{"_id":"bf96c539e05590a9e92a65cda0960982","slug":"suspension-imposed-on-bank-manager-accused-of-siphoning-millions","type":"story","status":"publish","title_hn":"निलंबित बैंक मैनेजर पर लगाया लाखों रुपये हड़पने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निलंबित बैंक मैनेजर पर लगाया लाखों रुपये हड़पने का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
Updated Tue, 03 Jun 2014 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा जठलाना के निलंबित बैंक मैनेजर पर एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी से पैसे हड़पने का आरोप लगाते हुए एसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई।
इस दौरान शिकायतकर्ता के साथ लघु सचिवालय पहुंचे दर्जनों लोगों ने भी रोषस्वरूप नारेबाजी कर बैंक मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की।
गंाव नाचरौन निवासी कंवर पाल ने एसपी शशांक आनंद को दी शिकायत में बताया कि उसकी कृषि भूमि गांव नाचरौन और अन्य जगहों पर है। वर्ष 2002 में उसने पशु पालन, डेरी का लोन चार लाख 95 हजार रुपये केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा जठलाना से लिया था।
लोन की अदायगी नियमित तौर पर कर दी गई थी। इस पर हरियाणा सरकार की ओर से उसे दो लाख पांच हजार रुपये सब्सिडी मिलने थे, लेकिन यह राशि नहीं मिली, क्योंकि उसे हड़प लिया गया।
इसके बाद उसने 31 मार्च को उक्त बैंक से बीस लाख रुपये की लिमिट बनवाई, लिमिट के समय बैंक मैनेजर ने दो खाली चेक केंद्रीय सहकारी बैंक और चार खाली चेक केनरा बैंक रादौर के बतौर सिक्योरिटी उसके हस्ताक्षर करवाकर रखवा लिए।
विज्ञापन
कंवर पाल ने बताया कि पांच अप्रैल को उसे उसके मित्र रामगोपाल ने बताया कि उपरोक्त लिमिट में से 17 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई है। जिस पर उसके पैरों तले से जमीन निकल गई। जानकारी मिलने पर तुरंत बैक में गया और अपना खाता चेक किया, तो पता चला कि बतौर सिक्योरिटी लिए गए चेकों के माध्यम से मैनेजर ने उसके खाते से 17 लाख रुपये की राशि निकलवा ली है। जब वह उससे को मिला तो उसने माना कि घरेलू आवश्यकता के लिए यह पैसे उसने ही निकलवाएं हैं।
इसके बाद सात अप्रैल को मैनेजर ने उसे पांच लाख रुपये की राशि का ड्राफ्ट दिया और बैंक में बाकी राशि जमा करवाने का आश्वासन दिया। शिकायतकर्ता ने अपने शिकायत पत्र में बताया कि बाद में उसे पता चला कि मैनेजर ने कई अन्य लोगाें के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी की है और इसी के चलते बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उसको तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उन्होंने बताया कि वह इस संबंध में वर्तमान बैंक मैनेजर पूर्ण सिंह को भी मिला। इस पर उन्होंने उसे बैंक खाते से सात लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया और बकाया राशि भी दिलवाने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक बाकी के पांच लाख और दो लाख पांच हजार की सब्सिडी राशि नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने एसपी से मांग की कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।
विज्ञापन
इस दौरान शिकायतकर्ता के साथ लघु सचिवालय पहुंचे दर्जनों लोगों ने भी रोषस्वरूप नारेबाजी कर बैंक मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की।
गंाव नाचरौन निवासी कंवर पाल ने एसपी शशांक आनंद को दी शिकायत में बताया कि उसकी कृषि भूमि गांव नाचरौन और अन्य जगहों पर है। वर्ष 2002 में उसने पशु पालन, डेरी का लोन चार लाख 95 हजार रुपये केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा जठलाना से लिया था।
लोन की अदायगी नियमित तौर पर कर दी गई थी। इस पर हरियाणा सरकार की ओर से उसे दो लाख पांच हजार रुपये सब्सिडी मिलने थे, लेकिन यह राशि नहीं मिली, क्योंकि उसे हड़प लिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद उसने 31 मार्च को उक्त बैंक से बीस लाख रुपये की लिमिट बनवाई, लिमिट के समय बैंक मैनेजर ने दो खाली चेक केंद्रीय सहकारी बैंक और चार खाली चेक केनरा बैंक रादौर के बतौर सिक्योरिटी उसके हस्ताक्षर करवाकर रखवा लिए।
विज्ञापन
कंवर पाल ने बताया कि पांच अप्रैल को उसे उसके मित्र रामगोपाल ने बताया कि उपरोक्त लिमिट में से 17 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई है। जिस पर उसके पैरों तले से जमीन निकल गई। जानकारी मिलने पर तुरंत बैक में गया और अपना खाता चेक किया, तो पता चला कि बतौर सिक्योरिटी लिए गए चेकों के माध्यम से मैनेजर ने उसके खाते से 17 लाख रुपये की राशि निकलवा ली है। जब वह उससे को मिला तो उसने माना कि घरेलू आवश्यकता के लिए यह पैसे उसने ही निकलवाएं हैं।
इसके बाद सात अप्रैल को मैनेजर ने उसे पांच लाख रुपये की राशि का ड्राफ्ट दिया और बैंक में बाकी राशि जमा करवाने का आश्वासन दिया। शिकायतकर्ता ने अपने शिकायत पत्र में बताया कि बाद में उसे पता चला कि मैनेजर ने कई अन्य लोगाें के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी की है और इसी के चलते बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उसको तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उन्होंने बताया कि वह इस संबंध में वर्तमान बैंक मैनेजर पूर्ण सिंह को भी मिला। इस पर उन्होंने उसे बैंक खाते से सात लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया और बकाया राशि भी दिलवाने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक बाकी के पांच लाख और दो लाख पांच हजार की सब्सिडी राशि नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने एसपी से मांग की कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।