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Yamuna Nagar News: आवारा कुत्तों की होगी नसबंदी, लगेगी निविदा
Fri, 27 Dec 2024 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:34 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। शहर में आवारा कुत्तों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। कुत्तों की नसबंदी कराने के लिए अगले सप्ताह तक निविदा लग जाएगी। इसके बाद एजेंसी के माध्यम से कुत्तों की नसबंदी का कार्य शुरू हो जाएगा। एजेंसी को गाइडलाइन का पालन करना होगा।
नगर निगम प्रत्येक नसबंदी की संख्या के हिसाब से एजेंसी या एनजीओ को भुगतान करेगा। नसबंदी के दौरान कुत्ते के खाने-पीने का पूरा ध्यान रखना होगा। नसबंदी के बाद कुछ दिन तक कुत्ता निगरानी में रहेगा। गाइडलाइन के अनुसार नसबंदी के बाद कुत्ते को उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जहां से उसे पकड़ा गया था।
इनके अलावा अन्य नियम व शर्तों को फाइनल रूप दिया जा रहा है। इस साल जनवरी से नवंबर तक 11 माह में जिले में 5391 लोगों को कुत्तों ने काटा है। हर माह औसतन 500 लोगों को कुत्ता काट रहा है। ऐसे में यह समस्या विकराल है। शहर में आखिरी बार 2017 में 16170 कुत्तों की नसबंदी हुई थी। इसलिए अमर उजाला 14 दिसंबर से इसे लेकर लगातार अभियान चलाया। इस अभियान को लोगों का काफी सहयोग मिला। लोगों ने बेसहारा कुत्तों की वजह से हो रही समस्याएं बताई जिनको अभियान के माध्यम से नगर निगम, जिला प्रशासन व सत्ता पक्ष के नेताओं तक पहुंचाया।
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नगर निगम के कमिश्नर आयुष सिन्हा ने बताया कि शहर में कुत्तों की नसबंदी के लिए ड्राफ्ट तैयार हो गया है। एक सप्ताह में नसबंदी कराने के लिए टेंडर लगा दिया जाएगा। नसबंदी के बाद कुत्तों को उसी जगह पर वापस छोड़ा जाएगा। नसबंदी से कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा। संवाद
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यमुनानगर। शहर में आवारा कुत्तों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। कुत्तों की नसबंदी कराने के लिए अगले सप्ताह तक निविदा लग जाएगी। इसके बाद एजेंसी के माध्यम से कुत्तों की नसबंदी का कार्य शुरू हो जाएगा। एजेंसी को गाइडलाइन का पालन करना होगा।
नगर निगम प्रत्येक नसबंदी की संख्या के हिसाब से एजेंसी या एनजीओ को भुगतान करेगा। नसबंदी के दौरान कुत्ते के खाने-पीने का पूरा ध्यान रखना होगा। नसबंदी के बाद कुछ दिन तक कुत्ता निगरानी में रहेगा। गाइडलाइन के अनुसार नसबंदी के बाद कुत्ते को उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जहां से उसे पकड़ा गया था।
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इनके अलावा अन्य नियम व शर्तों को फाइनल रूप दिया जा रहा है। इस साल जनवरी से नवंबर तक 11 माह में जिले में 5391 लोगों को कुत्तों ने काटा है। हर माह औसतन 500 लोगों को कुत्ता काट रहा है। ऐसे में यह समस्या विकराल है। शहर में आखिरी बार 2017 में 16170 कुत्तों की नसबंदी हुई थी। इसलिए अमर उजाला 14 दिसंबर से इसे लेकर लगातार अभियान चलाया। इस अभियान को लोगों का काफी सहयोग मिला। लोगों ने बेसहारा कुत्तों की वजह से हो रही समस्याएं बताई जिनको अभियान के माध्यम से नगर निगम, जिला प्रशासन व सत्ता पक्ष के नेताओं तक पहुंचाया।
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नगर निगम के कमिश्नर आयुष सिन्हा ने बताया कि शहर में कुत्तों की नसबंदी के लिए ड्राफ्ट तैयार हो गया है। एक सप्ताह में नसबंदी कराने के लिए टेंडर लगा दिया जाएगा। नसबंदी के बाद कुत्तों को उसी जगह पर वापस छोड़ा जाएगा। नसबंदी से कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा। संवाद