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प्लेसमेंट के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देकर करेगा तैयार
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विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों को जॉब प्लेसमेंट के दौरान परेशानी न हो इसके लिए यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को पहले से तैयार करेगी। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों को इसके लिए ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत व विभाग के निर्देशों पर विश्वविद्यालय में छह स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले जा रहे हैं। विभाग की इस योजना पर 15 अगस्त से काम शुरू होने की उम्मीद है। इसकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। हालांकि इस ट्रेनिंग में विद्यार्थियों का चयन किस आधार पर होगा यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने मार्च 2020 तक 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को प्लेसमेंट ड्राइव के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
प्रतिदिन एक घंटा दी जाएगी ट्रेनिंग : राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत यह योजना पर 15 अगस्त से शुरू होने की आशा है। इसके लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में छह स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए जाएंगे। इसके तहत अंतिम वर्ष के इच्छुक विद्यार्थियों को प्लेसमेंट के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग 40 दिन की होगी और प्रतिदिन एक घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। 40 घंटे की ट्रेनिंग के बाद विद्यार्थियों का ट्रायल भी होगा, ताकि योजना में गुंजाइश अनुसार सुधार किए जा सकें।
मेधा फाउंडेशन के साथ किया करार : राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की इस योजना के लिए विभाग ने लखनऊ की मेधा फाउंडेशन से करार भी किया है। इस योजना की शुरुआत कॉरपोरेट रिसोर्स सेंटर से की जाएगी। विद्यार्थियों को अलग अलग बैच में 40 दिनों में 40 घंटे की ट्रेनिंग में विभिन्न इंडस्ट्री के लिए पूरी तरह तैयार किया जाएगा। इसके लिए मेधा फाउंडेशन विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देगी और इसका आंकलन किया जाएगा।
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विद्यार्थियों से लिए जाएंगे नए-नए सुझाव : योजना को सार्थक बनाने के लिए छह रिसर्च एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएंगे। पहले सेंटर इनोवेशन सेंटर हैं। इसमें विज्ञान संकाय के विद्यार्थी अपनी इंडस्ट्री के नए-नए आइडियाज लिए जाएंगे। वहीं जो आइडिया सबसे बेहतरीन होगा उस पर अमल भी किया जाएगा। इन सुझावों के आधार पर विद्यार्थियों को संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। ताकि वह अपने मुताबिक समाज के लिए शोध व आविष्कार कर सकें।
इन सेंटर्स पर विद्यार्थी देंगे सुझाव व मिलेगा लाभ : पहला सेंटर रिसर्च एक्सीलेंस सेंटर है। दूसरा सेंटर फॉर इंडस्ट्री है। जिसमें विद्यार्थी ग्रामीण अंचल व शहरी किसी के लिए बिजनेस मॉडल पर सुझाव दे सकेंगे। तीसरा सेंटर कॉरपोरेट रिसोर्स है। जिसमें विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। चौथा सेंटर एक्सीलेंस फॉर स्पोर्ट्स है। जिसके तहत विश्वविद्यालय में खेल नर्सरियां तैयार की जाएंगी। जबकि पांचवां सेंटर लगातार शिक्षा को लेकर है। जो भविष्य के परिवेश के लिए तैयार होगी। इस सेंटर में विद्यार्थियों को में बाजार में जरूरतों को समझ कर उस पर काम करने में सहायता मिलेगी। छठा सेंटर स्किल डेवलपमेंट का है। जिसमें विद्यार्थियों की कुशलता को निखार कर और कुशल बनाया जाएगा। जिसमें जरूरत के लिए मुताबिक स्किल डेवलपमेंट किया जाएगा।
इस योजना को लेकर विभाग की बैठक हुई थी। जिसमें मैं गया था। इस दौरान सभी से सुझाव भी मांगे गए थे। योजना पर काम जारी है। 15 अगस्त का लक्ष्य इसे शुरू करने का रखा गया है। लेकिन अभी तक योजना शुरू होने का मेरे पास कोई अधिकारिक पत्र आदि नहीं आया है।
एसपी गिरोत्रा, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी।
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प्रतिदिन एक घंटा दी जाएगी ट्रेनिंग : राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत यह योजना पर 15 अगस्त से शुरू होने की आशा है। इसके लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में छह स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए जाएंगे। इसके तहत अंतिम वर्ष के इच्छुक विद्यार्थियों को प्लेसमेंट के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग 40 दिन की होगी और प्रतिदिन एक घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। 40 घंटे की ट्रेनिंग के बाद विद्यार्थियों का ट्रायल भी होगा, ताकि योजना में गुंजाइश अनुसार सुधार किए जा सकें।
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मेधा फाउंडेशन के साथ किया करार : राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की इस योजना के लिए विभाग ने लखनऊ की मेधा फाउंडेशन से करार भी किया है। इस योजना की शुरुआत कॉरपोरेट रिसोर्स सेंटर से की जाएगी। विद्यार्थियों को अलग अलग बैच में 40 दिनों में 40 घंटे की ट्रेनिंग में विभिन्न इंडस्ट्री के लिए पूरी तरह तैयार किया जाएगा। इसके लिए मेधा फाउंडेशन विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देगी और इसका आंकलन किया जाएगा।
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विद्यार्थियों से लिए जाएंगे नए-नए सुझाव : योजना को सार्थक बनाने के लिए छह रिसर्च एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएंगे। पहले सेंटर इनोवेशन सेंटर हैं। इसमें विज्ञान संकाय के विद्यार्थी अपनी इंडस्ट्री के नए-नए आइडियाज लिए जाएंगे। वहीं जो आइडिया सबसे बेहतरीन होगा उस पर अमल भी किया जाएगा। इन सुझावों के आधार पर विद्यार्थियों को संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। ताकि वह अपने मुताबिक समाज के लिए शोध व आविष्कार कर सकें।
इन सेंटर्स पर विद्यार्थी देंगे सुझाव व मिलेगा लाभ : पहला सेंटर रिसर्च एक्सीलेंस सेंटर है। दूसरा सेंटर फॉर इंडस्ट्री है। जिसमें विद्यार्थी ग्रामीण अंचल व शहरी किसी के लिए बिजनेस मॉडल पर सुझाव दे सकेंगे। तीसरा सेंटर कॉरपोरेट रिसोर्स है। जिसमें विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। चौथा सेंटर एक्सीलेंस फॉर स्पोर्ट्स है। जिसके तहत विश्वविद्यालय में खेल नर्सरियां तैयार की जाएंगी। जबकि पांचवां सेंटर लगातार शिक्षा को लेकर है। जो भविष्य के परिवेश के लिए तैयार होगी। इस सेंटर में विद्यार्थियों को में बाजार में जरूरतों को समझ कर उस पर काम करने में सहायता मिलेगी। छठा सेंटर स्किल डेवलपमेंट का है। जिसमें विद्यार्थियों की कुशलता को निखार कर और कुशल बनाया जाएगा। जिसमें जरूरत के लिए मुताबिक स्किल डेवलपमेंट किया जाएगा।
इस योजना को लेकर विभाग की बैठक हुई थी। जिसमें मैं गया था। इस दौरान सभी से सुझाव भी मांगे गए थे। योजना पर काम जारी है। 15 अगस्त का लक्ष्य इसे शुरू करने का रखा गया है। लेकिन अभी तक योजना शुरू होने का मेरे पास कोई अधिकारिक पत्र आदि नहीं आया है।
एसपी गिरोत्रा, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी।