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घरों में घुस रहा नाले का पानी
यमुनानगर
Updated Tue, 18 Feb 2014 12:00 AM IST
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गांव काजीबांस में पक्का नाला न बनने से मुख्य रोड पर पानी खड़ा हो गया। इससे ग्रामीण परेशान है। गांव के लोगों जोगेंद्र सिंह, दिला राम शर्मा, सुरेंद्र, राजेश, गेंदा राम ने बताया कि पानी की निकासी के लिए पंचायत ने करीब एक हजार फुट नाला पक्का बनवाया था।
उसके बाद कच्चा नाला खुदवा दिया था लेकिन आगे भूमि मालिकों ने अपनी भूमि में पानी जाना बंद कर दिया है। इससे नाले का पानी रुक गया। नालियों का गंदा पानी सड़क पर खड़ा हो गया है। दो-तीन घरों में भी पानी घुस गया है। ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंध में ग्राम पंचायत सरपंच, बीडीपीओ मुस्तफाबाद से भी शिकायत कर चुके है कि लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने मांग की है कि समस्या का हल कराया जाए। भूमि मालिकों का कहना है कि उनके खेतों में नाले का पानी आता था, जिससे उनकी फसल खराब हो रही थी। इसलिए उन्होंने पानी खेतों में जाना बंद किया है। वे भी चाहते है कि नाला पक्का बन जाए। ग्रामीणों ने कहा कि काफी अर्से के बाद सड़क बनी थी। अब सड़क पर पानी खड़ा होने से यह भी दोबारा टूट जाएगी। कोई संक्रामक रोग फैल सकता है।
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गांव में डेंगू का भी प्रकोप चल रहा है। इससे पहले की कोई घटना घटे प्रशासन को पानी की निकासी का इंतजाम करना चाहिए। सरपंच जसबीर सिंह का कहना है कि उनके पास जितना बजट आया था उसे लगा दिया है। उसके आगे कच्चा नाला बनाया गया है। डी-प्लान और एचआरडीएफ से पैसा मंगवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। जैसे ही पैसा आएगा नाला बनवा दिया जाएगा। बीडीपीओ मुस्तफाबाद का भी दौरा करा दिया है। बीडीपीओ कंवरभान नरवाल का कहना है कि उन्होंने गांव के दौरा कर लिया है।
इसके लिए ग्रांट मंजूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही ग्रांट मंजूर होगी नाला बना दिया जाएगा। वहीं कष्ट निवारण समिति के सदस्य जयकुमार का कहना है कि अगर यह समस्या ग्राम पंचायत और खंड कार्यालय ने नहीं सुलझाई गई तो वे इसे कष्ट निवारण समिति की सभा में उठाएंगे।
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उसके बाद कच्चा नाला खुदवा दिया था लेकिन आगे भूमि मालिकों ने अपनी भूमि में पानी जाना बंद कर दिया है। इससे नाले का पानी रुक गया। नालियों का गंदा पानी सड़क पर खड़ा हो गया है। दो-तीन घरों में भी पानी घुस गया है। ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंध में ग्राम पंचायत सरपंच, बीडीपीओ मुस्तफाबाद से भी शिकायत कर चुके है कि लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।
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ग्रामीणों ने मांग की है कि समस्या का हल कराया जाए। भूमि मालिकों का कहना है कि उनके खेतों में नाले का पानी आता था, जिससे उनकी फसल खराब हो रही थी। इसलिए उन्होंने पानी खेतों में जाना बंद किया है। वे भी चाहते है कि नाला पक्का बन जाए। ग्रामीणों ने कहा कि काफी अर्से के बाद सड़क बनी थी। अब सड़क पर पानी खड़ा होने से यह भी दोबारा टूट जाएगी। कोई संक्रामक रोग फैल सकता है।
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गांव में डेंगू का भी प्रकोप चल रहा है। इससे पहले की कोई घटना घटे प्रशासन को पानी की निकासी का इंतजाम करना चाहिए। सरपंच जसबीर सिंह का कहना है कि उनके पास जितना बजट आया था उसे लगा दिया है। उसके आगे कच्चा नाला बनाया गया है। डी-प्लान और एचआरडीएफ से पैसा मंगवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। जैसे ही पैसा आएगा नाला बनवा दिया जाएगा। बीडीपीओ मुस्तफाबाद का भी दौरा करा दिया है। बीडीपीओ कंवरभान नरवाल का कहना है कि उन्होंने गांव के दौरा कर लिया है।
इसके लिए ग्रांट मंजूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही ग्रांट मंजूर होगी नाला बना दिया जाएगा। वहीं कष्ट निवारण समिति के सदस्य जयकुमार का कहना है कि अगर यह समस्या ग्राम पंचायत और खंड कार्यालय ने नहीं सुलझाई गई तो वे इसे कष्ट निवारण समिति की सभा में उठाएंगे।