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Yamuna Nagar News: बस अड्डों पर 24 घंटे वाली समय सारिणी से दिक्कत
Mon, 26 Jan 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 26 Jan 2026 01:02 AM IST
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जगाधरी बस स्टैंड पर दोपहर 2 बजे के बजाय 14 बजे प्रदशित हो रहा समय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के बस अड्डा यमुनानगर व जगाधरी पर डिजिटल डिस्प्ले पर चल रही 24 घंटे के फॉरमेट वाली समय सारिणी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। 12 घंटे के बजाय 24 घंटे के फॉरमेट में बसों के समय प्रदर्शित होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग समय को समझ नहीं पा रहे हैं। नतीजन यात्रियों को बार-बार पूछताछ केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बस अड्डों पर अब शाम सात बजे के बजाय स्क्रीन पर 19:00 बजे लिखा आ रहा है। रात आठ बजे की बस का समय 20:00 बजे दिखाया जा रहा है।
शहर के पढ़े-लिखे यात्री तो इसे आसानी से समझ लेते हैं, जबकि गांवों से आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और कम पढ़े-लिखे यात्री इस समय सारिणी को पढ़ने में असहज महसूस कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के यात्री रामपाल, जगतार का कहना है कि वे अब तक 12 घंटे के फॉरमेट में ही समय देखते और समझते आए हैं। वह यह तो पढ़ लेते हैं कि बस तीन बजे जाएगी या पांच बजे जाएगी। परंतु 24 घंटे के फॉरमेट में उन्हें यह पता ही नहीं चल पाता कि बस सुबह की है या शाम की। ऐसे में मजबूरी में उन्हें पूछताछ केंद्र पर जाकर कर्मचारियों से समय की पुष्टि करनी पड़ती है। भीड़ अधिक होने पर पूछताछ काउंटर पर कई बार कतार भी लग जाती हैं। यात्रियों का कहना है कि डिजिटल डिस्प्ले सुविधा के नाम पर लगाई गई है, लेकिन अगर वही सुविधा समझ में न आए तो उसका क्या फायदा। कई बार समय न समझ पाने के कारण लोग बस छूटने का भी डर जताते हैं।
लोगों का कहना है कि किसी भी सुविधा को शुरू करने से पहले लोगों की राय जरूर लेनी चाहिए। इसके बाद ही जनता से सीधे जुड़े विभाकों का कोई निर्णय लेना चाहिए, जिससे सुविधा का लाभ सभी को मिल सके। खासकर बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि समय सारिणी को 12 घंटे के फॉरमेट में प्रदर्शित किया जाए या फिर 24 घंटे के समय के साथ ब्रैकेट में 12 घंटे का समय भी लिखा जाए, ताकि सभी लोगों को यह समझ में आ जाए।
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समय सारिणी के समय का फॉरमेट मुख्यालय से ही बनाया गया है। यह समस्या जायज है। इस बारे में मुख्यालय बात करके समय सारिणी को 12 घंटे के फारमेट में कराया जाएगा ताकि सभी आसानी से पढ़ सके। -संजय रावल, महाप्रबंधक, रोडवेज।
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यमुनानगर। जिले के बस अड्डा यमुनानगर व जगाधरी पर डिजिटल डिस्प्ले पर चल रही 24 घंटे के फॉरमेट वाली समय सारिणी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। 12 घंटे के बजाय 24 घंटे के फॉरमेट में बसों के समय प्रदर्शित होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग समय को समझ नहीं पा रहे हैं। नतीजन यात्रियों को बार-बार पूछताछ केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बस अड्डों पर अब शाम सात बजे के बजाय स्क्रीन पर 19:00 बजे लिखा आ रहा है। रात आठ बजे की बस का समय 20:00 बजे दिखाया जा रहा है।
शहर के पढ़े-लिखे यात्री तो इसे आसानी से समझ लेते हैं, जबकि गांवों से आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और कम पढ़े-लिखे यात्री इस समय सारिणी को पढ़ने में असहज महसूस कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के यात्री रामपाल, जगतार का कहना है कि वे अब तक 12 घंटे के फॉरमेट में ही समय देखते और समझते आए हैं। वह यह तो पढ़ लेते हैं कि बस तीन बजे जाएगी या पांच बजे जाएगी। परंतु 24 घंटे के फॉरमेट में उन्हें यह पता ही नहीं चल पाता कि बस सुबह की है या शाम की। ऐसे में मजबूरी में उन्हें पूछताछ केंद्र पर जाकर कर्मचारियों से समय की पुष्टि करनी पड़ती है। भीड़ अधिक होने पर पूछताछ काउंटर पर कई बार कतार भी लग जाती हैं। यात्रियों का कहना है कि डिजिटल डिस्प्ले सुविधा के नाम पर लगाई गई है, लेकिन अगर वही सुविधा समझ में न आए तो उसका क्या फायदा। कई बार समय न समझ पाने के कारण लोग बस छूटने का भी डर जताते हैं।
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लोगों का कहना है कि किसी भी सुविधा को शुरू करने से पहले लोगों की राय जरूर लेनी चाहिए। इसके बाद ही जनता से सीधे जुड़े विभाकों का कोई निर्णय लेना चाहिए, जिससे सुविधा का लाभ सभी को मिल सके। खासकर बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि समय सारिणी को 12 घंटे के फॉरमेट में प्रदर्शित किया जाए या फिर 24 घंटे के समय के साथ ब्रैकेट में 12 घंटे का समय भी लिखा जाए, ताकि सभी लोगों को यह समझ में आ जाए।
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समय सारिणी के समय का फॉरमेट मुख्यालय से ही बनाया गया है। यह समस्या जायज है। इस बारे में मुख्यालय बात करके समय सारिणी को 12 घंटे के फारमेट में कराया जाएगा ताकि सभी आसानी से पढ़ सके। -संजय रावल, महाप्रबंधक, रोडवेज।