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गुरु-शिष्य का संबंध समर्पण का प्रतीक : सुमान्या
Mon, 13 Jul 2026 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 13 Jul 2026 12:37 AM IST
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व्यासपुर में साप्ताहिक सत्संग के दौरान प्रवचन सुनने पहुंचे श्रद्धालु। प्रवक्ता
व्यासपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में रविवार को साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया। साध्वी सुमान्या भारती ने गुरु-शिष्य संबंध की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह संबंध दिव्य प्रेम, समर्पण और आत्म जागृति की अनंत यात्रा का प्रतीक है।
साध्वी ने कहा कि प्रत्येक युग में जब भी भगवान किसी रूप में इस धरती पर अवतरित हुए हैं, उनके भक्तों ने भी अपनी भक्ति और प्रेम के माध्यम से समाज को सत्य और आध्यात्मिकता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रीत केवल किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति आकर्षण नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच स्थापित होने वाला ऐसा दिव्य संबंध है, जो स्वार्थ, अपेक्षाओं और सीमाओं से परे होता है। जब यही दिव्य प्रीत गुरु और शिष्य के बीच स्थापित होती है तो वह शिष्य को आत्मकल्याण और परम सत्य की ओर अग्रसर करती है। संवाद
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साध्वी ने कहा कि प्रत्येक युग में जब भी भगवान किसी रूप में इस धरती पर अवतरित हुए हैं, उनके भक्तों ने भी अपनी भक्ति और प्रेम के माध्यम से समाज को सत्य और आध्यात्मिकता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रीत केवल किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति आकर्षण नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच स्थापित होने वाला ऐसा दिव्य संबंध है, जो स्वार्थ, अपेक्षाओं और सीमाओं से परे होता है। जब यही दिव्य प्रीत गुरु और शिष्य के बीच स्थापित होती है तो वह शिष्य को आत्मकल्याण और परम सत्य की ओर अग्रसर करती है। संवाद
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