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Yamuna Nagar News: रेडियोग्राफर के पद खाली, कैसे चलेंगी एक्सरे मशीनें
Wed, 09 Sep 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:47 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। विभाग ने व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के लिए नई एक्सरे मशीनें खरीदी हैं। वहीं मशीन चलाने के लिए रेडियोग्राफर ही नहीं हैं।
मुख्यालय स्तर पर अब मशीनों को जिले में भेजने की तैयारी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना रेडियोग्राफर के इन आधुनिक मशीनों को चलाएगा कौन? स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस समय केवल दो ही रेडियोग्राफर कार्यरत हैं। कुल स्वीकृत पद 21 हैं इनमें से 19 खाली पड़े हैं।
ऐसे में तीन नए केंद्रों पर एक्सरे मशीनें लगने के बावजूद उनका नियमित संचालन एक बड़ी चुनौती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सरस्वतीनगर सीएचसी है, जहां करीब तीन साल पहले आई एक्सरे मशीन रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने के कारण आज तक डिब्बों में ही बंद है। हालत यह है कि इस्तेमाल हुए बिना ही इस मशीन की गारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है।
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कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुर्जर और सुरेश का कहना है कि यदि मशीनों के साथ-साथ रेडियोग्राफर का प्रबंध नहीं किया गया तो यह पहल बेअसर साबित होगी। अभी व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर के मरीजों को छोटे-छोटे एक्सरे के लिए जगाधरी या यमुनानगर के चक्कर काटने पड़ते हैं। यदि समय रहते स्टाफ की तैनाती हो जाए तो यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
नारायणगढ़ भेजी गई अल्ट्रासाउंड मशीन
जिला नागरिक अस्पताल को सीएसआर फंड के तहत पिछले वर्ष दो अल्ट्रासाउंड मशीन मिली थीं। एक मशीन को जून माह में नारायणगढ़ भेज दिया गया था। रेडियोलॉजिस्ट की कमी का हवाला देकर इस मशीन को स्थानांतरित किया गया, जिससे स्थानीय मरीजों को अब भी जांच के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
रेडियोग्राफर की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है। जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है। मुख्यालय स्तर पर मशीनें खरीदी गई हैं, जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। - डॉ. जितेंद्र कुमार, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। विभाग ने व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के लिए नई एक्सरे मशीनें खरीदी हैं। वहीं मशीन चलाने के लिए रेडियोग्राफर ही नहीं हैं।
मुख्यालय स्तर पर अब मशीनों को जिले में भेजने की तैयारी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना रेडियोग्राफर के इन आधुनिक मशीनों को चलाएगा कौन? स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस समय केवल दो ही रेडियोग्राफर कार्यरत हैं। कुल स्वीकृत पद 21 हैं इनमें से 19 खाली पड़े हैं।
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ऐसे में तीन नए केंद्रों पर एक्सरे मशीनें लगने के बावजूद उनका नियमित संचालन एक बड़ी चुनौती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सरस्वतीनगर सीएचसी है, जहां करीब तीन साल पहले आई एक्सरे मशीन रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने के कारण आज तक डिब्बों में ही बंद है। हालत यह है कि इस्तेमाल हुए बिना ही इस मशीन की गारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है।
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कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुर्जर और सुरेश का कहना है कि यदि मशीनों के साथ-साथ रेडियोग्राफर का प्रबंध नहीं किया गया तो यह पहल बेअसर साबित होगी। अभी व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर के मरीजों को छोटे-छोटे एक्सरे के लिए जगाधरी या यमुनानगर के चक्कर काटने पड़ते हैं। यदि समय रहते स्टाफ की तैनाती हो जाए तो यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
नारायणगढ़ भेजी गई अल्ट्रासाउंड मशीन
जिला नागरिक अस्पताल को सीएसआर फंड के तहत पिछले वर्ष दो अल्ट्रासाउंड मशीन मिली थीं। एक मशीन को जून माह में नारायणगढ़ भेज दिया गया था। रेडियोलॉजिस्ट की कमी का हवाला देकर इस मशीन को स्थानांतरित किया गया, जिससे स्थानीय मरीजों को अब भी जांच के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
रेडियोग्राफर की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है। जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है। मुख्यालय स्तर पर मशीनें खरीदी गई हैं, जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। - डॉ. जितेंद्र कुमार, सिविल सर्जन, यमुनानगर।