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बीईओ कार्यालय में आवेदन करने आए लोगों को लौटाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2020 12:24 AM IST
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returnd the application to the public
returnd the application to the public - फोटो : Yamuna Nagar
नियम 134 ए के तहत जिले के कई निजी स्कूलों ने ईडब्ल्यूएस और बीपीएल बच्चों के लिए आरक्षित सीटों का ब्यौरा आखिरी दिन भी नहीं दिया। हालांकि इसके लिए शनिवार को छुट्टी के दिन भी जिला शिक्षा सदन और बीईओ कार्यालाय खुले रहे। बता दें कि हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूल संचालकों को इसके लिए पहले 24 फरवरी तक का समय दिया गया था, जिसमें जिले के सिर्फ 50 प्रतिशत स्कूलों ने खाली सीटो का ब्यौरा दिया गया था। जिस पर निजी स्कूल संचालकों ने साइट में प्रोब्लम का बहाना बनाया दिया। विभाग ने निजी स्कूलों के लिए आरक्षित सीटों का ब्यौरा देने के लिए दोबारा पोर्टल खोला, जिसके लिए उन्हें 29 फरवरी तक का समय दे दिया गया, लेकिन इसके बावजूद भी निजी स्कूलों ने आरक्षित सीटों का ब्यौरा नहीं दिया। उधर बीईओ कार्यालय में आवेदन करने पहुंचे अभिभावकों को आवेदन फार्म देकर लौटा दिया गया।
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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में कुल 324 निजी स्कूल है जिसमें से केवल 222 स्कूलों ने ही ब्यौरा दिया है, अभी भी 102 निजी स्कूलों ने पोर्टल पर ब्यौरा नहीं दिया।
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आवेदन करने पहुंचे लोगों को आवेदन फार्म देकर लौटाया
शनिवार को भी 134 ए की प्रक्रिया को लेकर बीईओ कार्यालय खुला रहा। आवेदन करने आए लोगों को जहां आधी अधूूरी लिस्ट देखकर निराशा हुई वहीं ऑनलाइन आवेदन शुरू ना किए जाने को लेकर भी निराशा ही हाथ लगी। संजय, शशि, उमेश रोहिल्ला, बेबी, शशि ने कहा कि आवेदन बारे कोई भी गाइडलाइन जारी नहीं की जा रही है। आज भी अपने पूरे कागज लेकर आवेदन करने आए थे, लेकिन विभाग के कर्मचारियों ने फार्म देकर वापिस जाने को कह दिया गया।
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संजय कुमार ने कहा कि आवेदन की प्रक्रिया के शुरूआती दिनों में ही शिक्षा विभाग अभिभावकों को परेशान कर रहा है। पहले 25 तारिख को सुबह आए थे, लेकिन तब तक खाली सीटों को लिस्ट ही नहीं लगी थी, अब आए है तब भी आधी अधूरी लिस्ट ही लगी है।
शशि ने कहा कि वो अपने बच्चें के लिए आवेदन करने आई थी। सभी कागजात भी पूरे लाई थी, लेकिन विभाग के कर्मचारी आवेदन कर ही नहीं रहे है और ना ही ये बता रहे है कि आवेदन शुरू कब से होंगें।

उमेश रोहिल्ला ने कहा कि ऑफ लाइन आवेदन मान्य नहीं है फिर भी ऑफलाइन आवेदन के फार्म देकर अभिभावकों को लौटाया जा रहा है। सरकार कुछ सुविधाएं देती है, लेकिन उनके लिए आमजन को परेशान बहुत करती है। शिक्षा विभाग को अपनी गाइडलाइन जारी करनी चाहिए आरक्षित सीटों का ब्यौरा ना देने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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