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Yamuna Nagar News: ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा के नाम पर सात लाख की ठगी
Sat, 10 Jan 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 10 Jan 2026 12:13 AM IST
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यमुनानगर। गांधी नगर निवासी एक युवक ने कन्हैया साहब चौक स्थित ग्लोबल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालकों पर ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा के नाम पर सात लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। युवक की शिकायत पर गांधी नगर थाना पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खेड़ी रांगड़ान निवासी मुश्ताक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बेटे मोहम्मद साहिल को बेहतर भविष्य के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कन्हैया साहब चौक के पास स्थित ग्लोबल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में हुई। आरोपियों ने खुद को जीरकपुर स्थित मुख्य कार्यालय से जुड़ा बताया और दावा किया कि उनकी ऑस्ट्रेलिया की कंपनियों से सीधी टाइअप है।
पीड़ित का आरोप है कि अजय कुमार, प्रदीप सिंह, तरनप्रीत सिंह और रमनदीप कौर ने उसे भरोसा दिलाया कि साहिल को पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया से ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा पर भेजा जाएगा। इसके लिए कुल खर्च करीब 20 लाख रुपये बताया गया। शुरुआत में पांच लाख रुपये नकद और बाकी रकम नौकरी लगने के बाद हर माह वेतन से 50 हजार रुपये देने की शर्त रखी गई। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने कुछ युवकों के वीजा भी दिखाए।
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नकद व फोन-पे के माध्यम से सौंपे
मुश्ताक के अनुसार उसने अलग-अलग तारीखों में नकद और फोन-पे के माध्यम से लाखों रुपये आरोपियों को सौंपे। 8 जून 2025 को मेडिकल और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर दो लाख रुपये नकद लिए गए और बेटे का असली पासपोर्ट व शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। इसके बाद 10 जून को फोन कर बताया गया कि साहिल का वीजा लग चुका है और उसी दिन दिल्ली से फ्लाइट है।
पीड़ित को महिपालपुर स्थित शांति पैलेस होटल बुलाया गया, लेकिन वहां न तो किसी फ्लाइट की बुकिंग मिली और न ही कंपनी का कोई प्रतिनिधि पहुंचा। इसके बाद आरोपियों के फोन बंद हो गए। जब पीड़ित यमुनानगर स्थित कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लटका मिला। थाना गांधीनगर प्रभारी का कहना है आरोपियों की भूमिका, लेनदेन और अन्य संभावित पीड़ितों की भी पड़ताल की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए जाएंगे।
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खेड़ी रांगड़ान निवासी मुश्ताक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बेटे मोहम्मद साहिल को बेहतर भविष्य के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कन्हैया साहब चौक के पास स्थित ग्लोबल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में हुई। आरोपियों ने खुद को जीरकपुर स्थित मुख्य कार्यालय से जुड़ा बताया और दावा किया कि उनकी ऑस्ट्रेलिया की कंपनियों से सीधी टाइअप है।
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पीड़ित का आरोप है कि अजय कुमार, प्रदीप सिंह, तरनप्रीत सिंह और रमनदीप कौर ने उसे भरोसा दिलाया कि साहिल को पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया से ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा पर भेजा जाएगा। इसके लिए कुल खर्च करीब 20 लाख रुपये बताया गया। शुरुआत में पांच लाख रुपये नकद और बाकी रकम नौकरी लगने के बाद हर माह वेतन से 50 हजार रुपये देने की शर्त रखी गई। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने कुछ युवकों के वीजा भी दिखाए।
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नकद व फोन-पे के माध्यम से सौंपे
मुश्ताक के अनुसार उसने अलग-अलग तारीखों में नकद और फोन-पे के माध्यम से लाखों रुपये आरोपियों को सौंपे। 8 जून 2025 को मेडिकल और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर दो लाख रुपये नकद लिए गए और बेटे का असली पासपोर्ट व शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। इसके बाद 10 जून को फोन कर बताया गया कि साहिल का वीजा लग चुका है और उसी दिन दिल्ली से फ्लाइट है।
पीड़ित को महिपालपुर स्थित शांति पैलेस होटल बुलाया गया, लेकिन वहां न तो किसी फ्लाइट की बुकिंग मिली और न ही कंपनी का कोई प्रतिनिधि पहुंचा। इसके बाद आरोपियों के फोन बंद हो गए। जब पीड़ित यमुनानगर स्थित कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लटका मिला। थाना गांधीनगर प्रभारी का कहना है आरोपियों की भूमिका, लेनदेन और अन्य संभावित पीड़ितों की भी पड़ताल की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए जाएंगे।