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प्रत्याशी की जीत-हार में यमुनानगर जिले की भूमिका अहम
अमर उजाला,यमुनानगर
Updated Thu, 10 Apr 2014 06:09 PM IST
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यमुनानगर। अंबाला लोकसभा सीट पर प्रत्याशियों की जीत-हार में यमुनानगर जिले की भूमिका अहम रहेगी। इस सीट के कुल मतदाताओं में से करीब 35 प्रतिशत यमुनानगर जिले से हैं। जिले में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या 50 फीसदी से अधिक है। जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में से दो पर विपक्षी दलों का कब्जा है।
अंबाला सीट पर करीब 16 लाख 92 हजार मतदाता हैं। इनमें से करीब पांच लाख 85 हजार मतदाता यमुनानगर जिले के हैं। इस सीट पर यमुनानगर जिले के जगाधरी, साढौरा और यमुनानगर विधानसभा क्षेत्र आते हैं। सबसे अधिक करीब एक लाख 98 हजार मतदाता यमुनानगर में हैं। जबकि साढौरा में करीब एक लाख 94 हजार और जगाधरी में करीब एक लाख 93 हजार 500 मतदाता हैं। लोकसभा चुनाव होने और मोदी लहर के कारण क्षेत्रीय दलों का वोट खिसकने की पूरी उम्मीद है। चुनावी समर में उतरे प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।
बाक्स-
साढौरा-
कांग्रेस के वोट बैंक में भाजपा लगा रही सेंध
साढौरा विधानसभा क्षेत्र से राजपाल भूखड़ी कांग्रेसी विधायक है। इस ग्रामीण क्षेत्र में घाड़ इलाका भी आता है, जो विकास से अछूता रहा है। विधायक राजपाल की गिनती सांसद कुमारी सैलजा के कट्टर समर्थकों में होती है। अंबाला लोस सीट पर खड़े कांग्रेस प्रत्याशी को सैलजा समर्थकों का पूरा सहयोग ना मिल पाने से भाजपा यहां कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाती नजर आ रही है। वहीं इनेलो की भी इस क्षेत्र के वोटरों में खासी पकड़ है। इस सीट पर बसपा का भी वोट बैंक है। साढौरा सीट पर आम आदमी पार्टी भी कुछ वोट हासिल करती नजर आ रही है।
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जगाधरी-
भारी पड़ सकती है कांग्रेस की अंतर्कलह
जगाधरी विधानसभा क्षेत्र में छछरौली और खिजराबाद इलाका भी आता है, जो पिछले विस चुनाव से पूर्व छछरौली विधानसभा में आता था। परिसीमन के बाद छछरौली विस सीट को जगाधरी में मिला दिया गया। जगाधरी शहरी इलाके में कांग्रेस की खासी पकड़ रही है। मोदी लहर और कांग्र्रेस की गुटबाजी के चलते यहां कांग्रेस वोट बैंक में तगड़ी सेंध लगती नजर आ रही है। उधर, छछरौली, खिजराबाद और अन्य ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस, बसपा और इनेलो का खासा वोट बैंक है। इस बार यहां से दूसरे दलों के वोट भाजपा की झोली में गिर सकते हैं। जगाधरी विस सीट से बसपा उम्मीदवार अकरम खान विधायक है, जिनकी क्षेत्र के मुस्लिम वोटों पर खासी पकड़ है। इसका फायदा बसपा उम्मीदवार को मिल सकता है। वहीं, इस बार शहरी क्षेत्र में आम आदमी पार्टी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है।
यमुनानगर-
मोदी फैक्टर का इनेलो को उठाना पड़ सकता है नुकसान
यमुनानगर विस सीट इंडियन नेशनल लोकदल के पास है, जहां से दिलबाग सिंह विधायक है। यहां इनेलो की शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में अच्छी पकड़ रही है। लेकिन इस बार मोदी फैक्टर शहरी क्षेत्र में साफ नजर आ रहा है। पिछले वर्ष हुए नगर निगम चुनाव में यमुनानगर में भाजपा के चुनाव चिह्न पर पांच और एक भाजपा समर्थक पार्षद के चुने जाने से भाजपा नेता और कार्यकर्ता उत्साह से लबरेज है। हालांकि भाजपा समर्थक पार्षद ने बाद में कांग्रेस का दामन थाम लिया था। कांग्रेस के वोट इस सीट पर भी खिसकते नजर आ रहे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी भी यमुनानगर में खासे वोट हासिल करती नजर आ रही है। बसपा की इस क्षेत्र में स्थिति कमजोर बनी हुई है।
