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Yamuna Nagar News: द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का किया वर्णन
Sat, 14 Feb 2026 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जठलाना रोड स्थित श्री हाटकेश्वर नाथ महादेव एवं श्री शाकुंभरी देवी मंदिर में चल रही संगीतमय शिव महापुराण कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास आचार्य सचिन कौशिक ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए भगवान शिव के नाम-स्मरण की आध्यात्मिक शक्ति पर प्रकाश डाला।
शुरुआत पुजारी ब्रह्मनाथ नागर की अगुवाई में विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद कथा का शुभारंभ हुआ। आचार्य सचिन कौशिक ने कहा कि भगवान शिव के विभिन्न नामों में अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा निहित है, जो जीवन के कष्टों को दूर कर मनुष्य को मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करती है। उन्होंने बताया कि भारत में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है।
इनमें सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम, घृष्णेश्वर और भीमाशंकर प्रमुख हैं। इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और स्मरण मात्र से पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आचार्य ने कहानियमित जाप से मन में शांति, स्थिरता और आध्यात्मिक जागृति उत्पन्न होती है।
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उन्होंने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से बताया कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची भावना से शीघ्र प्रसन्न होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। कथा पंडाल में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। भजनों और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। कथा के समापन पर सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया गया।
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यमुनानगर। जठलाना रोड स्थित श्री हाटकेश्वर नाथ महादेव एवं श्री शाकुंभरी देवी मंदिर में चल रही संगीतमय शिव महापुराण कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास आचार्य सचिन कौशिक ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए भगवान शिव के नाम-स्मरण की आध्यात्मिक शक्ति पर प्रकाश डाला।
शुरुआत पुजारी ब्रह्मनाथ नागर की अगुवाई में विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद कथा का शुभारंभ हुआ। आचार्य सचिन कौशिक ने कहा कि भगवान शिव के विभिन्न नामों में अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा निहित है, जो जीवन के कष्टों को दूर कर मनुष्य को मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करती है। उन्होंने बताया कि भारत में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है।
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इनमें सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम, घृष्णेश्वर और भीमाशंकर प्रमुख हैं। इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और स्मरण मात्र से पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आचार्य ने कहानियमित जाप से मन में शांति, स्थिरता और आध्यात्मिक जागृति उत्पन्न होती है।
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उन्होंने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से बताया कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची भावना से शीघ्र प्रसन्न होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। कथा पंडाल में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। भजनों और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। कथा के समापन पर सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया गया।