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लंबित मांगों व समस्याओं के रोष में गरजे रोडवेज कर्मचारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2022 02:36 AM IST
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Roadways employees roared in fury of pending demands and problems
यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संझा मोर्चा ने यमुनानगर डिपो की वर्कशॉप में गेट मीटिंग की। इस दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने लंबित मांगों व समस्याओं के रोष में सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य इंद्र सिंह बढ़ाना, सरबत सिंह पूनिया, रमन सैनी, अशोक खोखर, आजाद सिंह गिल, वीरेंद्र सिंह, सुखबीर सिंह ब्याना, कृष्ण कादियान, रमेश श्योकंद, फूल कुमार कांबोज, मनिंद्र सिंह, प्रताप सिंह भानवाला व राजबीर सैनी पहुंचे।
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गेट मीटिंग की अगुवाई मोर्चा से जुड़े विभन्नि यूनियनों के प्रधान राजिंद्र कांबोज, नंदलाल कांबोज, मुकेश पोसवाल, रामकरण सैनी, लिज्जाराम सैनी ने की। संचालन सचिव महिपाल सौडे, संजीव सैनी, अनिल कुमार, रघबीर सिंह ने किया। इस दौरान बताया कि पूरे प्रदेश के बसस्टैंड पर 1 से 3 जून तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। आठ जून को मास डेपुटेशन के रूप में एसीएस को जनता के किए हस्ताक्षर दिए जाएंगे। यमुनानगर डिपो के जीएम से मोर्चा के पदाधिकारी मिले और बिना भेदभाव कार्य किए जाने की मांग की।
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मीटिंग में उठाई ये मांगें:-
- विभाग में 10 हजार सरकारी बसें शामिल हों।
- कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल हो।
- कच्चे कर्मियों को पक्का कर खाली पद भरे जाएं।
- परिचालक व लिपिक का वेतनमान 35400 हो।
- कर्मशाला कर्मियों को तकनीकी स्केल मिले।
- कम किए अवकाश पहले जैैसे लागू हों।
- कर्मियों को 5000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता मिले।
- कर्मियों को एक माह के वेतन के समान बोनस मिले।
- पंजाब, हिमाचल व डीटीसी की तर्ज पर चालकों की प्रमोशन हो।
- आरक्षित श्रेणी कर्मियों का प्रमोशन में रोस्टर प्रणाली लागू कर बैकलाग पूरा किया जाए।
- महामारी के दौरान बसें खड़ी रहने व डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए विभाग को 2000 करोड़ रुपये का पैकेज दिया जाए।
- एबीसी श्रेणी के नाम पर अंतरराज्यीय रूटों पर 20 फीसद, अंतरजिला रूटों पर 50 फीसद व लोकल रुटों पर प्राइवेट बसें चलाने की योजना, किलोमीटर स्कीम व 2016-17 पोलिसी रद्द कर विभाग के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
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