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अंबाला सीट पर करीब 16 लाख 92 हजार मतदाता हैं। इनमें से करीब पांच लाख 85 हजार मतदाता यमुनानगर जिले के हैं। इस सीट पर यमुनानगर जिले के जगाधरी, साढौरा और यमुनानगर विधानसभा क्षेत्र आते हैं। सबसे अधिक करीब एक लाख 98 हजार मतदाता यमुनानगर में हैं। जबकि साढौरा में करीब एक लाख 94 हजार और जगाधरी में करीब एक लाख 93 हजार 500 मतदाता हैं। लोकसभा चुनाव होने और मोदी लहर के कारण क्षेत्रीय दलों का वोट खिसकने की पूरी उम्मीद है। चुनावी समर में उतरे प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।
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बाक्स-
साढौरा-
कांग्रेस के वोट बैंक में भाजपा लगा रही सेंध
साढौरा विधानसभा क्षेत्र से राजपाल भूखड़ी कांग्रेसी विधायक है। इस ग्रामीण क्षेत्र में घाड़ इलाका भी आता है, जो विकास से अछूता रहा है। विधायक राजपाल की गिनती सांसद कुमारी सैलजा के कट्टर समर्थकों में होती है। अंबाला लोस सीट पर खड़े कांग्रेस प्रत्याशी को सैलजा समर्थकों का पूरा सहयोग ना मिल पाने से भाजपा यहां कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाती नजर आ रही है। वहीं इनेलो की भी इस क्षेत्र के वोटरों में खासी पकड़ है। इस सीट पर बसपा का भी वोट बैंक है। साढौरा सीट पर आम आदमी पार्टी भी कुछ वोट हासिल करती नजर आ रही है।
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जगाधरी-
भारी पड़ सकती है कांग्रेस की अंतर्कलह
जगाधरी विधानसभा क्षेत्र में छछरौली और खिजराबाद इलाका भी आता है, जो पिछले विस चुनाव से पूर्व छछरौली विधानसभा में आता था। परिसीमन के बाद छछरौली विस सीट को जगाधरी में मिला दिया गया। जगाधरी शहरी इलाके में कांग्रेस की खासी पकड़ रही है। मोदी लहर और कांग्र्रेस की गुटबाजी के चलते यहां कांग्रेस वोट बैंक में तगड़ी सेंध लगती नजर आ रही है। उधर, छछरौली, खिजराबाद और अन्य ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस, बसपा और इनेलो का खासा वोट बैंक है। इस बार यहां से दूसरे दलों के वोट भाजपा की झोली में गिर सकते हैं। जगाधरी विस सीट से बसपा उम्मीदवार अकरम खान विधायक है, जिनकी क्षेत्र के मुस्लिम वोटों पर खासी पकड़ है। इसका फायदा बसपा उम्मीदवार को मिल सकता है। वहीं, इस बार शहरी क्षेत्र में आम आदमी पार्टी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है।
यमुनानगर-
मोदी फैक्टर का इनेलो को उठाना पड़ सकता है नुकसान
यमुनानगर विस सीट इंडियन नेशनल लोकदल के पास है, जहां से दिलबाग सिंह विधायक है। यहां इनेलो की शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में अच्छी पकड़ रही है। लेकिन इस बार मोदी फैक्टर शहरी क्षेत्र में साफ नजर आ रहा है। पिछले वर्ष हुए नगर निगम चुनाव में यमुनानगर में भाजपा के चुनाव चिह्न पर पांच और एक भाजपा समर्थक पार्षद के चुने जाने से भाजपा नेता और कार्यकर्ता उत्साह से लबरेज है। हालांकि भाजपा समर्थक पार्षद ने बाद में कांग्रेस का दामन थाम लिया था। कांग्रेस के वोट इस सीट पर भी खिसकते नजर आ रहे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी भी यमुनानगर में खासे वोट हासिल करती नजर आ रही है। बसपा की इस क्षेत्र में स्थिति कमजोर बनी हुई है।