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Yamuna Nagar News: अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थी नहीं होंगे शिफ्ट, दें सकेंगे बोर्ड परीक्षा
Fri, 16 Feb 2024 04:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 16 Feb 2024 04:26 AM IST
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जगाधरी। जिले के अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने ही स्कूल से परीक्षा दे सकेंगे। बोर्ड ने जिले के अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों की लॉगिंग आईडी ओपन कर दी है। इस आईडी से स्कूल विद्यार्थियों के रोल नंबर और प्रवेशपत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए बोर्ड ने जनवरी में अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को बॉन्ड राशि व अंडरटेकिंग देने का अंतिम मौका दिया था। जिसके बाद जिले के करीब 15 स्कूलों ने निर्धारित बॉन्ड राशि जमा करवाकर अंडरटेकिंग दे दी थी।
इसके बाद इन स्कूलों के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा के फार्म भरे गए। वीरवार को बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों की कट ऑफ लिस्ट में शुद्धि करवाने व अतिरिक्त विषय लेने की मियाद भी खत्म हो गई है। अब बोर्ड परीक्षा की कट ऑफ लिस्ट में किसी प्रकार के त्रुटि का समाधान नहीं हो पाएगा। बोर्ड ने इसके लिए स्कूलों को दो बार मौका दिया था और 15 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। इससे पहले 10 फरवरी को भी बोर्ड ने कट ऑफ लिस्ट स्कूलों की लॉगिंग आईडी पर जारी की थी। अस्थायी स्कूलों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने का अधिकार मिलने के बाद जिले में ऐसा कोई विद्यार्थी नहीं है, जिसे दूसरे स्कूल में शिफ्ट करना पड़ेगा। इससे पहले बोर्ड ने अस्थायी स्कूलों के विद्यार्थियों को उनके पास के सरकारी स्कूल से वार्षिक परीक्षा दिलवाने के लिए फार्म भरने की छूट दी थी लेकिन बोर्ड की ओर से छूट मिलने के बाद अस्थायी स्कूलों ने बॉन्ड राशि भरकर अपने स्कूल से सभी विद्यार्थियों का फार्म भर दिया। जबकि विषय संबंधी त्रुटि के लिए बोर्ड ने 300 रुपये प्रति शुद्धि शुल्क भी रखा है। वहीं प्रायोगिक शुल्क भी 100 रुपये अभी कई स्कूलों का बकाया है, जो निर्धारित तिथि तक जमा करवाना होगा।
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बॉन्ड राशि के बाद खुले स्कूलों के लॉगिंग
जानकारी के मुताबिक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जनवरी में अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को बॉन्ड राशि भरने के बाद उनकी लॉगिंग आईडी ओपन कर दी है। प्रदेश में इन स्कूलों की कुल संख्या 1032 थी। जबकि जिले में करीब 15 ऐसे स्कूल हैं, जिन्होंने बोर्ड की बॉन्ड राशि भर दी है। बॉन्ड राशि भरने के बाद इन स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है। मान्यता का समाधान न होने के कारण इन स्कूलों के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा के फार्म देरी से भर गए। जिसके चलते बोर्ड इन स्कूलों के विद्यार्थियों को लॉगिंग पर लाइन शुद्धि का मौका दे रहा है। चूंकि परीक्षा में मात्र दस दिन शेष हैं। वहीं अभी इन विद्यार्थियों की प्रायोगिक शुल्क भी बाकी है, जो निर्धारित समय पर भरना होगा। स्कूलों को अधिकार मिलने के बाद अब जिले में कोई ऐसा विद्यार्थी नहीं है जिसे दूसरे स्कूल में शिफ्ट करना पड़ेगा।
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छठे विषय के लिए 200 रुपये अतिरिक्त शुल्क
इस दौरान यदि कोई परीक्षार्थी छठा विषय लेना चाहता है, तो परीक्षार्थी को 200 रुपये का अतिरिक्त विषय शुल्क देना होगा। वहीं 1000 रुपये विलंब शुल्क भी देना पड़ेगा। निर्धारित तिथि के बाद किसी प्रकार के प्रतिवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए विद्यालय स्वयं जिम्मेवार होगा। इसके अतिरिक्त जिन अस्थायी मान्यता प्राप्त विद्यालयों का परीक्षा शुल्क लँबित है, वे बोर्ड कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जमा करवा सकते हैं।
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वर्जन
अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों को बोर्ड ने अशुद्धियां ठीक करवाने का मौका दिया है। देरी से फार्म भरे जाने के कारण बोर्ड ने विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह छूट दी है। विभाग ने सभी अस्थायी स्कूलों की जांच की है, ऐसा कोई विद्यार्थी नहीं है, जिसे शिफ्ट करवाया जाना पड़े।
शिव कुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।
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इसके बाद इन स्कूलों के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा के फार्म भरे गए। वीरवार को बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों की कट ऑफ लिस्ट में शुद्धि करवाने व अतिरिक्त विषय लेने की मियाद भी खत्म हो गई है। अब बोर्ड परीक्षा की कट ऑफ लिस्ट में किसी प्रकार के त्रुटि का समाधान नहीं हो पाएगा। बोर्ड ने इसके लिए स्कूलों को दो बार मौका दिया था और 15 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। इससे पहले 10 फरवरी को भी बोर्ड ने कट ऑफ लिस्ट स्कूलों की लॉगिंग आईडी पर जारी की थी। अस्थायी स्कूलों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने का अधिकार मिलने के बाद जिले में ऐसा कोई विद्यार्थी नहीं है, जिसे दूसरे स्कूल में शिफ्ट करना पड़ेगा। इससे पहले बोर्ड ने अस्थायी स्कूलों के विद्यार्थियों को उनके पास के सरकारी स्कूल से वार्षिक परीक्षा दिलवाने के लिए फार्म भरने की छूट दी थी लेकिन बोर्ड की ओर से छूट मिलने के बाद अस्थायी स्कूलों ने बॉन्ड राशि भरकर अपने स्कूल से सभी विद्यार्थियों का फार्म भर दिया। जबकि विषय संबंधी त्रुटि के लिए बोर्ड ने 300 रुपये प्रति शुद्धि शुल्क भी रखा है। वहीं प्रायोगिक शुल्क भी 100 रुपये अभी कई स्कूलों का बकाया है, जो निर्धारित तिथि तक जमा करवाना होगा।
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बॉन्ड राशि के बाद खुले स्कूलों के लॉगिंग
जानकारी के मुताबिक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जनवरी में अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को बॉन्ड राशि भरने के बाद उनकी लॉगिंग आईडी ओपन कर दी है। प्रदेश में इन स्कूलों की कुल संख्या 1032 थी। जबकि जिले में करीब 15 ऐसे स्कूल हैं, जिन्होंने बोर्ड की बॉन्ड राशि भर दी है। बॉन्ड राशि भरने के बाद इन स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है। मान्यता का समाधान न होने के कारण इन स्कूलों के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा के फार्म देरी से भर गए। जिसके चलते बोर्ड इन स्कूलों के विद्यार्थियों को लॉगिंग पर लाइन शुद्धि का मौका दे रहा है। चूंकि परीक्षा में मात्र दस दिन शेष हैं। वहीं अभी इन विद्यार्थियों की प्रायोगिक शुल्क भी बाकी है, जो निर्धारित समय पर भरना होगा। स्कूलों को अधिकार मिलने के बाद अब जिले में कोई ऐसा विद्यार्थी नहीं है जिसे दूसरे स्कूल में शिफ्ट करना पड़ेगा।
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छठे विषय के लिए 200 रुपये अतिरिक्त शुल्क
इस दौरान यदि कोई परीक्षार्थी छठा विषय लेना चाहता है, तो परीक्षार्थी को 200 रुपये का अतिरिक्त विषय शुल्क देना होगा। वहीं 1000 रुपये विलंब शुल्क भी देना पड़ेगा। निर्धारित तिथि के बाद किसी प्रकार के प्रतिवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए विद्यालय स्वयं जिम्मेवार होगा। इसके अतिरिक्त जिन अस्थायी मान्यता प्राप्त विद्यालयों का परीक्षा शुल्क लँबित है, वे बोर्ड कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जमा करवा सकते हैं।
वर्जन
अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों को बोर्ड ने अशुद्धियां ठीक करवाने का मौका दिया है। देरी से फार्म भरे जाने के कारण बोर्ड ने विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह छूट दी है। विभाग ने सभी अस्थायी स्कूलों की जांच की है, ऐसा कोई विद्यार्थी नहीं है, जिसे शिफ्ट करवाया जाना पड़े।
शिव कुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।