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Yamuna Nagar News: विज्ञान विषय के शिक्षकों को बताए पढ़ाने के तरीके
Sat, 20 Dec 2025 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 20 Dec 2025 12:24 AM IST
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डायट में प्रशिक्षण के दौरान मौजूद शिक्षक। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) तेजली में शैक्षिक टीजीटी साइंस के पांच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हुआ। इस दौरान नई शिक्षा नीति के तहत विज्ञान शिक्षण को अनुभवात्मक, गतिविधि आधारित और ज्ञानवर्धक बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
विज्ञान अध्यापकों को कक्षा 6 से 8 तक के विज्ञान शिक्षण को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रशिक्षण दिया गया। कक्षा 6 से 8 की नई विज्ञान पुस्तकों में प्रकाशित नवाचारी विषयवस्तु के अनुसार अनुभवात्मक, गतिविधि आधारित एवं ज्ञानवर्धक शिक्षण विधियों को प्रस्तुत किया गया। वहीं डायट की प्राचार्या सुनीता त्यागी ने प्रशिक्षुओं को कहा कि विज्ञान अध्यापकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास बेहतर ढंग से सुनिश्चित हो सके।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों में प्री-टेस्ट व पोस्ट-टेस्ट, अभ्यास प्रश्न सत्र, समूह गतिविधियां, आईसीटी टूल्स, कला-समेकित शिक्षा, वर्चुअल लैब्स, 21वीं सदी के कौशल, खेल व टॉय समेकित अधिगम, प्रयोगशाला कार्य, लैब सिमुलेशन तथा खेल-खेल में किए जाने वाले विज्ञान प्रयोगों को शिक्षण सहायक सामग्री के रूप में शामिल करने की जानकारी दी गई। संचालन प्रशिक्षण प्रभारी दुष्यंत चहल द्वारा ने किया। मास्टर प्रशिक्षक के रूप में अश्वनी गर्ग, संजीव खुराना, दर्शन लाल बवेजा, विनोद कुमारी व राजीव खुराना उपस्थित रहे।
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यमुनानगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) तेजली में शैक्षिक टीजीटी साइंस के पांच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हुआ। इस दौरान नई शिक्षा नीति के तहत विज्ञान शिक्षण को अनुभवात्मक, गतिविधि आधारित और ज्ञानवर्धक बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
विज्ञान अध्यापकों को कक्षा 6 से 8 तक के विज्ञान शिक्षण को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रशिक्षण दिया गया। कक्षा 6 से 8 की नई विज्ञान पुस्तकों में प्रकाशित नवाचारी विषयवस्तु के अनुसार अनुभवात्मक, गतिविधि आधारित एवं ज्ञानवर्धक शिक्षण विधियों को प्रस्तुत किया गया। वहीं डायट की प्राचार्या सुनीता त्यागी ने प्रशिक्षुओं को कहा कि विज्ञान अध्यापकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास बेहतर ढंग से सुनिश्चित हो सके।
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पांच दिवसीय प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों में प्री-टेस्ट व पोस्ट-टेस्ट, अभ्यास प्रश्न सत्र, समूह गतिविधियां, आईसीटी टूल्स, कला-समेकित शिक्षा, वर्चुअल लैब्स, 21वीं सदी के कौशल, खेल व टॉय समेकित अधिगम, प्रयोगशाला कार्य, लैब सिमुलेशन तथा खेल-खेल में किए जाने वाले विज्ञान प्रयोगों को शिक्षण सहायक सामग्री के रूप में शामिल करने की जानकारी दी गई। संचालन प्रशिक्षण प्रभारी दुष्यंत चहल द्वारा ने किया। मास्टर प्रशिक्षक के रूप में अश्वनी गर्ग, संजीव खुराना, दर्शन लाल बवेजा, विनोद कुमारी व राजीव खुराना उपस्थित रहे।
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