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Yamuna Nagar News: आरोपियों ने अलग-अलग नाम से बनाई थीं कंपनियां
Wed, 26 Nov 2025 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 26 Nov 2025 06:03 AM IST
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यमुनानगर। केंचुआ खाद प्रकरण में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे। हालांकि पुलिस ने इस मामले में आरोपी जोगिंद्र राज, उसका बेटा गौरव सहित राकेश शर्मा व नाभ सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है, परंतु इन सब के बाद भी इस फर्जीवाड़े में अन्य और लोग भी शामिल है। जिनकी पुलिस को तलाश है।
आरोपी जोगिंद्र राज व राकेश कुमार दोनों पार्टनर थे। उधर, आरोपियों से पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी ने अलग-अलग नाम से चार प्रकार की एग्रो नेचर, जैव एग्रो, ग्रीन एग्रो के नाम से अलग-अलग कंपनी बना रखी थी। जिसकी किसी को भी भनक नहीं लगी। सब आरोपियों की मनमर्जी से चल रहा था। इससे उनके बैग में भी बिक रहे और मोटी रकम भी आ रही थी। आरोपियों ने बनाई गई अलग-अलग कंपनियों में कई प्रकार की नेचर के खाद रखे हुए थे। क्योंकि, किसानों को जिस नेचर के बैग की जरूरत होती थी, वे उसे उठाकर उन्हें दे देते थे। वहीं, आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी केवल सिंह रंगा ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार केंचुआ खाद बनाने के नाम पर छह हजार किसानों से लगभग 42 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।
बता दें इस फर्जीवाड़े का तब खुलासा हुआ, जब जब तीन अप्रैल को इस कंपनी के हेड सेक्टर 17 निवासी राकेश शर्मा का चार पांच युवकों ने अपहरण भी कर लिया था। उसके मोबाइल से रुपये अपने खाते में डलवाएं थे। इनमें से दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया था कि यह दोनों आरोपित कंपनी के एजेंट थे। उन्होंने रुपये वापस लेने के लिए यह अपहरण किया था। संवाद
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आरोपी जोगिंद्र राज व राकेश कुमार दोनों पार्टनर थे। उधर, आरोपियों से पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी ने अलग-अलग नाम से चार प्रकार की एग्रो नेचर, जैव एग्रो, ग्रीन एग्रो के नाम से अलग-अलग कंपनी बना रखी थी। जिसकी किसी को भी भनक नहीं लगी। सब आरोपियों की मनमर्जी से चल रहा था। इससे उनके बैग में भी बिक रहे और मोटी रकम भी आ रही थी। आरोपियों ने बनाई गई अलग-अलग कंपनियों में कई प्रकार की नेचर के खाद रखे हुए थे। क्योंकि, किसानों को जिस नेचर के बैग की जरूरत होती थी, वे उसे उठाकर उन्हें दे देते थे। वहीं, आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी केवल सिंह रंगा ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार केंचुआ खाद बनाने के नाम पर छह हजार किसानों से लगभग 42 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।
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बता दें इस फर्जीवाड़े का तब खुलासा हुआ, जब जब तीन अप्रैल को इस कंपनी के हेड सेक्टर 17 निवासी राकेश शर्मा का चार पांच युवकों ने अपहरण भी कर लिया था। उसके मोबाइल से रुपये अपने खाते में डलवाएं थे। इनमें से दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया था कि यह दोनों आरोपित कंपनी के एजेंट थे। उन्होंने रुपये वापस लेने के लिए यह अपहरण किया था। संवाद
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