलिए जब तक मांगे पूरी नहीं होती वह तब तक हड़ताल को खत्म नहीं करेंगे। अब आंदोलन को पहले से ज्यादा तेज किया जाएगा।
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