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कपालमोचन मेले में आने के लिए श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन जरूरी
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बैठक करते धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी व सदस्य। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/यमुनानगर। तीर्थराज कपालमोचन मेले की तैयारियों के लिए समय कम होने से प्रशासनिक अधिकारियों की नींद उड़ गई। मेला इस बार 120 एकड़ भूमि पर लगेगा। मेले में दाखिल होने वाले श्रद्धालुओं को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। राजस्तरीय मेला 15 से 19 नवंबर तक चलेगा। पिछले साल कोरोना महामारी चलते मेले का आयोजन नहीं हो पाया था।
कपालमोचन में लगने वाले राज्यस्तरीय मेले में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को मेला प्रशासक की ओर से बनाए गए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होने वाले श्रद्धालु ही मेला क्षेत्र में प्रवेश कर पाएंगे। मेला में आने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन की चेकिंग के लिए मुख्य मार्गों पर चेक पोस्ट लगाए जाएंगे।
अभी कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं होने के कारण धार्मिक संस्था संचालक व धर्मशाला संचालक नियमों का सख्ती से पालन करेंगे और श्रद्धालुओें को कोरोना से से बचाव के बारे में पूरी सतर्कता बरतने की सलाह देंगे। वाट्सएप के माध्यम से सभी संचालक अपनी संगत को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बारे में अवगत करवाएंगे। डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए संस्थाओं के आसपास के क्षेत्र में सफाई करवाई जाएगी।
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वहीं मेले को लेकर धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की बैठक हुई। बैठक में महंत स्वामी राम सागर मुनि ने बताया कि मेले में भंडारे लगाने को लेकर उनके पास रोजाना हरिद्वार व अन्य धार्मिक नगरों से साधु-संतों के फोन आ रहे हैं। ऐसे में साधु-संतों को भंडारे के लिए पहले की तरह स्थान दिया जाएगा।
जाट धर्मशाला के बाबू राम ने बताया कि धर्मशाला के समीप सीवरेज की सफाई की समस्या बनी हुई है। प्रजापति धर्मशाला के श्योराम ने खच्चर मंडी के आयोजन को लेकर बात रखी। जाट धर्मशाला के बाबू राम ने कपालमोचन सरोवर के समीप बाहरी लोगों के द्वारा पशु को लेकर खड़े होने की समस्या रखी। गुरुद्वारे के कर्मचारी रविंद्र सिंह ने तीनों सरोवर में पूरा वर्ष साफ पानी की उपलब्धता के लिए डीप बोर को जरूरी बताया।
सूरजकुंड सरोवर में पानी भरने का कार्य शुरू
सूरजकुंड सरोवर में पानी भरवाने का कार्य शुरू करवा दिया गया है।, इसके बाद कपालमोचन सरोवर व ऋण मोचन सरोवर में भी पानी भरने का काम शुरू होगा। इसके अलावा मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, अस्थाई शौचालयों का निर्माण, बस सेवा व अन्य सुविधाओं को देने के लिए कार्य शुरू करवा दिया गया है।
राज्यस्तरीय मेले में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को मेला प्रशासक की ओर से बनाए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होने वाले श्रद्धालु ही मेला क्षेत्र में प्रवेश कर पाएंगे। मेला में आने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन की चेकिंग के लिए मुख्य मार्गों पर चेक पोस्ट लगाकर की जाएगी। -जसपाल सिंह गिल, एसडीएम बिलासपुर।
रोडवेज ने कर्मियों की छुट्टियां रद्द कीं
यमुनानगर। कपालमोचन मेले को लेकर रोडवेज डिपो ने भी कमर कस ली है। मेले में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी. इस दौरान उन्हें कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। पता चला है डिपो की तरफ से आने-जाने के लिए 50 से अधिक बसों को लगाया जाएगा। बसों में चेकिंग के लिए टीम का भी गठन किया जा रहा है।
मेले के दौरान जाने वाली बसों की चेकिंग के लिए 10 से 15 टीमें बनाई जाएगी। एक टीम में छह से सात कर्मचारी लगाए जाने हैं। मेले में अतिरिक्त बसें लगने से जहां यात्रियों को राहत मिलेगी वहीं डिपो की आमदनी भी बढ़ जाएगी। यमुनानगर रोडवेज डिपो के यातायात प्रबंधक संजय रावल ने बताया मेले में बड़ी संख्या में बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा चेक पोस्ट भी बनाए जाने हैं। उसका भी शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। संवाद
