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Yamuna Nagar News: कुट्टू और स्मांक आटे के विभाग ने नहीं लिए नमूने
Sun, 11 Oct 2026 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। नवरात्र शुरू होते ही व्रत में खाए जाने वाले कुट्टू और स्मांक के आटे की मांग बढ़ेगी। शहर के मुख्य बाजार से लेकर गलियों की दुकानों तक आटे बिक्री शुरू हो गई है। लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभी तक नमूने नहीं लिए हैं।
ऐसे में श्रद्धालु बिना जांचे आटे से बने व्यंजनों का सेवन कर रहे हैं। विभाग अब नवरात्र के दौरान नमूने लेता है तो उनकी जांच रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन लग सकते हैं। तब तक जिले में बड़ी मात्रा में आटे की खपत हो चुकी होगी। खासकर उन थोक कारोबारियों, व्यापारिक कंपनियों व आटा चक्की पर जांच जरूरी थी, जहां नवरात्र से कई दिन पहले ही आटे का भंडारण कर लिया जाता है। किराना दुकानदार भी इन्हीं थोक कारोबारियों से आटा खरीदकर ग्राहकों को बेचते हैं। इसके बावजूद अभी तक इन कारोबारियों के यहां नमूने लेने की कार्रवाई नहीं हुई है।
पिछले वर्ष कुट्टू का आटा खाने के बाद जिले में कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। साढौरा में 93 लोग बीमार हो गए थे, जबकि जगाधरी में एक परिवार समेत करीब 15 लोगों को परेशानी हुई थी।
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तीन माह बाद खराब हो सकता है आटा : खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार कुट्टू के आटे की गुणवत्ता बनाए रखना भी जरूरी है। पुराने आटे का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जानकारी के अनुसार, कुट्टू का आटा करीब तीन माह में खराब हो जाता है। ऐसे में चैत्र नवरात्र के बाद रखा गया आटा अश्विन माह के नवरात्र में इस्तेमाल करने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच जरूरी है। केवल आटे का रंग और गंध देखकर उसकी शुद्धता का भरोसा नहीं किया जा सकता।
अभी कुट्टू व स्मांक के आटे के नमूने नहीं लिए गए हैं। रविवार से नमूने भरकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसकी रिपोर्ट करीब 15 दिन बाद आएगी। -डॉ. गुलाब सिंह, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। नवरात्र शुरू होते ही व्रत में खाए जाने वाले कुट्टू और स्मांक के आटे की मांग बढ़ेगी। शहर के मुख्य बाजार से लेकर गलियों की दुकानों तक आटे बिक्री शुरू हो गई है। लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभी तक नमूने नहीं लिए हैं।
ऐसे में श्रद्धालु बिना जांचे आटे से बने व्यंजनों का सेवन कर रहे हैं। विभाग अब नवरात्र के दौरान नमूने लेता है तो उनकी जांच रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन लग सकते हैं। तब तक जिले में बड़ी मात्रा में आटे की खपत हो चुकी होगी। खासकर उन थोक कारोबारियों, व्यापारिक कंपनियों व आटा चक्की पर जांच जरूरी थी, जहां नवरात्र से कई दिन पहले ही आटे का भंडारण कर लिया जाता है। किराना दुकानदार भी इन्हीं थोक कारोबारियों से आटा खरीदकर ग्राहकों को बेचते हैं। इसके बावजूद अभी तक इन कारोबारियों के यहां नमूने लेने की कार्रवाई नहीं हुई है।
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पिछले वर्ष कुट्टू का आटा खाने के बाद जिले में कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। साढौरा में 93 लोग बीमार हो गए थे, जबकि जगाधरी में एक परिवार समेत करीब 15 लोगों को परेशानी हुई थी।
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तीन माह बाद खराब हो सकता है आटा : खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार कुट्टू के आटे की गुणवत्ता बनाए रखना भी जरूरी है। पुराने आटे का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जानकारी के अनुसार, कुट्टू का आटा करीब तीन माह में खराब हो जाता है। ऐसे में चैत्र नवरात्र के बाद रखा गया आटा अश्विन माह के नवरात्र में इस्तेमाल करने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच जरूरी है। केवल आटे का रंग और गंध देखकर उसकी शुद्धता का भरोसा नहीं किया जा सकता।
अभी कुट्टू व स्मांक के आटे के नमूने नहीं लिए गए हैं। रविवार से नमूने भरकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसकी रिपोर्ट करीब 15 दिन बाद आएगी। -डॉ. गुलाब सिंह, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।