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Yamuna Nagar News: बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे अध्यापक

Sun, 23 Aug 2026 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 23 Aug 2026 12:38 AM IST
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Teachers will ensure the quality of food served to children
स्कूल में मिड-डे-मील खाते बच्चे। संवाद - फोटो : टूंडला में वार्ता करते श्रीनगर रामलीला महोत्सव के पदा​धिकारी संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर नजर आ रहा है। अब विद्यालयों में पहुंचने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पहले जांची जाएगी। मुख्याध्यापक और विद्यालय प्रभारी सामग्री की स्थिति देखकर ही स्वीकार करेंगे। सामान खराब या संदिग्ध होने पर बदलवाना होगा।
दरअसल प्रदेश के कुछ विद्यालयों में मिड-डे मील के लिए भेजे राशन की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। इस दौरान पाया गया कि राजमा की गुणवत्ता काफी खराब है। कई घंटे भिगोने और पकाने के बाद भी राजमा गल नहीं थे। पकाने पर राजमा कच्चे रहते थे, जिससे खाने व पचाने में दिक्कत है। यदि अधपका भोजन बच्चे खाएंगे तो पेट, पाचन सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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इसके अलावा विद्यालयों में सप्लाई किए मसालों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी, इस बारे में भी शिक्षकों की शिकायतें मिल रही थी। मिड-डे-मील राशन की गुणवत्ता की शिकायतें प्रदेश के जिलों के स्कूलों से मिल रही थी। यमुनानगर में भी राशन की गुणवत्ता को लेकर शिक्षकों ने प्रश्न उठाए थे और इसका विरोध किया था। जिले में दाल, चावल, खीर की गुणवत्ता निम्न स्तर की थी, जिसका सेवन स्वास्थ्य का जोखिम था।
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विद्यालयों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन करता है। इसके लिए शिक्षा विभाग का एक साल का अनुबंध है। अब विद्यालयों पहुंचने पर ही सामग्री की गुणवत्ता जांचने की व्यवस्था की गई है, ताकि खराब खाद्य सामग्री से विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार न हो। बता दें कि जिले के 592 प्राथमिक और 221 माध्यमिक विद्यालयों में करीब 62,000 बच्चों को मिड-डे-मील दिया जा रहा है।
सामग्री लेते समय ही की जाएगी जांच
विद्यालयों में जब भी राशन की सप्लाई पहुंचेगी, शिक्षकों को इसकी जांच करनी होगी। इसमें चना, सोया, राजमा, बेसन, रागी का आटा, गुड़, दाल, तेल, मूंगफली और मसालों समेत अन्य सामग्री की जांच की जाएगी। सामग्री सही होने की स्थिति में ही यह स्वीकार की जाएगी। यदि इस दौरान किसी सामान में कमी या गुणवत्ता को लेकर दिक्कत नजर आती है तो वह नहीं लिया जाएगा। यह सामान सप्लायर को वापस कर बदलवाया जाएगा।
अधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण
शिक्षा निदेशालय ने मिड-डे-मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों से अधिकारियों तक सभी को जिम्मेदारी दी है। इस दौरान सभी की जिम्मेदारी तय और इसके लिए उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षक विद्यालयों में आने वाली सप्लाई के दौरान राशन की गुणवत्ता की जांच करेंगे। वहीं, खंड व जिले के अधिकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर इसकी गुणवत्ता जांचेंगे। इस दौरान भोजन पकाने के तरीके, पौष्टिकता इत्यादि सभी की जांच की जाएगी।

मिड-डे-मील को लेकर निदेशालय गंभीर है। शिक्षक स्कूल में पहुंचने पर राशन की जांच करेंगे। वहीं, अधिकारी औचक निरीक्षण कर राशन व भोजन की जांच करेंगे। इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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