फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Sanju won eight belts in Karate in five years

Yamuna Nagar News: संजू ने कराटे में पांच साल में जीतीं आठ बेल्ट

Wed, 04 Jun 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 04 Jun 2025 12:44 AM IST
विज्ञापन
Sanju won eight belts in Karate in five years
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। बचपन से पिता को मजदूरी करते देखा। परिवार के लिए पिता को ऐसा करते देख हिम्मत बढ़ी। उन्हें देखकर आत्मनिर्भर बनने की ठानी और कराटे के गुर सीखे। इसके महज पांच साल में आठ बेल्ट जीत लीं। साथ ही कई पदक अपने नाम किए। यह सफलता की कहानी फ्रेंड्स कॉलोनी की 18 वर्षीय संजू की है, जो कराटे स्पर्धा में सितारा बनकर उभरी है।
संजू ने बताया कि पिता राधेश्याम मजदूरी करते हैं। बचपन से उन्हें ऐसा करते देखा। पूरे परिवार के लिए पिता का समर्पण भाव देखकर ही कम उम्र में कुछ कर गुजरने की ठानी थी। पांच साल पहले कोच विकास से कराटे सीखने लगी। तब कराटे सीखने का मकसद केवल इतना था कि अपनी आत्मरक्षा खुद कर सकूं। जैसे जैसे कराटे की बारीकियों में निपुण हुई तो कोच विकास ने वाइट बेल्ट के लिए टेस्ट कराया। इसमें सफलता मिली। ऐसे ही कुछ माह के अंतराल पर एक के बाद एक टेस्ट देकर येलो, ऑरेंज, ग्रीन, ब्लू, पर्पल, रेड, ब्राउन बेल्ट हासिल किए।
विज्ञापन

खुद के अभ्यास के साथ दूसरों को भी सिखा रहीं
संजू ने बताया कि आठ बेल्ट के अलावा वर्ष-2022 में राज्य स्तर पर कांस्य, 2023 में जिला स्तर पर काता व कुमिते श्रेणी में स्वर्ण, इसी साल रोहतक में राज्य स्तर पर भी दोनों श्रेणी में स्वर्ण, 2023-24 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कुमिते श्रेणी में स्वर्ण व काता में रजत पदक जीत चुकी हूं। अब ब्लैक बेल्ट व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत का सपना है, जिसे साकार करने के लिए चोपड़ा गार्डन स्थित बमणिया अकादमी में कोच विकास से सुबह-शाम प्रशिक्षण ले रही हूं। साथ ही जगाधरी के निजी स्कूल में विद्यार्थियों को कराटे के गुर भी सीखा रही हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे समझें...कराटे व बेल्ट का खेल
कोच विकास ने बताया कि कराटे में नौ बेल्ट होती है। शुरुआत वाइट बेल्ट से होती है। इसके बाद येलो, ऑरेंज, ग्रीन, ब्लू, पर्पल, रेड, ब्राउन और आखिर में ब्लैक बेल्ट होती है। हर बेल्ट का टेस्ट होता है। हर बेल्ट का अलग सिलेबस है। इसमें हर बेल्ट के सिलेबस को कवर करते समय खिलाड़ी किक, ब्लॉक सहित अन्य तकनीक को अलग-अलग अंदाज में सीखते हैं। इसके बाद टेस्ट देकर बेल्ट हासिल करते हैं। कराटे की दो श्रेणी में स्पर्धाएं होती हैं, जिसमें एक काता व दूसरी कुमिते है। कुमिते में दो लोग आमने-सामने मुकाबला करते हैं, वहीं काता में खिलाड़ी को एक तरह से काल्पनिक मुकाबला करना होता है, क्योंकि काता में खिलाड़ी को सामने प्रतिद्वंदी से मुकाबला हो रहा है, यह सोचकर कराटे की तकनीकों का प्रदर्शन करना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed