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Yamuna Nagar News: एसपी ने बलिदानी निरीक्षक बलजीत को दी श्रद्धांजलि
Sat, 25 Oct 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 25 Oct 2025 11:57 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एसपी कमलदीप गोयल बलिदानी निरीक्षक बलजीत सिंह के निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उनके परिवार को सम्मानित किया। एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि बलिदानी पुलिसकर्मियों के परिवार के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहना हमारा कर्तव्य है। पुलिस विभाग सदैव उनके साथ खड़ा रहेगा। उनके कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
एसपी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज व आने वाली पीढ़ियों को यह बताना है कि देश व समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस जवानों ने किस प्रकार साहस, निष्ठा व अदम्य वीरता का परिचय दिया। इन बलिदानियों की कहानियां नई पीढ़ी को प्रेरणा देती हैं और उनमें देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करती हैं।
बलिदानी निरीक्षक बलजीत सिंह की वीरता का उल्लेख करते हुए एसपी ने बताया कि 31 मई 1992 को वे अपने साथियों के साथ एक उद्घोषित अपराधी पाला राम की तलाश में गए थे, जो आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त था और कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दे चुका था। पाला राम के गांव में छापेमारी के दौरान वह नहीं मिला, पर एक अन्य अपराधी जरनैल सिंह उर्फ जस्सा ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
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इस मुठभेड़ में निरीक्षक बलजीत सिंह, निरीक्षक विजेंदर सिंह, सहायक उप निरीक्षक रघुनंदन और सिपाही नारायण सिंह को गोलियां लगीं। जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मौके पर ही वीरगति प्राप्त की। एसपी ने कहा कि इन पुलिस कर्मियों की शहादत पुलिस विभाग के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बलिदानी निरीक्षक बलजीत सिंह के बेटे सुरेंद्र पाल सिंह हरियाणा पुलिस सेवा में कार्यरत हैं, वर्तमान में उप महानिरीक्षक के पद पर मधुबन में तैनात हैं। उन्होंने अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए पुलिस सेवा को अपना कॅरिअर चुना है और आज स्वयं भी विभाग के लिए प्रेरणास्रोत हैं। एसपी कमलदीप गोयल ने परिवार को सम्मानित करते हुए कहा कि हमारे ये वीर सपूत हमेशा हमारे हृदय में जीवित रहेंगे। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। एसपी ने जिले के थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के बलिदानी पुलिसकर्मियों के परिवारों से निरंतर संपर्क बनाए रखें और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखें।
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यमुनानगर। एसपी कमलदीप गोयल बलिदानी निरीक्षक बलजीत सिंह के निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उनके परिवार को सम्मानित किया। एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि बलिदानी पुलिसकर्मियों के परिवार के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहना हमारा कर्तव्य है। पुलिस विभाग सदैव उनके साथ खड़ा रहेगा। उनके कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
एसपी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज व आने वाली पीढ़ियों को यह बताना है कि देश व समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस जवानों ने किस प्रकार साहस, निष्ठा व अदम्य वीरता का परिचय दिया। इन बलिदानियों की कहानियां नई पीढ़ी को प्रेरणा देती हैं और उनमें देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करती हैं।
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बलिदानी निरीक्षक बलजीत सिंह की वीरता का उल्लेख करते हुए एसपी ने बताया कि 31 मई 1992 को वे अपने साथियों के साथ एक उद्घोषित अपराधी पाला राम की तलाश में गए थे, जो आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त था और कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दे चुका था। पाला राम के गांव में छापेमारी के दौरान वह नहीं मिला, पर एक अन्य अपराधी जरनैल सिंह उर्फ जस्सा ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
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इस मुठभेड़ में निरीक्षक बलजीत सिंह, निरीक्षक विजेंदर सिंह, सहायक उप निरीक्षक रघुनंदन और सिपाही नारायण सिंह को गोलियां लगीं। जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मौके पर ही वीरगति प्राप्त की। एसपी ने कहा कि इन पुलिस कर्मियों की शहादत पुलिस विभाग के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बलिदानी निरीक्षक बलजीत सिंह के बेटे सुरेंद्र पाल सिंह हरियाणा पुलिस सेवा में कार्यरत हैं, वर्तमान में उप महानिरीक्षक के पद पर मधुबन में तैनात हैं। उन्होंने अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए पुलिस सेवा को अपना कॅरिअर चुना है और आज स्वयं भी विभाग के लिए प्रेरणास्रोत हैं। एसपी कमलदीप गोयल ने परिवार को सम्मानित करते हुए कहा कि हमारे ये वीर सपूत हमेशा हमारे हृदय में जीवित रहेंगे। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। एसपी ने जिले के थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के बलिदानी पुलिसकर्मियों के परिवारों से निरंतर संपर्क बनाए रखें और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखें।