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Yamuna Nagar News: जेल अधीक्षक बोले- कैदियों ने खुद बनाए चोट के निशान

Fri, 13 Mar 2026 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 13 Mar 2026 02:51 AM IST
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The jail superintendent said that the prisoners themselves made the injury marks.
यमुनानगर। जिला जेल में छह कैदियों के साथ मारपीट और जबरन उगाही के मामले में वीरवार को जेल अधीक्षक सत्येंद्र ने अदालत में अपना जबाव दाखिल किया। इसमें उन्होंने कैदियों और उनके परिजनों की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को गलत और निराधार बताया है। जेल प्रशासन ने अदालत को यह भी बताया कि 10 मार्च को उसी ब्लॉक में बंद हवालाती सागर ने अधिकारियों को जानकारी दी थी कि कुछ बंदियों ने जानबूझकर एक-दूसरे की पीठ पर चोट के निशान बनाए हैं।
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उन्होंने बताया कि इन बंदियों ने अपने परिजनों को अदालत में आवेदन देने के लिए पहले ही निर्देश दे दिए थे ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। इसके बाद अन्य कैदियों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की गई, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई। वहीं दूसरी ओर कैदियों के वकील और परिजन प्रशासन के दावों पर सवाल उठा रहे हैं।
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जेल अधीक्षक ने अदालत को बताया कि जिला जेल के अन्य ब्लॉकों में भीड़ अधिक होने के कारण कुछ कैदियों और बंदियों को सुरक्षा वार्ड 12-ए में रखा गया था। इसी वार्ड में मनोहर लाल, गुरमीत, मनदीप, नरेंद्र, योगेश और चांद मोहम्मद को भी रखा गया था। प्रशासन के अनुसार इन कैदियों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाने की नीयत से आपस में मिलकर तौलिये की गांठ बनाकर एक-दूसरे के शरीर, विशेष रूप से कमर के हिस्से पर खरोंच जैसे चोट के निशान बनाए। इसके बाद उन्होंने पहले ही अपने परिजनों को इसकी जानकारी दे दी और उन्हें अदालत में शिकायत करने के लिए कहा। जेल प्रशासन का कहना है कि ये कैदी जेल में काम नहीं करना चाहते और इसी वजह से यह साजिश रची गई।
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प्रशासन ने कैदियों की फोन कॉल रिकॉर्डिंग का भी हवाला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कैदी नरेंद्र की 8 मार्च की कॉल में उसकी पत्नी ने जेल प्रशासन के खिलाफ शिकायत की बात पूछी तो उसने कहा कि प्रशासन से पंगा नहीं लेना चाहिए। वहीं हवालाती बंदी मनदीप ने अपने परिजनों से बातचीत में कहा कि वह चक्की में काम करते-करते परेशान हो गया है और उसे झाड़ू लगाकर सफाई भी करनी पड़ती है। रिपोर्ट में कैदी मनोहर लाल की अपने वकील से हुई बातचीत का भी जिक्र है।

जेल अधीक्षक ने अदालत को बताया कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सभी छह बंदियों का सिविल अस्पताल जगाधरी में मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसकी रिपोर्ट 11 मार्च को अदालत में पेश कर दी गई है। प्रशासन ने यह भी बताया कि कुछ बंदियों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं कैदियों के वकील सुमित भारद्वाज का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में हर कैदी के शरीर पर सात से आठ गंभीर चोटें पाई गई हैं। ऐसे में इन चोटों को तौलिये से रगड़ने की बात समझ से परे है। उधर कैदी नरेंद्र की पत्नी अमनदीप कौर ने आरोप लगाया कि उसके पति को काफी समय से चक्की में रखा गया है। उन्होंने जेल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संवाद
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