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Yamuna Nagar News: नवीनीकरण न होने से 27 उद्योगों पर लटकी तलवार

Tue, 02 Apr 2024 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 02 Apr 2024 02:37 AM IST
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Sword hanging over 27 industries due to lack of renewal
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में बिना नवीनीकरण के 31 उद्योग चल रहे हैं।इनमें चार ने तो हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) को अन्य बातों का लिखित में हवाला दे दिया है। अन्य 27 के संचालक सामने नहीं आ रहे। उधर, विभाग ने ऐसे संचालकों को सबक सिखाने के लिए मुख्यालय को इन उद्योगों के खिलाफ सेक्शन 33 और 33 ए के तहत क्लोसर नोटिस जारी करने की सिफारिश का मन बना लिया है। ऐसे में इन उद्योगों पर अब विभागीय कार्रवाई के तहत सील करने की कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
आदेश मिलने के बाद बोर्ड की उपस्थिति में बिजली निगम की तरफ इन उद्योगों के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। दरअसल इनके उद्योगों की वॉटर व एयर एक्ट (जल व वायु अधिनियम) में जो कंस्ड ओपरेट एक्सपायर (चलने की जो मंजूरी थी, वह खत्म हुई) हो चुकी है, ऐसे में उद्योग को दोबारा चलाने की मंजूरी लेने के लिए एचएसपीसीबी से रिन्यूअल कराना होता है।
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विभाग के अनुसार जिले में कई स्क्रीनिंग प्लांट, स्टोन क्रशर व प्लाईवुड सहित 31 यूनिट है। इनमें 13 स्क्रीनिंग प्लांट, तीन स्टोन क्रशर, 6 प्लाईवुड, दो ब्रिक्स क्लिन अन्य सात शामिल हैं। इन सभी ने उद्योग को चलाने के लिए दोबारा से रिन्यूअल नहीं कराया। उधर,रिन्यूअल की फीस से बचने के लिए इस प्रकार के उद्योग नियमों को ताक पर रख धड़ल्ले से चल रहे हैं।
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पर्यावरण को बनाए रखने के लिए उद्योग वॉटर व एयर एक्ट के तहत उद्योग की गुणवत्ता को भी दर्शाता है। उल्लेखनीय है जिले में कुल 395 स्क्रीनिंग प्लांट व 215 स्टोन क्रशर है, इसी तरह एक हजार से मेटल और 380 प्लाईवुड जिनमें से 150 बंद और 230 चल रही हैं।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक उद्योगों को तीन रेड, ऑरेंज और ग्रीन कैटेगिरी में बांटा हुआ है। इनमें रेड का पांच साल, ऑरेंज दस और ग्रीन का 15 साल का रिन्यूअल होता है। इसमें अधिक प्रदूषण करने वाले उद्योग रेड, मध्यम वाले ऑरेंज और जिनसे काई प्रदूषण नहीं होता वे उद्योग ग्रीन कैटेगिरी में शामिल होते हैं। इसी तरह की रिन्यूअल की फीस भी निर्धारित की हुई है। जो लाखों से करोड़ों में शामिल होती है।


जिले के 31 उद्योगों ने नवीनीकरण नहीं कराया है। चार ने अपना जवाब दे दिया है। मुख्यालय को इन उद्योगों के खिलाफ सेक्शन 33 और 33 ए के तहत क्लोसर नोटिस जारी करने के लिए लिखा जाएगा। आदेश मिलने के बाद ही सील करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जो संचालक फीस जमा करा देगा, उसके बाद ही उद्योग को चलाने के लिए सील खोली जाएगी। - विरेंद्र सिंह पूनिया, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यमुनानगर।
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