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46 करोड़ से पुराना नेशनल हाईवे को चौड़ा करने का प्रोजेक्ट नगर निगम ने अधर में लटकाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 01:31 AM IST
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The project to widen the National Highway older than 46 crores, the Municipal Corporation hangs in the balance
यमुनानगर। कैल से कलानौर तक पुराना नेशनल हाईवे-73 को 46 करोड़ रुपये से चौड़ा करने का प्रोजेक्ट नगर निगम ने अधर में लटका दिया है। यह प्रोजेक्ट इसी साल जून तक पूरा करना था लेकिन जगाधरी बस स्टैंड से विश्वकर्मा चौक यमुनानगर तक पानी निकासी के लिए डाली जा रही पाइप लाइन की वजह से इसका काम समय पर पूरा नहीं हो पाएगा।
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बताया जाता है कि नगर निगम का ठेकेदार न केवल पाइप लाइन को कछुआ गति से डाल रहा है, बल्कि खुदाई की वजह से टूटी सड़क पर लोगों को चलने में परेशानी हो रही है । सुबह से लेकर शाम तक सड़क पर जाम लग रहा है। पंचायत भवन से लेकर जगाधरी बस स्टैंड तक वाहन में मात्र पांच मिनट लगते थे, परंतु अब 20 मिनट से अधिक समय लग रहा है। इससे लोगों का समय तो बर्बाद हो ही रहा है साथ में पेट्रोल व डीजल का खर्च अलग से बढ़ गया है।
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जगाधरी के गंदे पानी को यमुनानगर तक ले जाने के लिए नगर निगम द्वारा अमरूत योजना के तहत सड़क किनारे पाइप लाइन डाली जा रही है। निकासी के लिए जो पाइप डाला जा रहा है उसकी मोटाई करीब साढ़े पांच फीट है। इस परियोजना पर करीब 11.80 करोड़ रुपये की लागत आनी है। पाइप डालने का काम एक साल से चल रहा है लेकिन अभी तक 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ। जितेंद्र, सचिन अंकुर का कहना है कि ठेकेदार ने पाइप डालने के लिए खोदी गई मिट्टी को सड़क पर ही डाल रखा है। जिससे रोजाना हजारों वाहन चालक परेशान हो रहे हैं।
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बाक्स
46 करोड़ रुपये से चौड़ी होनी थी सड़क
कैल से कलानौर पहले एनएच-73 था। सहारनपुर-पंचकूला बाईपास बनने के बाद पुराने हाईवे की करीब 22 किलोमीटर सड़क को बाद में पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर दिया गया था। इस सड़क को चौड़ा करने की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। इसके लिए 46 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया। योजना के अनुसार 22 किलोमीटर सड़क की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर किया जाना है। सड़क का जो हिस्सा शहर में है उसे चौड़ा कर फोरलेन करना था। फोरलेन के बीच में डिवाइडर भी बनाया जाना है ताकि सड़क पर जाम न लगे। इसमें से महाराणा प्रताप चौक से लेकर कन्हैया साहिब चौक तक ही सड़क को चौड़ा कर बीच में डिवाइडर बनाया गया है। हालांकि सड़क बननी अभी बाकी है। पहले वन विभाग से पेड़ काटने की एनओसी नहीं मिलने की वजह से सड़क का काम लटका रहा।
शहर की लाइफ लाइन है यह सड़क
कैल से कलानौर तक सड़क शहर की लाइफ लाइन है। यह शहर के बीचोबीच गुजर रही है। सबसे ज्यादा ट्रैफिक का दबाव इसी सड़क पर है। 24 घंटे में सड़क से 20 हजार से ज्यादा वाहन निकलते हैं। उत्तर प्रदेश, हरिद्वार, हिमाचल प्रदेश जाने के लिए लोग इसी सड़क से आते-जाते हैं। गर्मी के बाद मानसून शुरू हो जाएगा। पाइप लाइन डालने के लिए सड़क को गहरा खोदा गया है। ऐसे में इसके ऊपर तुरंत सड़क नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए दोबारा पाइप लाइन के ऊपर की मिट्टी को निकाला जाएगा। फिर इसमें रेत व गटका डाल कर इसे रोड रोलर से दबाया जाएगा। इसमें पानी का छिड़काव करने के बाद इसे काफी समय तक ऐसे ही छोड़ा जाएगा। सड़क बनाने में कम से कम आठ माह का समय लगेगा।

वर्जन
नगर निगम द्वारा डाली जा रही पाइप लाइन के चलते कैल से कलानौर तक सड़क को चौड़ा करने का काम बीच में रुक गया है। जून तक काम पूरा करना था। वहीं अभी बीपीसीएल को भी सीएनजी सप्लाई के लिए भी गैस लाइन डालनी है।
-विनोद शर्मा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।
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