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बाजारों में झंडों की कमी के चलते रेट बढ़े

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Aug 2022 01:30 AM IST
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Rates increased due to lack of flags in the markets
आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम किया जा रहा है। जिसके तहत राजकीय स्कूलों से तिरंगा रैली निकाली जा रही है। रैली में विद्यार्थी लोगों को घरों व प्रतिष्ठानों पर तिरंगा लगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। हैरत की बात है कि दूसरों को जागरूक करने वाले विद्यार्थियों के पास झंडे नहीं है। चूंकि विभाग की ओर से स्कूलों में अभी तक झंडे नहीं भिजवाए गए हैं। ऐसे में विद्यार्थी पोस्टर व ड्राइंग बुक के पेज पर राष्ट्रीय ध्वज का चित्र बनाकर रैली निकाल रहे हैं। ऐसे में अध्यापक अपने स्तर पर झंडों का प्रबंध करने में लगे हुए हैं, लेकिन इन दिनों बाजार से भी झंडें नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते अध्यापक एक से दूसरी दुकान पर चक्कर लगा रहे हैं।
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विभाग की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव के तहत रैली निकालने के लिए आदेश दिए गए हैं। जबकि विद्यार्थियों के पास रैली में पकड़ने के लिए झंडे नहीं हैं। अध्यापक महेंद्र सिंह कलेर ने बताया कि अभी विभाग की ओर से झंडे नहीं भेजे गए हैं। इसके लिए स्कूल प्रभारी सहित अन्य अध्यापक बाजारों से झंडे खरीद रहे हैं, ताकि यह राष्ट्रीय महोत्सव शानदार हो। झंडे खरीदने के लिए अध्यापक बाजार में दुकानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन झंडे नहीं मिल रहे हैं। दुकानदार भी एडवांस पेमेंट के साथ बुकिंग कर रहे हैं, लेकिन मांग ज्यादा होने के चलते डिलीवरी भी समय पर नहीं मिल पा रही है। जगाधरी मॉडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि अपने स्तर पर झंडों का बंदोबस्त किया जा रहा है, लेकिन बाजार में इसकी भारी कमी है। बुकिंग पर भी ऑर्डर नहीं मिल पा रहा है। जिससे काफी परेशानी हो रही है।
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देश के साथ जिला भी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के महोत्सव के रंग में रंगा है। जिसके चलते जगह जगह तिरंगा लगा देखा जा सकता है। इससे बाजार में तिरंगे की मांग दस गुणा बढ़ गई है। जिसका असर यह है कि मांग के साथ दाम भी बढ़ गए हैं। बाजार में कागज का तिरंगा फुटकर में पांच रुपये का मिलता है, लेकिन इन दिनों इसके दाम दोगुना हो गए हैं। यह कागज का तिरंगा दस रुपये में भी नहीं मिल रहा है। वहीं 20 रुपये में मिलने वाला कपड़े का छोटा झंडा 30 से 40 रुपये में मिल रहा है। रेलवे रोड स्थित दुकान संचालक ओनिक ने बताया कि मांग बढ़ने से झंडों की भारी कमी हो गई है। ऐसे में दिल्ली से भी माल नहीं मिल पा रहा है। झंडा बनाने वाले भी कारीगर कम पड़ गए और दिन रात इसका काम चल रहा है।
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विभाग की ओर से दो दिन में खंड के सभी स्कूलों में झंडे भिजवा दिए जाएंगे। अभी कमी के चलते झंडे नहीं मिले हैं। इसके लिए मांग की गई है। दो दिन में सभी विद्यार्थियों में मांग के अनुरूप झंडे भिजवा दिए जाएंगे।
-दर्शन लाल, खंड शिक्षा अधिकारी, जगाधरी।
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