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स्वामी रामकिंकर की रस्म क्रिया में फिर आमने सामने हुए दोनों पक्ष

Mon, 13 Feb 2017 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर। Updated Mon, 13 Feb 2017 12:13 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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यमुनानगर। जगाधरी के हुडा सेक्टर-17 स्थित मढ़ी आश्रम के स्वामित्व को लेकर रविवार को एक बार फिर तनातनी का माहौल पैदा हो गया। आश्रम के संचालक स्वामी राम किंकरदास के निधन के बाद आश्रम की जमीन को लेकर दोनों पक्ष रविवार को फिर आमने सामने हो गए। एक पक्ष जहां अपने को किंकरदास के परिजन बता कर आश्रम पर अपना अधिकार मान रहे है। वहीं दूसरे पक्ष गोबिंदपुरा के ग्रामीण है। जो आश्रम की जमीन को गोबिंदपुरा की जमीन बतां रहे है। तनातनी देख प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया। प्रशासन ने दो दिन में मामले को सुलझाने की बात कही है।
बता दे कि 28 जनवरी को मढ़ी आश्रम के संचालक स्वामी राम किंकरदास की मौत हो गई थी। रविवार को आश्रम में स्वामी राम किंकरदास की रस्म क्रिया थी। किंकरदास की मौत के बाद आश्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कई बार इस विवाद के चलते पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी। मढ़ी आश्रम को लेकर दो पक्ष आमने सामने है। शनिवार को दोनों पक्षों के लोग पुलिस अधीक्षक से भी मिले थे, क्योंकि रविवार को स्वामी किंकर दास की मौत के उपरांत होने वाली रस्म क्रिया होनी थी और इसी बात को लेकर ऐसा लग रहा था कि तनाव भरा माहौल रहेगा और ऐसे में कुछ भी हो सकता था। रविवार को दोनों पक्षों के लोगों ने उनकी अंतिम क्रिया के लिए यहां भंडारे का आयोजन अलग अलग से किया हुआ था। काफी संख्या में कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दूर दराज से साधु संत भी पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार दर्शन कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया था। अंतिम क्रिया कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर ही डटे रहे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। रस्म क्रिया कार्यक्रम के दौरान खुद को किंकरदास के परिजन बताने वाले परिजनों ने उनके परिजन अर्जनदास को आश्रम का स्वामित्व देने के लिए तिलक लगा दिया। वहीं, गोबिंदपुरा गांव के लोगों ने भी आश्रम पर अपना स्वामित्व बनाने के लिए अपने गांव का पंडित को तिलक लगाया। जिससे दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कुछ ही देर में लोगों के बीच तनातनी हो गई। दोनों पक्षों के लोगों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार दर्शन कुमार व एसएचओ सुनील कुमार ने समझाकर शांत किया। प्रशासन द्वारा बाहरी लोगों को आश्रम से चले जाने के निर्देश दिए। वहीं अन्य को अपना स्वामित्व सिद्ध करने के लिए दो दिन का समय दिया।
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आश्रम को लेकर कई बार हो चुका हंगामा :
मड़ी आश्रम हुडा सेक्टर 17 के पाश एरिया में बना हुआ है। जो लगभग दो बीघा 20 बिसवे जमीन में बना हुआ है। इसमें मंदिर और कई कमरे बने हुए है। मार्केट रेट के हिसाब से जमीन करोड़ों रुपये की है। यह कारण है कि जमीन को कुछ लोग हथियाना चाहते है। आश्रम संचालक स्वामी किंकरदास की मौत के बाद जहां गोबिंदपुरा के लोग अपना अधिकार मान रहे है। वहीं रामकिंकरदास के परिजन आश्रम पर अपना स्वामित्व बनाना चाहते है। आश्रम पर कब्जा करने के लिए दोनों पक्षों में 28 फरवरी से अब तक तीन-चार बार हंगामा और तनातनी हो चुकी है।
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30 साल पहले सौंपी थी आश्रम की देखरेख :
गोबिंदपुरा के पूर्व सरपंच ओमपाल, राजपाल, रामपाल, ईश्वर सिंह, रामरत्न, नरेश, मानसिंह आदि ने बताया कि करीब 30 साल पहले गोबिंदपुरा पंचायत की अनुमति से स्वामी किंकरदास को आश्रम की देखरेख सौंपी गई थी। किंकरदास आश्रम की देखभाल के लिए रखे गए थे। अब उनके परिजन आश्रम पर अपना कब्जा करना चाहते है। यह जमीन पंचायत की है। ऐसे में कोई बाहरी व्यक्ति उसपर कब्जा नहीं कर सकता।
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आश्रम के संचालन पर टिकी नजर :
रविवार को स्वामी राम किंकरदास की रस्म क्रिया के बाद अब मढ़ी आश्रम के संचालन को लेकर आगे क्या गतिविधियां होती है। इस पर सभी की नजर टिकी हुई है। कुछ लोग जहां गोबिंदपुरा के लोगों का पक्ष कर रहे है। वहीं कुछ लोग स्वामी रामकिंकरदास के परिजनों के पक्ष की बात कर रहे है। प्रशासन की ओर से दो दिन का समय दिया गया है।
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क्या है पूरा मामला :
करीब 30 साल से स्वामी राम किंकरदास मढ़ी आश्रम के संचालक थे। 28 जनवरी को स्वामी राम किंकर दास के दिमाग की नस फटने से उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद आश्रम का उत्तराधिकारी बनने को लेकर दो पक्षों में तनाव हो गया। उनकी मौत के बाद ही उनके परिचित संत व उनके गांव से उनके परिवार के सदस्य व अन्य संत मढ़ी आश्रम में पहुंच गए थे। इसी प्रकार दूसरे पक्ष द्वारा भी एक पंडित को वहां पूजा पाठ के लिए छोड़ दिया गया था। आश्रम की जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में कई बार स्थिति तनावपूर्ण बन जाती थी, जिसके चलते प्रशासन व पुलिस ने बीच बचाव कर उन्हें समझाया था। 12 फरवरी को होने वाली रस्म क्रिया पर सभी की नजर थी। रविवार को हुई रस्म क्रिया में भी दोनों पक्षों में तनातनी रही।

वर्जन
मढ़ी आश्रम में होने वाली सभी कार्यक्रम शांति पूर्ण तरीके से चल रहे है। दोनों पक्षों की ओर से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है व अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर तैनात है। दोनों पक्षों को दो दिन का समय दिया गया है।  
- इंस्पेक्टर सुनील कुमार, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी।
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