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Yamuna Nagar News: दस प्रतिशत नमूने फेल, पांच विक्रेताओं को नोटिस जारी
Fri, 28 Nov 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 28 Nov 2025 12:54 AM IST
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मिठाई के लिए गए सैंपल को सील करता कर्मचारी। आर्काइव
जगाधरी। त्योहारों के दिनों में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए मिठाइयों व दुग्ध उत्पाद के कई नमूने जांच में घटिया पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा मानक जांच में जिले की विभिन्न दुकानों से दिवाली के दिनों में लिए पांच सैंपल फेल मिले हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने पांच मिठाई विक्रेताओं को नोटिस जारी किया है। नोटिस का 30 दिन में जवाब देना होगा और इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बार सफेद व भूरा खोया पेड़ा, खोये का एक और पनीर के दो सैंपल फेल हुए हैं।
त्योहारों के दिनों में लिए मिठाइयों व दुग्ध उत्पादों के 10 प्रतिशत सैंपल फेल मिले हैं। यह नमूने दिवाली के दिनों में लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट अब आई है। जिन पदार्थों के नमूने फेल मिले हैं उनसे बने खाद्य पदार्थ व मिठाइयां त्योहारों में बिक चुकी है। वहीं, अब रिपोर्ट आने के बाद विभाग अगले पायदान की कार्रवाई में जुट गया है। इस बार खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जिलेभर में मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों के 56 सैंपल लिए थे, इनमें से पांच सैंपल फेल मिले हैं। त्योहारों में लिए नमूनों की रिपोर्ट करीब सवा महीने बाद आई है। इसके बाद विभाग अगली कार्रवाई में जुट गया है। बता दें कि विभाग की ओर से पांच वर्ष में लिए नमूनों में से करीब एक चौथाई मानकों पर खरे नहीं मिले हैं।
त्योहारों के बाद आई रिपोर्ट, बिक गई मिठाइयां
जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दिवाली में मिठाइयों के नमूने लिए गए थे। तब विभाग की यह कार्रवाई करीब एक सप्ताह पहले शुरू हुई। मिठाइयों के सैंपल की रिपोर्ट आने में एक से डेढ़ माह का समय लगता है। देरी से सैंपलिंग होने के कारण जिलेभर में मिलावटी व कम गुणवत्ता की मिठाइयां लोगों ने खरीदकर खा गए। ऐसे में जिले की विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अपील की है कि विभाग की यह कार्रवाई त्योहार से कम से कम दो महीने पहले शुरू होनी चाहिए, ताकि समय रहते रिपोर्ट आए और लोग ऐसी मिठाइयां खाने से बच सकें।
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हर साल फेल हो रहे सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग हर साल मिठाइयों के सैंपल लेता है और इनमें से कई नमूने फेल मिलते हैं। वर्ष 2020 में विभाग की ओर से करीब 60 सैंपल लिए थे, जिसमें से दस फेल हुए। इसी तरह 2021 में 45 नमूनों में नौ फेल मिले थे। इसी तरह वर्ष 2022 में 50 नमूनों में से दस फेल मिले हैं। वर्ष 2023 में 40 और 2024 में लिए करीब 35 सैंपल लिए गए थे। पिछले साल लिए सैंपल में से एक अनसेफ मिला था। यानी इससे निर्मित पदार्थों का सेवन करना जानलेवा हो सकता है। विभाग के अनुसार यह नमूने सब स्टैंडर्ड हैं। इस तरह सैंपल फेल होने पर जुर्माना लगाया जाता है। सब स्टैंडर्ड सैंपलिंग में अधिकतम पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। जबकि अनसेफ सैंपल मिलने पर तीन साल तक सजा, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। विभाग की ओर से इस बार लिए नमूनों में से अनसेफ सैंपल नहीं मिला है।
विभाग की ओर से नियमानुसार और समय पर कार्रवाई की जाती है। त्योहारों के दौरान जिलेभर में कई दुकानों से विभिन्न मिठाइयों के नमूने लिए गए थे। जिन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ लैब में भेजा गया था। पांच की रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड मिली है। जिसके बाद आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
-डॉ. अमित चौहान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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त्योहारों के दिनों में लिए मिठाइयों व दुग्ध उत्पादों के 10 प्रतिशत सैंपल फेल मिले हैं। यह नमूने दिवाली के दिनों में लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट अब आई है। जिन पदार्थों के नमूने फेल मिले हैं उनसे बने खाद्य पदार्थ व मिठाइयां त्योहारों में बिक चुकी है। वहीं, अब रिपोर्ट आने के बाद विभाग अगले पायदान की कार्रवाई में जुट गया है। इस बार खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जिलेभर में मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों के 56 सैंपल लिए थे, इनमें से पांच सैंपल फेल मिले हैं। त्योहारों में लिए नमूनों की रिपोर्ट करीब सवा महीने बाद आई है। इसके बाद विभाग अगली कार्रवाई में जुट गया है। बता दें कि विभाग की ओर से पांच वर्ष में लिए नमूनों में से करीब एक चौथाई मानकों पर खरे नहीं मिले हैं।
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त्योहारों के बाद आई रिपोर्ट, बिक गई मिठाइयां
जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दिवाली में मिठाइयों के नमूने लिए गए थे। तब विभाग की यह कार्रवाई करीब एक सप्ताह पहले शुरू हुई। मिठाइयों के सैंपल की रिपोर्ट आने में एक से डेढ़ माह का समय लगता है। देरी से सैंपलिंग होने के कारण जिलेभर में मिलावटी व कम गुणवत्ता की मिठाइयां लोगों ने खरीदकर खा गए। ऐसे में जिले की विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अपील की है कि विभाग की यह कार्रवाई त्योहार से कम से कम दो महीने पहले शुरू होनी चाहिए, ताकि समय रहते रिपोर्ट आए और लोग ऐसी मिठाइयां खाने से बच सकें।
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हर साल फेल हो रहे सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग हर साल मिठाइयों के सैंपल लेता है और इनमें से कई नमूने फेल मिलते हैं। वर्ष 2020 में विभाग की ओर से करीब 60 सैंपल लिए थे, जिसमें से दस फेल हुए। इसी तरह 2021 में 45 नमूनों में नौ फेल मिले थे। इसी तरह वर्ष 2022 में 50 नमूनों में से दस फेल मिले हैं। वर्ष 2023 में 40 और 2024 में लिए करीब 35 सैंपल लिए गए थे। पिछले साल लिए सैंपल में से एक अनसेफ मिला था। यानी इससे निर्मित पदार्थों का सेवन करना जानलेवा हो सकता है। विभाग के अनुसार यह नमूने सब स्टैंडर्ड हैं। इस तरह सैंपल फेल होने पर जुर्माना लगाया जाता है। सब स्टैंडर्ड सैंपलिंग में अधिकतम पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। जबकि अनसेफ सैंपल मिलने पर तीन साल तक सजा, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। विभाग की ओर से इस बार लिए नमूनों में से अनसेफ सैंपल नहीं मिला है।
विभाग की ओर से नियमानुसार और समय पर कार्रवाई की जाती है। त्योहारों के दौरान जिलेभर में कई दुकानों से विभिन्न मिठाइयों के नमूने लिए गए थे। जिन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ लैब में भेजा गया था। पांच की रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड मिली है। जिसके बाद आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
-डॉ. अमित चौहान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।