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Yamuna Nagar News: चार माह में सीवरेज सिस्टम दे गया जवाब
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जिले में 105 करोड़ से तैयार हुए जिला अस्पताल के नए भवन का सीवरेज सिस्टम चार माह में ही जवाब दे गया। स्थिति यह है कि सीवरेज ब्लाक होने से गंदा पानी अस्पताल में गेट के नजदीक खुले में फैल रहा है। इस कारण दुर्गंध से मरीजों व तीमारदारों ने उस तरफ जाना छोड़ दिया है। दूसरी ओर इतनी जल्दी अस्पताल का सीवरेज जाम होने से निर्माण सामग्री की गुणवत्ता व कार्य पर सवालिया निशान लग रहे हैं। दो दिन से सीवरेज का पानी खुले में बह रहा है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इसे ठीक करना उचित नहीं समझा।
हाल ही में जिला अस्पताल का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग ने कराया है, जबकि अस्पताल में गंदे पानी की निकासी के लिए सीवरेज लाइन जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने डाली है। गंदे पानी के लिए आठ इंच चौड़ी पाइप लाइन डाली गई है। जानकारों का कहना है कि अस्पताल से गंदे पानी की निकासी ज्यादा होती है, इसलिए पाइप अधिक चौड़े डालने चाहिए थे। वहीं पानी मेनहोल से बाहर निकल रहा है, इसका मतलब है कि इसका लेवल भी सही तरीके से नहीं किया गया। जब से अस्पताल बना है तब से कभी सीवरेज लाइन तो कभी शौचालयों के पाइप टूटकर लीक हो रहे हैं।
विदित हो कि जिला अस्पताल का उद्घाटन गत 11 मई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। जिला अस्पताल के पुराने भवन की क्षमता पहले 50 बेड की थी। जबकि नया भवन 200 बेड का है। अस्पताल के निर्माण पर करीब 105 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। इस राशि से अस्पताल के तीन ब्लॉक बनाए गए हैं। इनमें ए और बी ब्लॉक जिला अस्पताल के लिए हैं, जबकि सी ब्लॉक में सिविल सर्जन व पीएमओ कार्यालय हैं। अब ट्रामा सेंटर को भी पुराने भवन से जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।
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जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ कंवर सन्नी सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल की सीवरेज लाइन में ड्राइंग के अनुसार आठ इंच की पाइप लाइन डाली गई है। जिस जगह से सीवरेज लीक हुआ है, वहां के मेनहोल पर भी टाइलें लगा दी है। सीवरेज लाइन में रूई व सेनेटरी पैड डाले जा रहे हैं, जिससे यह जाम हो गई है। केमिकल डाल कर इसे साफ कर दिया जाएगा।
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हाल ही में जिला अस्पताल का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग ने कराया है, जबकि अस्पताल में गंदे पानी की निकासी के लिए सीवरेज लाइन जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने डाली है। गंदे पानी के लिए आठ इंच चौड़ी पाइप लाइन डाली गई है। जानकारों का कहना है कि अस्पताल से गंदे पानी की निकासी ज्यादा होती है, इसलिए पाइप अधिक चौड़े डालने चाहिए थे। वहीं पानी मेनहोल से बाहर निकल रहा है, इसका मतलब है कि इसका लेवल भी सही तरीके से नहीं किया गया। जब से अस्पताल बना है तब से कभी सीवरेज लाइन तो कभी शौचालयों के पाइप टूटकर लीक हो रहे हैं।
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विदित हो कि जिला अस्पताल का उद्घाटन गत 11 मई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। जिला अस्पताल के पुराने भवन की क्षमता पहले 50 बेड की थी। जबकि नया भवन 200 बेड का है। अस्पताल के निर्माण पर करीब 105 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। इस राशि से अस्पताल के तीन ब्लॉक बनाए गए हैं। इनमें ए और बी ब्लॉक जिला अस्पताल के लिए हैं, जबकि सी ब्लॉक में सिविल सर्जन व पीएमओ कार्यालय हैं। अब ट्रामा सेंटर को भी पुराने भवन से जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।
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जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ कंवर सन्नी सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल की सीवरेज लाइन में ड्राइंग के अनुसार आठ इंच की पाइप लाइन डाली गई है। जिस जगह से सीवरेज लीक हुआ है, वहां के मेनहोल पर भी टाइलें लगा दी है। सीवरेज लाइन में रूई व सेनेटरी पैड डाले जा रहे हैं, जिससे यह जाम हो गई है। केमिकल डाल कर इसे साफ कर दिया जाएगा।