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Yamuna Nagar News: विद्यालय छोड़ चुके विद्यार्थियों को ढूंढेंगे गुरुजी
Sun, 08 Nov 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 08 Nov 2026 01:06 AM IST
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जिला शिक्षा सदन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के राजकीय स्कूलों से पढ़ाई छोड़ चुके करीब 10,500 विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अब शिक्षक घर-घर जाकर उनकी तलाश करेंगे। शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर जिलेभर में सर्वे कराया जाएगा।
इसमें सत्र के बीच स्कूल छोड़ने वाले और लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। साथ ही छह से सात वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बच्चों को भी चिह्नित किया जाएगा, जिन्हें विद्यालय में दाखिला दिलाया जाना है। हालांकि, जिले में शिक्षकों की भारी कमी इस अभियान के सामने बड़ी चुनौती बन सकती है।
निदेशालय की योजना के अनुसार यह सर्वे शीतकालीन सत्र में शुरू किया जा सकता है। इसका उद्देश्य स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों को दोबारा विद्यालय तक लाना है। सर्वे के दौरान शिक्षकों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क करना होगा। इसके बाद स्कूल से बाहर रहने के कारणों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 600 शिक्षकों के पद खाली हैं। स्थिति यह है कि लगभग 35 विद्यालयों में केवल एक शिक्षक के सहारे पढ़ाई कराई जा रही है, जबकि करीब एक दर्जन स्कूल ऐसे हैं, जहां कोई नियमित शिक्षक तैनात नहीं है। ऐसे विद्यालयों में आसपास के स्कूलों या कलस्टर स्तर से अस्थायी रूप से शिक्षकों को भेजकर काम चलाया जा रहा है।
इससे संबंधित शिक्षकों के मूल विद्यालयों में भी पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पहले से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों के अध्यापक सर्वे के लिए समय कैसे निकालेंगे। यदि शिक्षकों को सर्वे की जिम्मेदारी दी जाती है तो स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
स्कूलों में नहीं हैं स्थायी शिक्षक
जिले के रामबांस, दमोपुरा छोटा, दमोपुरा बड़ा, मंडोली गगड़, जयधरी, भीलपुरा, मंडेवाला, रगड़ माजरा, माली माजरा, मलिकपुर खादर, कोलीवाला, बेगमपुर, सपेलिया, नवाजपुर, बिचपड़ी, देवधर, बलेवाला, तेलीपुरा, भंगेड़ा, खिजराबाद, बागपत, चिकन, मुजाफ्त खुर्द, मजाफ्त, जोगीवाड़ा, लाक्कड़ और कन्हैयावाला सहित कई स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, जामुनावाला, सुलतानपुर, कोटला, टोडरपुर, नन्हेड़ी, संगोली, मिल्क जुबिलयान, बीर माजरी, सरावां की टपरियां, डूमवाला और असगरपुर में कोई स्थायी शिक्षक नहीं है।
बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को वापस स्कूल लाने की योजना है। सभी खंडों में सर्वे किया जाएगा। अभी इसकी पूरी रूपरेखा तैयार की जानी है। निदेशालय इसे लेकर गंभीर है। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। जिले के राजकीय स्कूलों से पढ़ाई छोड़ चुके करीब 10,500 विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अब शिक्षक घर-घर जाकर उनकी तलाश करेंगे। शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर जिलेभर में सर्वे कराया जाएगा।
इसमें सत्र के बीच स्कूल छोड़ने वाले और लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। साथ ही छह से सात वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बच्चों को भी चिह्नित किया जाएगा, जिन्हें विद्यालय में दाखिला दिलाया जाना है। हालांकि, जिले में शिक्षकों की भारी कमी इस अभियान के सामने बड़ी चुनौती बन सकती है।
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निदेशालय की योजना के अनुसार यह सर्वे शीतकालीन सत्र में शुरू किया जा सकता है। इसका उद्देश्य स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों को दोबारा विद्यालय तक लाना है। सर्वे के दौरान शिक्षकों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क करना होगा। इसके बाद स्कूल से बाहर रहने के कारणों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 600 शिक्षकों के पद खाली हैं। स्थिति यह है कि लगभग 35 विद्यालयों में केवल एक शिक्षक के सहारे पढ़ाई कराई जा रही है, जबकि करीब एक दर्जन स्कूल ऐसे हैं, जहां कोई नियमित शिक्षक तैनात नहीं है। ऐसे विद्यालयों में आसपास के स्कूलों या कलस्टर स्तर से अस्थायी रूप से शिक्षकों को भेजकर काम चलाया जा रहा है।
इससे संबंधित शिक्षकों के मूल विद्यालयों में भी पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पहले से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों के अध्यापक सर्वे के लिए समय कैसे निकालेंगे। यदि शिक्षकों को सर्वे की जिम्मेदारी दी जाती है तो स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
स्कूलों में नहीं हैं स्थायी शिक्षक
जिले के रामबांस, दमोपुरा छोटा, दमोपुरा बड़ा, मंडोली गगड़, जयधरी, भीलपुरा, मंडेवाला, रगड़ माजरा, माली माजरा, मलिकपुर खादर, कोलीवाला, बेगमपुर, सपेलिया, नवाजपुर, बिचपड़ी, देवधर, बलेवाला, तेलीपुरा, भंगेड़ा, खिजराबाद, बागपत, चिकन, मुजाफ्त खुर्द, मजाफ्त, जोगीवाड़ा, लाक्कड़ और कन्हैयावाला सहित कई स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, जामुनावाला, सुलतानपुर, कोटला, टोडरपुर, नन्हेड़ी, संगोली, मिल्क जुबिलयान, बीर माजरी, सरावां की टपरियां, डूमवाला और असगरपुर में कोई स्थायी शिक्षक नहीं है।
बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को वापस स्कूल लाने की योजना है। सभी खंडों में सर्वे किया जाएगा। अभी इसकी पूरी रूपरेखा तैयार की जानी है। निदेशालय इसे लेकर गंभीर है। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।