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बिलासपुर/यमुनानगर। तीर्थराज कपालमोचन मेले की तैयारियों के लिए समय कम होने से प्रशासनिक अधिकारियों की नींद उड़ गई। मेला इस बार 120 एकड़ भूमि पर लगेगा। मेले में दाखिल होने वाले श्रद्धालुओं को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। राजस्तरीय मेला 15 से 19 नवंबर तक चलेगा। पिछले साल कोरोना महामारी चलते मेले का आयोजन नहीं हो पाया था।
कपालमोचन में लगने वाले राज्यस्तरीय मेले में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को मेला प्रशासक की ओर से बनाए गए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होने वाले श्रद्धालु ही मेला क्षेत्र में प्रवेश कर पाएंगे। मेला में आने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन की चेकिंग के लिए मुख्य मार्गों पर चेक पोस्ट लगाए जाएंगे।
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अभी कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं होने के कारण धार्मिक संस्था संचालक व धर्मशाला संचालक नियमों का सख्ती से पालन करेंगे और श्रद्धालुओें को कोरोना से से बचाव के बारे में पूरी सतर्कता बरतने की सलाह देंगे। वाट्सएप के माध्यम से सभी संचालक अपनी संगत को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बारे में अवगत करवाएंगे। डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए संस्थाओं के आसपास के क्षेत्र में सफाई करवाई जाएगी।
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वहीं मेले को लेकर धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की बैठक हुई। बैठक में महंत स्वामी राम सागर मुनि ने बताया कि मेले में भंडारे लगाने को लेकर उनके पास रोजाना हरिद्वार व अन्य धार्मिक नगरों से साधु-संतों के फोन आ रहे हैं। ऐसे में साधु-संतों को भंडारे के लिए पहले की तरह स्थान दिया जाएगा।
जाट धर्मशाला के बाबू राम ने बताया कि धर्मशाला के समीप सीवरेज की सफाई की समस्या बनी हुई है। प्रजापति धर्मशाला के श्योराम ने खच्चर मंडी के आयोजन को लेकर बात रखी। जाट धर्मशाला के बाबू राम ने कपालमोचन सरोवर के समीप बाहरी लोगों के द्वारा पशु को लेकर खड़े होने की समस्या रखी। गुरुद्वारे के कर्मचारी रविंद्र सिंह ने तीनों सरोवर में पूरा वर्ष साफ पानी की उपलब्धता के लिए डीप बोर को जरूरी बताया।
सूरजकुंड सरोवर में पानी भरने का कार्य शुरू
सूरजकुंड सरोवर में पानी भरवाने का कार्य शुरू करवा दिया गया है।, इसके बाद कपालमोचन सरोवर व ऋण मोचन सरोवर में भी पानी भरने का काम शुरू होगा। इसके अलावा मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, अस्थाई शौचालयों का निर्माण, बस सेवा व अन्य सुविधाओं को देने के लिए कार्य शुरू करवा दिया गया है।
राज्यस्तरीय मेले में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को मेला प्रशासक की ओर से बनाए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होने वाले श्रद्धालु ही मेला क्षेत्र में प्रवेश कर पाएंगे। मेला में आने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन की चेकिंग के लिए मुख्य मार्गों पर चेक पोस्ट लगाकर की जाएगी। -जसपाल सिंह गिल, एसडीएम बिलासपुर।
रोडवेज ने कर्मियों की छुट्टियां रद्द कीं
यमुनानगर। कपालमोचन मेले को लेकर रोडवेज डिपो ने भी कमर कस ली है। मेले में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी. इस दौरान उन्हें कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। पता चला है डिपो की तरफ से आने-जाने के लिए 50 से अधिक बसों को लगाया जाएगा। बसों में चेकिंग के लिए टीम का भी गठन किया जा रहा है।
मेले के दौरान जाने वाली बसों की चेकिंग के लिए 10 से 15 टीमें बनाई जाएगी। एक टीम में छह से सात कर्मचारी लगाए जाने हैं। मेले में अतिरिक्त बसें लगने से जहां यात्रियों को राहत मिलेगी वहीं डिपो की आमदनी भी बढ़ जाएगी। यमुनानगर रोडवेज डिपो के यातायात प्रबंधक संजय रावल ने बताया मेले में बड़ी संख्या में बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा चेक पोस्ट भी बनाए जाने हैं। उसका भी शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। संवाद