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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों को बताए नशे के दुष्प्रभाव
Wed, 09 Sep 2026 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:21 AM IST
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नशा न करने की शपथ लेते विद्यार्थी व शिक्षक। प्रवक्ता
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो की ओर से चौधरी रणबीर सिंह राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हथनीकुंड में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम बताए।
प्राचार्या सरला चौधरी की देखरेख आयोजित कार्यक्रम में डॉ. वर्मा ने कहा कि यदि नशा होता अच्छा, मां कहती-खा ले मेरे बच्चा। मां अपने बच्चे को नशा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अच्छी शिक्षा और संस्कार देना चाहती है। नशा व्यक्ति के शरीर और मन को खोखला करने के साथ परिवार की खुशियां, आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने बताया कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें नशे से बचाना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और मित्रों व परिवार को भी जागरूक करने का आह्वान किया विद्यार्थियों व शिक्षकों को नशे के विभिन्न प्रकार, उनके शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव, बचाव के उपाय तथा नशे के आदी लोगों के उपचार एवं पुनर्वास की जानकारी दी गई।
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डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ केवल कानून का भय पर्याप्त नहीं है। परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। उन्होंने प्रतिबंधित नशे की सूचना देकर अभियान में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या सरला देवी ने डॉ. वर्मा को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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प्रतापनगर। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो की ओर से चौधरी रणबीर सिंह राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हथनीकुंड में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम बताए।
प्राचार्या सरला चौधरी की देखरेख आयोजित कार्यक्रम में डॉ. वर्मा ने कहा कि यदि नशा होता अच्छा, मां कहती-खा ले मेरे बच्चा। मां अपने बच्चे को नशा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अच्छी शिक्षा और संस्कार देना चाहती है। नशा व्यक्ति के शरीर और मन को खोखला करने के साथ परिवार की खुशियां, आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करता है।
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उन्होंने बताया कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें नशे से बचाना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और मित्रों व परिवार को भी जागरूक करने का आह्वान किया विद्यार्थियों व शिक्षकों को नशे के विभिन्न प्रकार, उनके शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव, बचाव के उपाय तथा नशे के आदी लोगों के उपचार एवं पुनर्वास की जानकारी दी गई।
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डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ केवल कानून का भय पर्याप्त नहीं है। परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। उन्होंने प्रतिबंधित नशे की सूचना देकर अभियान में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या सरला देवी ने डॉ. वर्मा को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।