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Yamuna Nagar News: सात साल बाद रेलवे ने जलनिकासी की योजना पर शुरू किया काम

Sat, 27 Dec 2025 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 27 Dec 2025 11:58 PM IST
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Seven years later, the railways have started work on the drainage plan
चांदपुर बाईपास रेलवे लाइन के साथ डाले जा रहे पाइप। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जगाधरी शहर के बरसाती पानी को यमुनानगर के जम्मू कॉलोनी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना शिलान्यास के सात साल बाद सिरे चढ़ने जा रही है। रेलवे ने चांदपुरा बाइपास के नजदीक रेल लाइन के नीचे से पाइप लाइन दबाने का कार्य शुरू कर दिया है।
बिजनौर से आई विशेषज्ञों की टीम की ओर से रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डाले जा रहे हैं। जल्द ही काम पूरा होने की उम्मीद है। नगर निगम ने लाइन के नीचे से पाइप निकालने की एवज में कई साल पहले रेलवे को करीब चार कराेड़ रुपये जमा करवाया था। लेकिन रेलवे अधिकारी तब से काम शुरू करने का नाम नहीं ले थे।
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इस योजना के पूरा न होने से हर साल बरसात में ट्विनसिटी के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। थोड़ी देर की मूसलाधार बारिश में ही निचले इलाकों में जलभराव हो जाता है और पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। जगाधरी शहर का बरसाती पानी यमुनानगर में जलभराव का एक बड़ा कारण माना जाता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए अमरूत योजना के तहत 24 फरवरी 2019 को बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालने की योजना का शिलान्यास यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने किया था।
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योजना के तहत करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जानी थी, जिस पर नौ करोड़ 15 लाख रुपये खर्च होने थे। लक्ष्य था कि 15 अगस्त 2019 तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इस योजना के तहत 900 एमएम से लेकर 1800 एमएम तक के मोटाई वाले पाइप डाले गए हैं।
करीब 100 मेनहोल बनाए गए हैं और लगभग 196 प्वाइंट से गंदा और बरसाती पानी इस लाइन में डाला जाना प्रस्तावित है। शिलान्यास के बाद शुरुआती छह महीने तक एजेंसी ने काम ही शुरू नहीं किया, जिससे योजना पहले ही देरी का शिकार हो गई। जब काम शुरू हुआ तो रेलवे बाइपास के पास आकर यह ठप हो गया। पहले यहां बाइपास से सटी जमीन एक निजी व्यक्ति की निकली, जिसने अपनी जमीन में पाइप दबाने से इन्कार कर दिया।
बाद में किसी तरह इस मसले का समाधान हुआ, लेकिन इसके बाद रेलवे ने बिना एनओसी के अपनी लाइन के नीचे पाइप डालने से मना कर दिया। नियमों के अनुसार रेलवे लाइन के नीचे पाइप रेलवे विभाग को ही दबाने थे। इसके लिए नगर निगम ने करीब चार करोड़ रुपये रेलवे के खाते में पहले ही जमा करा दिए थे।
इन इलाकों के लोगों को मिलेगी राहत

इस योजना के पूरा न होने से सरोजनी कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, टैगोर गार्डन, शक्ति नगर, श्याम नगर, मॉडर्न कॉलोनी, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, चांदपुर, जम्मू कॉलोनी, कैंप एरिया, कृष्णा कॉलोनी, हरिनगर, विष्णु नगर और बैंक कॉलोनी समेत कई इलाकों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इन इलाकों का पानी बड़े नालों में पहुंच कर ओवरफ्लो की स्थिति पैदा करता है, जिससे निचले इलाकों में भारी नुकसान होता है। काम पूरा होने के बाद लोगों को जलभराव से राहत मिलेगी।

योजना के मार्ग में आने वाली ज्यादातर बाधाएं दूर कर ली गई हैं। रेलवे अधिकारियों से संपर्क करने के बाद पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू हो गया है। इस योजना को सिरे चढ़ाना नगर निगम की प्राथमिकता था। जल्द ही रेलवे द्वारा काम पूरा कर लिया जाएगा। -महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
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