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Yamuna Nagar News: स्कूल में चल रहे कॉलेज को मिलेगा अपना भवन
Sun, 25 Jan 2026 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:17 AM IST
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विद्यालय में चल रहा राजकीय महाविद्यालय। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के भवन में चल रहे राजकीय महाविद्यालय को जल्द ही अपना भवन मिल जाएगा। चूंकि महाविद्यालय का भवन बनाने के लिए भूमि मिल गई है और जल्द ही इस पर निर्माण भी शुरू हो जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष महाविद्यालय का नया सत्र अपने नए भवन में शुरू होगा। भवन के लिए कुल आठ एकड़, छह कनाल और 14 मरले भूमि आवंटित की गई है।
राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर को थाना छप्पर में नया भवन मिलेगा। इसकी भूमि की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने यह जमीन पंचायत से 33 साल की लीज पर ली है। वहीं, अब भवन निर्माण के लिए टेंडर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उम्मीद है कि डेढ़ साल में निर्माण पूरा हो जाएगा। कॉलेज को सात वर्ष से इसका इंतजार था।
अभी तक सरस्वतीनगर कॉलेज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के चार कमरों के भवन में चल रहा है। इससे कॉलेज के साथ विद्यालय के विद्यार्थियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब नया भवन मिलने से जहां सुविधा होगी। वहीं, कॉलेज में संसाधन, शिक्षा गुणवत्ता, प्रयोगशालाएं के साथ कोर्स भी बढ़ेंगे। इससे कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या में भी वृद्धि होगी। अभी कॉलेज में करीब 120 विद्यार्थी हैं।
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महाविद्यालय के पास विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। यही कारण है कि 2019 में शुरू हुए कॉलेज में अभी तक सिर्फ दो ही कोर्स करवाए जाते हैं और दोनों कोर्सों में सीटों की संख्या कुल 240 है। विद्यार्थियों व स्टाफ के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। कोर्स बढ़ने से विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ती, परंतु कॉलेज के पास इतनी जगह ही नहीं है।
इस कारण कॉलेज में न कभी विद्यार्थियों की और न ही कभी कोर्स की संख्या बढ़ पाई। इस कॉलेज में बीकाॅम की 80 और बीए की कुल 160 सीटें पर भी दाखिला पूरा करना भी हर वर्ष स्टाफ के लिए चुनौती से कम नहीं होता है।
कालेज को जरूरत अनुसार अपना भवन मिलने से न केवल कक्षाओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्टाफ, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, खेल मैदान व अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। ऐसा होने से क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न कोर्स के लिए न दूरस्थ स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा न महंगे कोर्स का झंझट झेलना पड़ेगा। इससे निजी व एडेड कालेजों के महंगे कोर्सों पर निर्भरता भी कम होगी।
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तीन कॉलेज के पास अपना भवन
जिले में पांच राजकीय महाविद्यालय हैं। इनमें से तीन महाविद्यालयों के पास अपने भवन हैं दो भवन के लिए जूझ रहे हैं। सबसे बड़ा राजकीय महाविद्यालय छछरौली में है और इसके पास अपना भवन है। इसके बाद दूसरा महाविद्यालय रादौर में है और इसका भी अपना भवन है। तीसरे महाविद्यालय व्यासपुर आहड़वाला के पास अपना भवन है। सरस्वतीनगर और प्रतापनगर महाविद्यालयों के पास अपना भवन नहीं है। सरस्वतीनगर कॉलेज वर्ष 2019 में शुरू हुआ था और तब से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहा था। वहीं, प्रतापनगर काॅलेज क्षेत्र की आईटीआई के नए भवन में चल रहा है।
वर्जन-
भवन मिलने के बाद कॉलेज में सुविधाओं के साथ कोर्स बढ़ेंगे। निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। आशा है कि डेढ़ साल में भवन तैयार हो जाएगा। -सुमन भाटिया, प्राचार्या, राजकीय महाविद्यालय, सरस्वतीनगर।
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जगाधरी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के भवन में चल रहे राजकीय महाविद्यालय को जल्द ही अपना भवन मिल जाएगा। चूंकि महाविद्यालय का भवन बनाने के लिए भूमि मिल गई है और जल्द ही इस पर निर्माण भी शुरू हो जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष महाविद्यालय का नया सत्र अपने नए भवन में शुरू होगा। भवन के लिए कुल आठ एकड़, छह कनाल और 14 मरले भूमि आवंटित की गई है।
राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर को थाना छप्पर में नया भवन मिलेगा। इसकी भूमि की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने यह जमीन पंचायत से 33 साल की लीज पर ली है। वहीं, अब भवन निर्माण के लिए टेंडर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उम्मीद है कि डेढ़ साल में निर्माण पूरा हो जाएगा। कॉलेज को सात वर्ष से इसका इंतजार था।
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अभी तक सरस्वतीनगर कॉलेज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के चार कमरों के भवन में चल रहा है। इससे कॉलेज के साथ विद्यालय के विद्यार्थियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब नया भवन मिलने से जहां सुविधा होगी। वहीं, कॉलेज में संसाधन, शिक्षा गुणवत्ता, प्रयोगशालाएं के साथ कोर्स भी बढ़ेंगे। इससे कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या में भी वृद्धि होगी। अभी कॉलेज में करीब 120 विद्यार्थी हैं।
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महाविद्यालय के पास विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। यही कारण है कि 2019 में शुरू हुए कॉलेज में अभी तक सिर्फ दो ही कोर्स करवाए जाते हैं और दोनों कोर्सों में सीटों की संख्या कुल 240 है। विद्यार्थियों व स्टाफ के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। कोर्स बढ़ने से विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ती, परंतु कॉलेज के पास इतनी जगह ही नहीं है।
इस कारण कॉलेज में न कभी विद्यार्थियों की और न ही कभी कोर्स की संख्या बढ़ पाई। इस कॉलेज में बीकाॅम की 80 और बीए की कुल 160 सीटें पर भी दाखिला पूरा करना भी हर वर्ष स्टाफ के लिए चुनौती से कम नहीं होता है।
कालेज को जरूरत अनुसार अपना भवन मिलने से न केवल कक्षाओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्टाफ, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, खेल मैदान व अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। ऐसा होने से क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न कोर्स के लिए न दूरस्थ स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा न महंगे कोर्स का झंझट झेलना पड़ेगा। इससे निजी व एडेड कालेजों के महंगे कोर्सों पर निर्भरता भी कम होगी।
तीन कॉलेज के पास अपना भवन
जिले में पांच राजकीय महाविद्यालय हैं। इनमें से तीन महाविद्यालयों के पास अपने भवन हैं दो भवन के लिए जूझ रहे हैं। सबसे बड़ा राजकीय महाविद्यालय छछरौली में है और इसके पास अपना भवन है। इसके बाद दूसरा महाविद्यालय रादौर में है और इसका भी अपना भवन है। तीसरे महाविद्यालय व्यासपुर आहड़वाला के पास अपना भवन है। सरस्वतीनगर और प्रतापनगर महाविद्यालयों के पास अपना भवन नहीं है। सरस्वतीनगर कॉलेज वर्ष 2019 में शुरू हुआ था और तब से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहा था। वहीं, प्रतापनगर काॅलेज क्षेत्र की आईटीआई के नए भवन में चल रहा है।
वर्जन-
भवन मिलने के बाद कॉलेज में सुविधाओं के साथ कोर्स बढ़ेंगे। निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। आशा है कि डेढ़ साल में भवन तैयार हो जाएगा। -सुमन भाटिया, प्राचार्या, राजकीय महाविद्यालय, सरस्वतीनगर।