यमुनानगर में युवक को दूसरी शादी पड़ी महंगी: पंचायत में हुई मारपीट व प्रताड़ना, जहर निगल दी जान
यमुनानगर में एक युवक को दूसरी शादी करना बहुत महंगा पड़ गया। बताया जा रहा कि दूसरी पत्नी के आने से पहली पत्नी के साथ उसका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर पंचायत में युवक की पहली पत्नी के परिजनों ने उससे मारपीट की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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पहली पत्नी के होते हुए मलिकपुर बांगर निवासी दीपक को दूसरी शादी करना बहुत महंगा पड़ा। दूसरी पत्नी के आने से पहली पत्नी के साथ उसका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दूसरी पत्नी के परिजनों ने पंचायत बुलाई। आरोप है कि भरी पंचायत में दीपक की पहली पत्नी के परिजनों ने उससे मारपीट की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसी मारपीट व प्रताड़ित से आहत होकर दीपक ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने दीपक की पहली पत्नी के चाचा, ताऊ व भाई समेत छह लोगों पर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सभी छह आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर के मलिकपुर बांगर में युवक ने की थी दूसरी शादी शादी
मलिकपुर बांगर निवासी प्रवीण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके बेटे दीपक ने तीन साल पहले हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गांव भुप्पर निवासी टीना से शादी की थी। इस शादी से उनके पास छह माह के बेटा है। बीती छह अगस्त को उसके बेटे दीपक ने शाहपुर निवासी मंजू से दूसरी शादी की और उसे घर लेकर आ गया था। जिसके बाद दीपक और उसकी पहली पत्नी टीना में विवाद हुआ।
इसके बाद टीना के मायके वाले उसे अपने घर ले गए। आरोप है कि तब टीना के मायके वालों ने उसके बेटे से झगड़ा किया और कहा कि उसने दूसरी शादी करके गैर कानूनी काम किया है। हम अपनी बेटी टीना को तभी भेजेंगे, जब दीपक अपनी दूसरी पत्नी मंजू को छोड़ देगा। इस संबंध में उनकी बिरादरी की गांव मलिकपुर बांगर में पंचायत हुई थी। इसके बाद उनकी पंचायत पौंटा साहिब में टीना के मायके वालों के साथ हुई। जहां पर उसके बेटे दीपक की पहली पत्नी टीना के चाचा बिरजू, मदन, ताऊ न्योरतू, गुगा, रानी व भाई हैप्पी ने उसके बेटे दीपक से मारपीट की और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
इसके बाद से उसका बेटा दीपक बहुत परेशान था। सुबह करीब नौ बजे उसका बेटा दीपक घर से अपनी दुकान पर बिलासपुर चला गया था, इसके बाद दोपहर को दुकान से घर आ गया था। दोपहर करीब सवा एक बजे उसे बताकर फिर से वह दुकान पर चला गया। इसके बाद सवा दो बजे उसके छोटे बेटे कमल के पास दीपक का फोन आया कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है। वह कोटड़ा स्टेडियम के पास है। उसका बेटा कमल तुरंत पड़ोसी राहुल के साथ स्टेडियम पर पहुंचा। उसने देखा कि उसका बेटा बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था।
वह उसे तुरंत बिलासपुर सिविल अस्पताल ले गए। जहां से डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल अंबाला कैंट रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि उसके बेटे ने अपनी पहली पत्नी के चाचा बिरजू, मदन, ताऊ न्योरतू, गुगा, राणा व भाई हैप्पी के मानसिक रूप से प्रताड़ित करने से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
दोनों पत्नियों की उजड़ी मांग
दो पत्नियों को लेकर दीपक के साथ जो विवाद हुआ था, उसी विवाद को लेकर उसकी दोनों पत्नियों की मांग उजड़ गई। वहीं, नन्हें बेटे के सिर से पिता का साया भी उठ गई। दीपक की मौत से दोनों पत्नियों को रो रोकर बुरा हाल है। परिजन भी दीपक की मौत के बाद से विलाप कर रहे है। परिजनों ने
जांच अधिकारी के अनुसार
जांच अधिकारी एएसआई बलबीर सिंह का कहना है कि मामले में छह आरोपियों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।