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Yamuna Nagar News: शिक्षा देने के साथ संवार रहीं युवाओं का भविष्य
Fri, 31 Oct 2025 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 31 Oct 2025 11:56 PM IST
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डॉ. रिंकू शर्मा।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रादौर के ज्योतिबा फुले राजकीय महाविद्यालय में रक्षा अध्ययन विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. रिंकू शर्मा उपलब्धियों की चमकती पहचान बन चुकी हैं। वे पिछले काफी समय से मोटिवेशनल सेशन, कॅरिअर गाइडेंस वर्कशॉप और काउंसलिंग प्रोग्राम कर नई पीढ़ी भविष्य को संवारने में जुटी हैं।
उन्होंने सीमित संसाधन, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सामाजिक धारणाओं की चुनौतियों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक से एमए रक्षा अध्ययन और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से पीएचडी की उपाधि हासिल की हुई है। उनकी मेहनत और समर्पण को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उनके 50 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने 50 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भागीदारी की है।
वे मौलाना अबुल कलाम आजाद अवार्ड, टीचर एजुकेटर अवॉर्ड और डीसी कार्यालय से प्रशंसा प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुकी हैं। उनका मानना है कि हर युवा के भीतर अनदेखी क्षमता होती है, जिसे सही दिशा देकर निखारा जा सकता है। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। इसके अलावा युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, उनमें यह कूट-कूट कर भरी होती है। उन्हें केवल सही दिशा दिखाने वाला होना चाहिए।
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यमुनानगर। रादौर के ज्योतिबा फुले राजकीय महाविद्यालय में रक्षा अध्ययन विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. रिंकू शर्मा उपलब्धियों की चमकती पहचान बन चुकी हैं। वे पिछले काफी समय से मोटिवेशनल सेशन, कॅरिअर गाइडेंस वर्कशॉप और काउंसलिंग प्रोग्राम कर नई पीढ़ी भविष्य को संवारने में जुटी हैं।
उन्होंने सीमित संसाधन, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सामाजिक धारणाओं की चुनौतियों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक से एमए रक्षा अध्ययन और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से पीएचडी की उपाधि हासिल की हुई है। उनकी मेहनत और समर्पण को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उनके 50 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने 50 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भागीदारी की है।
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वे मौलाना अबुल कलाम आजाद अवार्ड, टीचर एजुकेटर अवॉर्ड और डीसी कार्यालय से प्रशंसा प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुकी हैं। उनका मानना है कि हर युवा के भीतर अनदेखी क्षमता होती है, जिसे सही दिशा देकर निखारा जा सकता है। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। इसके अलावा युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, उनमें यह कूट-कूट कर भरी होती है। उन्हें केवल सही दिशा दिखाने वाला होना चाहिए।
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