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विद्यार्थी जीवन में संस्कारों का निर्माण जरूरी : स्वामी ज्ञान मंगल
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खुर्दबन में वीरवार को ज्ञान दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत समाजसेवी चौधरी जोग ध्यान लाडवा व कराटे कोच चमनलाल मुख्य रूप से उपस्थित हुए। इस दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थी जीवन में संस्कारों के निर्माण पर बल दिया।
कार्यक्रम में बीएपीएस संस्था के अक्षरधाम मंदिर के स्वामी ज्ञान मंगल व स्वामी आनंद प्रकाश वशिष्ठ अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों में बाल संस्कारों के निर्माण पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में ही संस्कारों का निर्माण हो जाना अति आवश्यक है। जिससे व्यक्ति जीवन में चरित्रवान तथा गुणवान बनता है। उन्होंने प्रोजेक्टर पर वीडियो संदेश के माध्यम से भी विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण का संदेश दिया।
कोच चमन लाल ने आत्मरक्षा के लिए विद्यार्थियों को कुछ टिप्स भी बताई। समाजसेवी जोग ध्यान ने अक्षरधाम मंदिर के संतों के त्याग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत हमें जीवन में त्याग के महत्व से परिचित कराते हैं तथा संतों की जीवन शैली से हमें अत्यंत प्रेरणा भी मिलती है।
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इस अवसर पर मंच का संचालन अध्यापक विजय तनेजा ने किया तथा आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। प्रधानाचार्य विजय कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर साहिल अढान, मनदीप सिंह, कविता, श्वेता, वीना, जीत कौर, एबीआरसी रूबल, अध्यापक मोहनलाल, संजीव कुमार विकास कुमार, कुलविंदर सिंह, बलदेव कुमार, रमन कुमार, जरनैल सिंह, सोमनाथ, रवि कुमार आदि मौजूद रहे।
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रादौर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खुर्दबन में वीरवार को ज्ञान दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत समाजसेवी चौधरी जोग ध्यान लाडवा व कराटे कोच चमनलाल मुख्य रूप से उपस्थित हुए। इस दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थी जीवन में संस्कारों के निर्माण पर बल दिया।
कार्यक्रम में बीएपीएस संस्था के अक्षरधाम मंदिर के स्वामी ज्ञान मंगल व स्वामी आनंद प्रकाश वशिष्ठ अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों में बाल संस्कारों के निर्माण पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में ही संस्कारों का निर्माण हो जाना अति आवश्यक है। जिससे व्यक्ति जीवन में चरित्रवान तथा गुणवान बनता है। उन्होंने प्रोजेक्टर पर वीडियो संदेश के माध्यम से भी विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण का संदेश दिया।
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कोच चमन लाल ने आत्मरक्षा के लिए विद्यार्थियों को कुछ टिप्स भी बताई। समाजसेवी जोग ध्यान ने अक्षरधाम मंदिर के संतों के त्याग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत हमें जीवन में त्याग के महत्व से परिचित कराते हैं तथा संतों की जीवन शैली से हमें अत्यंत प्रेरणा भी मिलती है।
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इस अवसर पर मंच का संचालन अध्यापक विजय तनेजा ने किया तथा आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। प्रधानाचार्य विजय कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर साहिल अढान, मनदीप सिंह, कविता, श्वेता, वीना, जीत कौर, एबीआरसी रूबल, अध्यापक मोहनलाल, संजीव कुमार विकास कुमार, कुलविंदर सिंह, बलदेव कुमार, रमन कुमार, जरनैल सिंह, सोमनाथ, रवि कुमार आदि मौजूद रहे।