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कपालमोचन मेले में 84 हजार किमी दौड़ा पहिया, कमाई हुई 51 लाख, टूटा रिकॉर्ड
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यमुनानगर। कपालमोचन मेला समाप्त होने के बाद अब रोडवेज ने मेले के दौरान हुई कमाई का गणित लगाया है। इसके मुताबिक पांच दिनों में डिपो ने 51 लाख रुपये कमाए। इस दौरान बसें 86 हजार किलोमीटर तक दौड़ी, जो कि रिकॉर्ड है। विभाग ने यह कमाई 70 बसों के दम पर की है। जबकि पिछली बार विभाग की कमाई लगभग 35 लाख रुपये थी।
बता दें इस बार कपालमोचन मेला पांच से आठ नवंबर तक चला था। जिसमें डिपो की तरफ से यमुनानगर के 30 और अन्य जिलों के 20 इंस्पेक्टरों की चेकिंग के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा पांच जगहों पर चेक पोस्ट बनाई गई थी। इसके अलावा यमुनानगर-जगाधरी व जगाधरी वर्कशॉप रेलवे स्टेशन पर भी बसें लगाई गई थी। मेले के दौरान 24 घंटे बसों की सर्विस रखी गई थी।
सीईटी से हुआ विभाग को घाटा
कपालमोचन मेले से जहां रोडवेज को अच्छी खासी कमाई हुई है, वहीं पांच व छह नवंबर को हुई सीईटी अर्थात सामान्य पात्रता परीक्षा से डिपो को घाटा भी हुआ है। दो दिन हुई परीक्षा के दौरान डिपो को लगभग 26 लाख रुपये का घाटा हुआ है। चूंकि उस दौरान पात्रों के लिए बस सर्विस फ्री थी। डिपो के आंकड़ों के मुताबिक पांच नवंबर को डिपो की 46 बसों में 2800 और छह नवंबर को 64 बसों में 3500 बसों को ढोया गया। बता दें यमुनानगर रोडवेज डिपो की आम दिनों में एक दिन की कमाई लगभग 12 से 13 लाख रुपये की एवरेज रहती है। जोकि अलग-अलग रूटों की है।
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वर्जन
इस बार कपालमोचन मेले में 70 बसें लगाई गई थी। इन बसों ने मेले के दौरान बसें 86 हजार किलोमीटर तक चली। जिससे विभाग को 51 लाख रुपये का राजस्व हुआ है। मेले में पिछली बार की अपेक्षा अधिक कमाई हुई है। इसके अलावा मेले में कुल यमुनानगर डिपो 39 और अन्य जिलों के 20 इंस्पेक्टरों की ड्यूटी चेकिंग के लिए लगाई गई थी तथा तीन-चार जगहों पर चेकिंग पोस्ट थी।
-बालकराम, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर।
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बता दें इस बार कपालमोचन मेला पांच से आठ नवंबर तक चला था। जिसमें डिपो की तरफ से यमुनानगर के 30 और अन्य जिलों के 20 इंस्पेक्टरों की चेकिंग के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा पांच जगहों पर चेक पोस्ट बनाई गई थी। इसके अलावा यमुनानगर-जगाधरी व जगाधरी वर्कशॉप रेलवे स्टेशन पर भी बसें लगाई गई थी। मेले के दौरान 24 घंटे बसों की सर्विस रखी गई थी।
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सीईटी से हुआ विभाग को घाटा
कपालमोचन मेले से जहां रोडवेज को अच्छी खासी कमाई हुई है, वहीं पांच व छह नवंबर को हुई सीईटी अर्थात सामान्य पात्रता परीक्षा से डिपो को घाटा भी हुआ है। दो दिन हुई परीक्षा के दौरान डिपो को लगभग 26 लाख रुपये का घाटा हुआ है। चूंकि उस दौरान पात्रों के लिए बस सर्विस फ्री थी। डिपो के आंकड़ों के मुताबिक पांच नवंबर को डिपो की 46 बसों में 2800 और छह नवंबर को 64 बसों में 3500 बसों को ढोया गया। बता दें यमुनानगर रोडवेज डिपो की आम दिनों में एक दिन की कमाई लगभग 12 से 13 लाख रुपये की एवरेज रहती है। जोकि अलग-अलग रूटों की है।
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इस बार कपालमोचन मेले में 70 बसें लगाई गई थी। इन बसों ने मेले के दौरान बसें 86 हजार किलोमीटर तक चली। जिससे विभाग को 51 लाख रुपये का राजस्व हुआ है। मेले में पिछली बार की अपेक्षा अधिक कमाई हुई है। इसके अलावा मेले में कुल यमुनानगर डिपो 39 और अन्य जिलों के 20 इंस्पेक्टरों की ड्यूटी चेकिंग के लिए लगाई गई थी तथा तीन-चार जगहों पर चेकिंग पोस्ट थी।
-बालकराम, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर।