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डीए के भुगतान पर रोक लगाने का रोडवेज कर्मचारियों ने किया विरोध
बस स्टैंड परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते संघ सदस्य।
- फोटो : AMAR UJALA
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यमुनानगर
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बस स्टैंड परिसर में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन से संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने केंद्रीय सरकार द्वारा जुलाई 2021 तक डीए के भुगतान पर रोक लगाने के फैसले का विरोध किया। डिपो प्रधान नंदलाल कंबोज ने कहा कि लंबे समय तक कर्मचारियों का महंगाई भत्ता रोकना उचित नहीं है। संघ के डिपो उप प्रधान प्रदीप देसवाल, महिपाल सोदे, सह सचिव बृज भूषण, कैशियर राम पाल व ऑडिटर सुमित सूद ने बताया कि देश में कोरोना संकट के चलते केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले डीए पर रोक लगा दी गई है। ये रोक एक जुलाई 2021 तक जारी रहेगी। भविष्य में जून 2021 तक डीए का बकाया भी नहीं देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले को गलत बताते हुए कहा कि ये निर्णय तर्क संगत नहीं है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इस पर पुनर्विचार करें। इस अवसर पर संघ सदस्यों ने रोडवेज महाप्रबंधक के माध्यम से महा निदेशक के नाम ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का फैसला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक समान रूप से लागू करना किसी भी प्रकार से जायज नहीं ठहराया जा सकता। केन्द्र व राज्य सरकार के सभी कर्मचारी पहले भी मुख्यमंत्री राहत कोष व प्रधानमंत्री कोरोना रिलीफ फंड में एक दिन के वेतन से लेकर एक माह तक का वेतन दान देकर अपना योगदान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, नर्सिज, पैरामेडिकल स्टाफ सहित पुलिस कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी, बिजली विभाग के कर्मचारी, परिवहन कर्मचारी, जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर और शिक्षा विभाग सहित सभी विभागों के कर्मचारी बिना सुरक्षा किट के भी कोरोना जैसी महामारी का सामना करते हुए जनता की सेवा में लगे हुए हैं। वेतनमान ही कर्मचारी के जीवन यापन का सहारा होता है। इसलिए जुलाई 2021 तक डीए फ्रिज कर देना कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, तृतीय श्रेणी कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों पर पड़ेगा।
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