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मनोज जोशी सुसाइड केस: फाइनेंसरों के ठिकानों पर पुलिस ने दी दबिश, नहीं लगे हत्थे
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जगाधरी की ग्रीन विहार कॉलोनी में हेल्थ केयर टेकर मनोज जोशी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी फाइनेंसरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लेकिन दोनों आरोपियों को पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। वहीं, पुलिस ने मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग की जांच के लिए लैब भेजा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर रहे है। जल्द आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।
बता दे कि जगाधरी ग्रीन विहार कॉलोनी निवासी मनोज जोशी ने शनिवार देर शाम तक जहरीला पदार्थ निगलकर सुसाइड कर लिया था। सुसाइड करने से पहने उसने अपनी मां प्रेमलता को सुसाइड नोट देकर दो फाइनेंसरों से परेशान होने की बात बताई थी। मृतक की मां प्रेमलत्ता ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उसके बेटे मनोज ने फाइनेंसर मनीष महेंद्रू और प्रेम साहनी से डेढ़ साल पहले ब्याज पर दो-दो लाख रुपये लिए थे। तब से वह उन्हें किस्त देता आ रहा है। उसने आरोपियों को 17 लाख रुपये दे दिए हैं। फिर भी वे दोनों ब्याज के रुपये मांग रहे थे। इस दौरान लॉकडाउन होने से वह उन्हें ब्याज नहीं दे पाया। इस पर दोनों आरोपी उसे परेशान करने लगे थे। पैसे लेते समय उसके बेटे ने मनीष को सिक्योरिटी के लिए चेक दिए थे और साहनी ने मकान का बयाना लिखवाया था। अब आरोपी उसका मकान लेने की तैयारी कर रहे थे। इसी को लेकर आरोपी उसके बेटे को बार बार परेशान कर रहे थे। इस वजह से उसके बेटे ने सल्फास निगल ली। जिससे उसकी मौत हो गई।
बुड़िया गेट चौकी इंचार्ज सतपाल सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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बता दे कि जगाधरी ग्रीन विहार कॉलोनी निवासी मनोज जोशी ने शनिवार देर शाम तक जहरीला पदार्थ निगलकर सुसाइड कर लिया था। सुसाइड करने से पहने उसने अपनी मां प्रेमलता को सुसाइड नोट देकर दो फाइनेंसरों से परेशान होने की बात बताई थी। मृतक की मां प्रेमलत्ता ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उसके बेटे मनोज ने फाइनेंसर मनीष महेंद्रू और प्रेम साहनी से डेढ़ साल पहले ब्याज पर दो-दो लाख रुपये लिए थे। तब से वह उन्हें किस्त देता आ रहा है। उसने आरोपियों को 17 लाख रुपये दे दिए हैं। फिर भी वे दोनों ब्याज के रुपये मांग रहे थे। इस दौरान लॉकडाउन होने से वह उन्हें ब्याज नहीं दे पाया। इस पर दोनों आरोपी उसे परेशान करने लगे थे। पैसे लेते समय उसके बेटे ने मनीष को सिक्योरिटी के लिए चेक दिए थे और साहनी ने मकान का बयाना लिखवाया था। अब आरोपी उसका मकान लेने की तैयारी कर रहे थे। इसी को लेकर आरोपी उसके बेटे को बार बार परेशान कर रहे थे। इस वजह से उसके बेटे ने सल्फास निगल ली। जिससे उसकी मौत हो गई।
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बुड़िया गेट चौकी इंचार्ज सतपाल सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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