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Yamuna Nagar News: आग का मंजर देख अटकी रही परिजनों की सांसें

Sun, 05 Mar 2023 02:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 05 Mar 2023 02:58 AM IST
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Seeing the scene of the fire, the breath of the relatives was stuck
यमुनानगर। सिविल अस्पताल के निकू वार्ड में आग लगने से स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही वार्ड में भर्ती शिशुओं के माता-पिता की भी सांसें अटकी रही। वार्ड से सकुशल बच्चों के बाहर आने के बाद ही परिजनों के जान में जान आई। इसके बाद भी अनहोनी की आशंका को लेकर वे घंटों सहमे रहे और भगवान का शुक्रिया अदा करते रहे। बार-बार वह यही कहते रहे कि भगवान का शुक्र है, अगर रात को सोते वक्त हादसा होता तो न जाने क्या होता।
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ऐसा लगा सब खत्म हो गया : सोनम
अर्जुन माजरा की सोनम ने बताया कि उसके बेटे को खांसी थी। उसे सांस लेने में भी दिक्कत थी, इसलिए बेटे को निकू वार्ड में भर्ती कराया था। जब आग लगी तो वह निकू वार्ड में बेटे के पास बैठी थी। उस समय हर कोई चिल्लाने लगा। सभी आग-आग कहने लगे। वह तुरंत बेटे को कंबल में लपेट कर बाहर की तरफ भागी। उस वक्त तो ऐसा लग रहा था कि आज सब कुछ खत्म हो जाएगा।
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धुएं से घुटने लगा था दम : अर्चना
अर्चना ने बताया कि उसका बच्चा निकू वार्ड में भर्ती था। जब वार्ड में आग लगी तो सब बहुत डर गए थे। थोड़ी ही देर में वार्ड में धुआं ही धुआं हो गया था। दम घुटने लगा था। बिजली बंद होने से अंधेरे में ठीक से कुछ भी दिख नहीं रहा था। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें और किस तरफ से भागें। ऐसा लग रहा था कि वह भी आग की चपेट में आ जाएंगे।
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कुछ समझ नहीं आ रहा था : सुमन
सुमन ने बताया कि निकू वार्ड में आग कुछ ही मिनट में फैल गई थी। पहली बार आग को इतने करीब से फैलते हुए देखा था, इसलिए कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि कहीं उनका बच्चा भी आग की चपेट में न आ जाए। वहां तैनात कर्मचारी ने उसे कंबल दिया ताकि वह बच्चे को उसमें लपेट कर बाहर ले जा सके।


जब आग की तपिश से चटकने लगे शीशे

आग की तपिश से वार्ड में लगे शीशे भी चटक कर टूटने लगे। कुछ शीशों को स्टाफ ने तोड़ा ताकि धुआं बाहर निकल जाए। जब वार्ड का स्टाफ बच्चों को बाहर निकाल रहा था तो कुछ अभिभावक भी अपने बच्चों को लेकर बाहर की तरफ भागे। निकू वार्ड से निकालने के बाद बच्चों को ट्रॉमा सेंटर व सिविल अस्पताल जगाधरी के निकू वार्ड में भर्ती कराया गया।



आठ बच्चों की करनी पड़ी छुट्टी, छह हुए जगाधरी रेफर
यमुनानगर के निकू वार्ड में आग लगने के बाद 30 बच्चों को आफन फानन में बाहर निकाला गया। इनमें नौ बच्चों की उम्र एक माह से कम थी। हालांकि इनमें से रेशमा व अंकिता के बच्चों की हालत ही ज्यादा खराब थी। उन्हें बेबी वेंटीलेटर पर ऑक्सीजन लगाया गया था, इसलिए तुरंत एंबुलेंस को बुलाया गया। दोनों को एंबुलेंस में लेटा कर सबसे पहले उन्हें ऑक्सीजन लगाई गई। फिर तीन किलोमीटर दूर जगाधरी अस्पताल के निकू वार्ड में ले जाया गया। वहीं 12 बच्चों को ट्रामा सेंटर में शिफ्ट किया गया, क्योंकि वहीं पर ऑक्सीजन की सुविधा है। वहीं हालत में सुधार होने पर डॉक्टरों ने सीमा, मनप्रीत, नसरीन व नीतू के बच्चों की छुट्टी कर दी। जबकि मनप्रीत, रेशमा, अंकिता, रोमा व काजल के बच्चों को जगाधरी अस्पताल में रेफर किया गया। जगाधरी अस्पताल में पहले से ही 25 बच्चे भर्ती थे। इसलिए एक-एक बेबी वार्मर में दो बच्चों को लेटाना पड़ा।
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