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Yamuna Nagar News: देहरादून से आसन नदी में बहकर आए थे शव
Sat, 20 Sep 2025 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हथनीकुंड बैराज के पानी में मिले दो शवों में से एक की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद के मुंडिया जैन गांव निवासी राजकुमार (23) के रूप में हुई। राजकुमार उत्तराखंड के देहरादून में बादल फटने से आसन नदी के उफान में बह गया था। शुक्रवार को मृतक के छोटे भाई कृष्ण ने शवगृह पहुंचकर शव की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
कृष्ण ने बताया कि उत्तराखंड के देहरादून में बादल फटने से आसन नदी के उफान में उसके माता-पिता, भाभी व दो भाई की मौत हो चुकी है। उसकी मां सोमती देवी, पिता हरचरण सिंह, भाई होराम, रीना देवी व राजकुमार आसन नदी में बह गए थे। परिवार के सभी लोग उत्तराखंड के जिला देहरादून में खनन साइट पर कार्य करते थे।
माता का शव 16 सितंबर को मिल गया था। उनका तभी संस्कार कर दिया। वीरवार को पिता, भाई होराम व भाभी रीना का शव मिला। तीनों का रात को संस्कार किया गया।
तभी उन्हें पुलिस से एक फोटो मिली, जो उनके दूसरे भाई राजकुमार की थी। थाना प्रभारी नर सिंह ने बताया कि शिनाख्त होने पर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया है।
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मृतक के भाई कृष्ण ने बताया कि उसका परिवार नदी में से खनन का काम करता है। वे साल में दो बार उत्तराखंड के परवल में आसन नदी में खनन के लिए जाते थे और कई दिनों तक परवल में ही किराये का मकान लेकर रहा करते थे। इस बार पिता हरचरण सिंह, माता सोमती, भाई होराम व उनकी पत्नी और एक और भाई राजकुमार परवल गए थे। वह 16 सितंबर की सुबह वह नदी में खनन कर रहे थे, जिसमें 15 लोग शामिल थे।
अचानक नदी का पानी बढ़ने लगा तो उन्होंने बाहर निकलनी की सोची, लेकिन देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि मौका नहीं मिला और सभी नदी के बहाव में बह गए। कृष्ण ने बताया कि राजकुमार अभी कुंवारा था। वहीं उसके भाई होराम के पास 5 वर्षीय लड़का तनु राज और 6 वर्षीय लड़की रीतू हैं। दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है।
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यमुनानगर। हथनीकुंड बैराज के पानी में मिले दो शवों में से एक की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद के मुंडिया जैन गांव निवासी राजकुमार (23) के रूप में हुई। राजकुमार उत्तराखंड के देहरादून में बादल फटने से आसन नदी के उफान में बह गया था। शुक्रवार को मृतक के छोटे भाई कृष्ण ने शवगृह पहुंचकर शव की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
कृष्ण ने बताया कि उत्तराखंड के देहरादून में बादल फटने से आसन नदी के उफान में उसके माता-पिता, भाभी व दो भाई की मौत हो चुकी है। उसकी मां सोमती देवी, पिता हरचरण सिंह, भाई होराम, रीना देवी व राजकुमार आसन नदी में बह गए थे। परिवार के सभी लोग उत्तराखंड के जिला देहरादून में खनन साइट पर कार्य करते थे।
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माता का शव 16 सितंबर को मिल गया था। उनका तभी संस्कार कर दिया। वीरवार को पिता, भाई होराम व भाभी रीना का शव मिला। तीनों का रात को संस्कार किया गया।
तभी उन्हें पुलिस से एक फोटो मिली, जो उनके दूसरे भाई राजकुमार की थी। थाना प्रभारी नर सिंह ने बताया कि शिनाख्त होने पर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया है।
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मृतक के भाई कृष्ण ने बताया कि उसका परिवार नदी में से खनन का काम करता है। वे साल में दो बार उत्तराखंड के परवल में आसन नदी में खनन के लिए जाते थे और कई दिनों तक परवल में ही किराये का मकान लेकर रहा करते थे। इस बार पिता हरचरण सिंह, माता सोमती, भाई होराम व उनकी पत्नी और एक और भाई राजकुमार परवल गए थे। वह 16 सितंबर की सुबह वह नदी में खनन कर रहे थे, जिसमें 15 लोग शामिल थे।
अचानक नदी का पानी बढ़ने लगा तो उन्होंने बाहर निकलनी की सोची, लेकिन देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि मौका नहीं मिला और सभी नदी के बहाव में बह गए। कृष्ण ने बताया कि राजकुमार अभी कुंवारा था। वहीं उसके भाई होराम के पास 5 वर्षीय लड़का तनु राज और 6 वर्षीय लड़की रीतू हैं। दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है।